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5 गोल्ड मेडल पाने वाले अक्षत जैन की कहानी:कानपुर में पिता किराना स्टोर में नौकरी करते हैं, मां हाउस वाइफ; परेशानियों से लड़कर बने MNNIT टॉपर

प्रयागराज4 महीने पहले
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अगर हौसले बुलंद हैं और आप धारा के विपरीत चलने का हौसला रखते हैं, तो कोई आपका रास्ता नहीं रोक सकता। लोग आप पर नाज करने लगते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है MNNIT (मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के बीटेक सिविल इंजीनियर अक्षत जैन ने। अक्षत ने 2021 की बीटेक की सभी ब्रांचों में टॉप कर 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं। इसमें प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल भी शामिल है। ये सभी मेडल उनको 18 जनवरी को आयोजित दीक्षांत समारोह में वर्चुअली दिए जाएंगे। आइए जानते हैं अक्षत जैन की अभी तक की जर्नी के बारे में।

पिता ने कहा-बेटा तुम पढ़ो, हम कुछ भी करके तुम्हें पढ़ाएंगे

MNNIT का दीक्षांत समारोह 18 जनवरी को है।
MNNIT का दीक्षांत समारोह 18 जनवरी को है।

अक्षत जैन कानुपर के रहने वाले हैं। उनके पिता राजेश जैन कानपुर के एक किराना स्टोर में काम करते हैं। मां रेनू जैन गृहिणी हैं। बड़े भाई LIC के एजेंट हैं। अक्षत शुरू से पढ़ने में मेधावी रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कानपुर के सेंट फ्रांसिस जेवियर इंटर कॉलेज से पास किया है। उन्होंने यूपी बोर्ड से हाईस्कूल 88.6 फीसदी और इंटर में 91.4 फीसदी मार्क्स हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया था। हालांकि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से कई बार उनके सामने फीस का चैलेंज आया, लेकिन पिता ने हार नहीं मानी। अक्षत जब कभी डी मोटिवेट हुए तो पिता ने कहा- तुम पढ़ो, हम कुछ भी करके तुम्हें पढ़ाएंगे।

स्कॉलरिशप ने काफी मदद की

अक्षत जैन को फोटोग्राफी का भी शौक है।
अक्षत जैन को फोटोग्राफी का भी शौक है।

अक्षत ने बताया कि हम इतनी मोटी फीस भर पाने की स्थिति में नहीं थे। मगर, स्कॉलरिशप ने हमें काफी सहयोग किया। इससे हमारे परिवार पर बहुत आर्थिक बोझ नहीं आने पाया। अगर स्कॉलरिशप न मिलती, तो हमारे लिए बीटेक की फीस भर पाना कठिन होता। परिवार ने मुझे कदम-कदम पर सहयोग किया। कभी भी डी मोटिवेट नहीं होने दिया। समस्याएं आईं, पर हिम्मत और पारिवारिक सपोर्ट से चली गईं।

कैंपस प्लेसमेंट में GAIL में मिली पहली नौकरी

अक्षत ने बताया कि बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसकी नौकरी GAIL में लग गई है। इस समय वह GAIL विजयपुर में नौकरी कर रहे हैं। अक्षत ने सिविल इंजीनियरिंग की ब्रांच में बीटेक किया है।

अक्षत से जब उसके फ्यूचर प्लान के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि पहले कुछ साल नौकरी करके अपने घर की माली हालत सुधारना है। अभी बहुत आगे तक नहीं सोचा है। प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सवाल पर अक्षत ने कहा कि अभी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता अपने घर को आर्थिक सपोर्ट देना है। कुछ साल बाद इन सबके बारे में सोचूंगा।

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