पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61765.590.75 %
  • NIFTY18473.60.74 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47189-1.48 %
  • SILVER(MCX 1 KG)631020.23 %

महंत के पास कहां से आई रस्सी और सल्फास:शिष्यों ने पुलिस से कहा- कपड़े टांगने में परेशानी बताकर मंगाई थी रस्सी, उसी से बनाया फांसी का फंदा, पास ही सल्फास की डिब्बी भी मिली

प्रयागराजएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
महंत नरेंद्र गिरि का शव सोमवार की शाम उनके मठ के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला था।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के बाद से मठ में रहने वाले सेवादार और शिष्यों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मठ में मौजूद शिष्य बबलू का कहना है कि रविवार को ही महंत नरेंद्र गिरि ने गेहूं में रखने के लिए सल्फास की गोलियां मंगाई थीं। हालांकि, कमरे में मिली सल्फास की डिब्बी खुली नहीं थी। वहीं, एक शिष्य ने बताया कि महंत ने दो दिन पहले यह कहकर नायलॉन की नई रस्सी मंगाई थी कि कपड़े टांगने में समस्या आ रही है। शिष्य की ओर से उनके लिए नायलान की रस्सी लाई गई थी। इसी रस्सी से महंत ने फांसी लगाई।

शिष्य सर्वेश ने कहा- रस्सी काटकर फंदे से उतारा शव
प्रत्यक्षदर्शी सर्वेश ने बताया, 'मैंने और एक अन्य शिष्य सुमित ने महंत जी को फंदे से उतारा था। हर दिन महंत नरेंद्र गिरि शाम 5 बजे के आसपास चाय पीने के लिए कमरे से बाहर आते थे। सवा 5 बजे तक जब दरवाजा नहीं खुला तो दरवाजा को खटखटाया गया। फोन किया गया। फोन नहीं उठा। फिर दरवाजे को धक्का देकर भीतर दाखिल हुए तो देखा कि उनका शव फंदे पर लटक रहा था। रस्सी को काटकर शव को फंदे से उतारा गया। पुलिस को सूचना दी गई।

कमरे में पड़ा महंत नरेंद्र गिरि का शव।
कमरे में पड़ा महंत नरेंद्र गिरि का शव।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ में करीब 12 से अधिक CCTV लगे हैं। अब पुलिस को उम्मीद है कि इस CCTV की मदद से भी कुछ सुराग मिल सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस फुटेज के जरिए यह तलाश करने में जुटी है कि महंत नरेंद्र गिरि के कमरे में जाने के बाद कोई उनके कमरे में गया था या नहीं। वहीं शिष्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लेटे हनुमान जी मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी से दो दिन पहले किसी बात को लेकर उनकी नोकझोक भी हुई थी। आद्या तिवारी को हिरासत में ले लिया गया है।

बुलेट प्रुफ गाड़ी से चलते थे महंत नरेंद्र गिरि
महंत नरेंद्र गिरी बुलेट प्रुफ चारपहिया गाड़ी से चलते थे, वह कहीं भी निकलते थे तो उनके साथ तीन चार अन्य गाड़ियां भी जाती थीं। जिनमें उनके शिष्य और सरकार की ओर से सुरक्षा में तैनात गार्ड भी रहते थे। मठ में करीब आधा दर्जन से अधिक चार पहिया गाड़ियां खड़ी हैं, जिनमें से तीन गाड़ियां बुलेट प्रूफ हैं।

खबरें और भी हैं...