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त्रिग्रहीय योग में पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं का रेला:संगम पर कड़ाके की ठंड में भी 7 लाख लोगों ने किया स्नान, दिन भर जारी रहा श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला

प्रयागराज4 महीने पहले
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आज संगम में पौष पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।

पौष पूर्णिमा पर बन रहे त्रिग्रहीय योग पर संगम में सोमवार को शाम तक करीब 7 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान दान-पुण्य किया। सुबह चार बजे से ही संगम पर स्नान शुरू हुआ और अभी तक श्रद्धालुओं का रेला संगम की ओर आता जा रहा है। माघ मेले में पौष पूर्णिमा के दिन आ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी विशेष तैयारी की है। हालांकि कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन तो नहीं हो पा रहा है पर श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए माघ मेला क्षेत्र में 5 हजार पुलिसकर्मी भी लगाए गए हैं।

संगम क्षेत्र में श्रद्धालु आते रहे और पुलिस स्नान के बाद क्षेत्र खाली कराती रही।
संगम क्षेत्र में श्रद्धालु आते रहे और पुलिस स्नान के बाद क्षेत्र खाली कराती रही।

सूर्य की किरणों के साथ बढ़ती गई स्नानार्थियों की भीड़

पौष पूर्णिमा से ही माघ मेले का आरंभ माना जाता है। इसलिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु संगम की रेती पर जप और तप के लिए आ रहे हैं। एक तरह संगम की ओर श्रद्धालुओं का रेला है तो दूसरी तरफ ट्रैक्टर और टालियों में भरकर कल्पवासी अपने तंबुओं की ओर जा रहे हैं। इसी के साथ जैसे -जैसे सूरज की किरणें संगम क्षेत्र को अपने आगोश में ले रही थीं। उसके साथ ही संगम की ओर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही थी। मेलाधिकारी शेष मणि पांडेय ने बताया कि देर शाम तक स्नान करने वालों की संख्या यह संख्या 10 लाख तक हो सकती है। फिलहाल मेला क्षेत्र में व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

पौष पूर्णिमा के स्नान को संगम में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।
पौष पूर्णिमा के स्नान को संगम में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।

मंगलवार की भोर तक रहेगी पौष पूर्णिमा

ज्योतिर्विद एचके शुक्ला ने बताया कि पौष पूर्णिमा रविवार की रात 2:40 से शुरू होकर मंगलवार की भोर 4:30 तक रहेगी। इस दिन त्रिग्रहीय योग बनने से पौष पूर्णिमा का महत्व बढ़ गया है। मकर राशि में सूर्य, बुध और शनि के संचरण से विशेष ग्रहीय योग बन रहे हैं। इसके साथ ही साथ पुनर्वसु नक्षत्र, वैधृति योग से इस बार पौष पूर्णिमा पर स्नान का महत्व बढ़ गया है। आप किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर यह पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। इन ग्रहीय परिस्थितियों में संगम की रेती पर एक माह का कल्पवास शुरू करने, जप और तप करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष लाभ होगा।

माता लक्ष्मी की मिलती है विशेष कृपा

भगवताचार्य पंडित कृष्णभूषण शुक्ला ने बताया कि पौष पूर्णिमा के दिन धन संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं। जातक को मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना भी श्रेष्यकर होता है। यही नहीं इस पाठ को करने से घर में सुख- समृद्दि और शांति की वृद्धि होती है।

पौष पूर्णिमा के दिन संगम स्नान को जातीं महिलाएं।
पौष पूर्णिमा के दिन संगम स्नान को जातीं महिलाएं।

970 बसें व दो स्पेशल ट्रेनों का हो रहा संचालन

पौष पूर्णिमा को देखते हुए इस बार विशेष तैयारी की है। पौष पूर्णिमा के दिन देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज ने 970 बसों का तो रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों चलाने का निर्णय लिया है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया 970 बसों में 560 बसें रूटीन की हैं। वहीं रेलवे की ओर से दो स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज रामबाग से चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन सुबह सात बजे तो दूसरी 11 बजे बनारस के लिए रवाना होगी।

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