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  • Allahabad University Fee Hike Controversy Updates: In Allahabad University, The Protestors Protested With A Black Band In Their Hands, Demanding To Withdraw The Fees

फीस वृद्धि के विरोध में तीसरे दिन भी प्रदर्शन:इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अनशनकारियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर किया विरोध-प्रदर्शन, फीस वापस लेने की मांग

प्रयागराज3 महीने पहले
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर मंगलवार को भी छात्रसंघ बहाली व फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। अनशन स्थल पर छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 4 गुना फीस बढ़ाने के विरोध में हाथ में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव भी किया और बिना परीक्षा प्रमोशन की मांग की।

फीस वृद्धि वापस ले एयू प्रशासन

आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्रनेता अजय यादव सम्राट ने कहा कि छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर आंदोलन 707वें दिन भी जारी रहा। सम्राट ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अघोषित आपातकाल चल रहा है। एक तरफ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी अपनी सारी सुख-सुविधा का लाभ ले रहे हैं वही गरीब परिवार से आकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर अपने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। एक साथ कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि को लेकर अपना तुगलकी फरमान वापस नहीं लेता है तो विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

प्रमोट करने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी घेरा परीक्षा नियंत्रक कार्यालय

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लॉ के स्टूडेंट्स ने बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का दूसरे दिन भी घेराव किया और नारेबाजी ही। आंदोलन कर रहे छात्रनेता बढ़ी फीस को वापस लेने, बिना परीक्षा प्रमोशन देने और छात्रों के ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सोमवार की रात आंदोलन के दौरान छात्रनेताओं में आपस में ही मारपीट हो गई थी। बाद में पुलिस ने पहुंचकर सभी को वहां से भगाया।

फीस बढ़ाना विश्वविद्यालय प्रशासन की मजबूरी

उधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कह दिया है कि छात्रों की गलत मांग पर हम ध्यान नहीं देंगे। विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. जया कपूर का कहना है कि विश्वविद्यालय ने कई दशक बाद फीस बढ़ाई है। यह फीस इसलिए बढ़ाना अवश्यक हो गया है क्यों कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग खुद से अपने खर्चे निकालने की बात कहा रहा है। हमें संसाधनों को भी जुटाना है। ऐसे में फीस बढ़ाना आवश्यक हो गया था।

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