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पट्टी में खुदाई के बाद सूखे पड़ तालाब:पशु-पक्षी और मवेशी प्यास से बेहाल, ग्राम सभा के पास बजट नहीं, बीडीओ बोले- आसपास नहर होने पर ही भरा जा सकता पानी

पट्टी, प्रतापगढ़एक महीने पहले
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पानी के अभाव में सूखे पड़े तालाब। - Money Bhaskar
पानी के अभाव में सूखे पड़े तालाब।

पट्टी में भीषण गर्मी में इंसान छोड़िए पशु-पक्षी भी प्यास से व्याकुल हैं। इंसान तो खुद के लिए इंतजाम कर लेते हैं। असहाय पशु पक्षी क्या करें। तालाबों को मनरेगा के तहत खोदा गया था, लेकिन अधिकांश खाली हैं। जिन तालाबों के पास नहर है। उनमें तो पानी नहर से से भर दिया जाएगा। शेष को बारिश होने तक अभी खाली ही रहना होगा।

ग्राम सभा के पास बजट नहीं

तालाब और पोखरों के सूखा होने से पशु-पक्षियों को संकट झेलना पड़ रहा है। पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा ब्लाक क्षेत्र में तालाब पानी का अभाव होने से सूखे हैं, थोड़ा बहुत जो पानी है, वे किसी प्रयोग में हीं आ सकता। ग्रामसभा भी बजट का प्रावधान नहीं होने से इनको भरवा नहीं रही है। नहर और माइनर समीप होने के बाद भी तालाब भरवाने के इंतजाम नहीं हुए हैं।

पोखर में नाम मात्र ही बचा पानी।
पोखर में नाम मात्र ही बचा पानी।

इन गांव में सूखे पड़े पोखर

आसपुर देवसरा ब्लॉक के गांव पूरे दलपत शाह, धौरहरा, सिंहपुर, अकारीपुर, कबीरपुर, विक्रम पट्टी ,गोदल पट्टी, सेमराडीह, रामपुर बावरिया, ढाढ़र, भाटी, पर्वत पुर, दलापुर, धनेपुर, विझला ,बेहटा आदि गांव में तालाब हैं। तालाबों के अस्तित्व और सुंदरीकरण के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के तहत पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। उसके बाद भी अधिकतर तालाब प्यासे हैं।

जानकारी देते ग्रामीण।
जानकारी देते ग्रामीण।

भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे जानवर

क्षेत्र के रहने वाले गयादीन यादव का कहना है कि पुराने समय में तालाब पानी से भरे रहते थे, जिसका उपयोग पशु-पक्षी के अलावा अन्य लोग भी करते थे। छोटे लाल वर्मा का कहना है कि पानी की कमी के कारण जंगल तथा बाग के आसपास पशु प्यासे रहते हैं। वहीं नन्हेलाल का कहना है कि भीषण गर्मी में लोग पानी को तरस रहे हैं, तालाब सूखे हुए हैं।

जानकारी देते ग्रामीण।
जानकारी देते ग्रामीण।

बीडीओ ने जताई मजबूरी

खंड विकास अधिकारी आसपुर देवसरा आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में कई तालाब सूख चुके हैं। जिन तालाब के आसपास नहर है। उन तालाबों में पानी भरने का कार्य किया जा रहा है। जिस तालाब के पास नहर नहीं है। उनमें पानी नहीं भरा जा सकता। क्योंकि ट्यूबवेल से अगर पानी निकाल के तलाब में भरा जाएगा तो पानी का स्तर नीचे चला जाएगा।

जानकारी देते ग्रामीण।
जानकारी देते ग्रामीण।