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प्रतापगढ़ में 3 महीने बाद बच्चों को मिला एमडीएम:प्रिंसिपल और कोटेदार के बीच राशन को लेकर चल रहा था विवाद, अधिकारियों ने सुलझाया मामला

प्रतापगढ़6 महीने पहले
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प्रतापगढ़ में 3 महीने बाद बच्चों को मिला एमडीएम। - Money Bhaskar
प्रतापगढ़ में 3 महीने बाद बच्चों को मिला एमडीएम।

प्रतापगढ़ जिले में तीन महीने बाद प्राथमिक स्कूल के बच्चों को एमडीएम परोसा गया। रसोइया ने बच्चों को खाने के लिए दाल-चावल परोसा तो चेहरे खिल उठे। हालांकि एमडीएम का राशन न मिलने की जांच करने के लिए पूर्ति निरीक्षक स्कूल पहुंचे। बच्चों के साथ ही ग्राम प्रधान से मामले में जानकारी जुटाई।

सांगीपुर के विद्यालय का मामला

विकासखण्ड सांगीपुर के विद्यालय पूरे नारायणदास में बीते तीन महीने से एमडीएम नहीं बन रहा था। बताया गया कि कोटेदार स्कूल को खाद्यान्न ही नहीं दे रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद अधिकारियों ने शिकंजा कसा तो मंगलवार को कोटेदार ने स्कूल में खाद्यान्न भेज दिया। स्कूल में राशन पहुंचने के बाद बुधवार को सितम्बर महीने के बाद एमडीएम बना।

बच्चों को दाल-चावल परोसा गया

रसोइया नीतू के अनुसार महीनों बाद एमडीएम में बच्चों को दाल-चावल परोसा गया। बच्चों का कहना था कि उन्हें दोपहर में अब खाना खाने के लिए घर नहीं जाना होगा। प्रधानाध्यापक हरि प्रसाद मिश्र का कहना है कि कोटेदार ने जो खाद्यान्न भेजा है, वह एमडीएम का नहीं बल्कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों को वितरित होने वाला राशन है। ग्राम प्रधान के सहयोग से बुधवार से एमडीएम फिर से बनने लगा है।

अब ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी

यह भी बताया कि बुधवार को 78 बच्चे स्कूल आए हैं। बुधवार को ही पूर्ति निरीक्षक राज यादव स्कूल में एमडीएम खाद्यान्न न मिलने की शिकायत पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने शिक्षक, रसोइया, बच्चे और गांव के प्रधान से अलग-अलग बातचीत की। पूर्ति निरीक्षक के अनुसार प्रधानाध्यापक और कोटेदार के बीच एमडीएम को लेकर जो मतभेद था, उसे अब दूर कर दिया गया है। अब ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी।

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