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प्रिंसिपल ने छात्र को टीसी पर लिख दिया अपराधी:प्रतापगढ़ में पिटाई का विरोध करने पर दी सजा, बोला- पूरे देश में नहीं मिलेगा एडमिशन

प्रतापगढ़6 महीने पहले
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मामले का वीडियो भी सामने आया है। - Money Bhaskar
मामले का वीडियो भी सामने आया है।

प्रतापगढ़ में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल ने एक छात्र को टीसी में अपराधी घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि छात्र ने प्रिंसिपल की पिटाई का विरोध किया था। जिससे नाराज प्रिंसिपल ने छात्र की टीसी जारी कर उसमें अपराधी लिख दिया। साथ ही कहा कि पूरे देश में कहीं भी चले जाओ, एडमिशन नहीं मिलेगा। मामले का वीडियो भी सामने आया है।

मामला मंगरौरा ब्लाक के जगेश्वर यादव इंटर कालेज का है। कक्षा 11 के छात्र शिवशान्त सिंह के टीसी पर प्रिंसिपल ने अपराधी लिखकर उसे स्कूल से निकाल दिया। जानकारी पर छात्र की मां कालेज पहुंची। उसने प्रिंसिपल से मिन्नतें की और माफी मांगी। लेकिन इसके बाद उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

छात्र की टीसी में लिखा- अपराधिक प्रवृत्ति के कारण स्कूल से नाम पृथक किया जा रहा है।
छात्र की टीसी में लिखा- अपराधिक प्रवृत्ति के कारण स्कूल से नाम पृथक किया जा रहा है।

टीचर की पिटाई का किया था विरोध

प्रिंसिपल ने कहा कि मुझे जो करना था, कर दिया। अब कुछ नहीं होगा। पूरे देश में कहीं भी चले जाओ, एडमिशन नही मिलेगा। मैं कई छात्रों को मार चुका हूं किसी ने विरोध नहीं किया। जिसके बाद पीड़ित परिवार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। डीआईओएस और मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर गुहार लगाई है।

पहले चरित्र दिखाया था उत्तम

बता दें, टीसी में कक्षा 9 और 11 में इसी छात्र का चरित्र उत्तम दर्शाया गया है। छात्र शिवकांत ने बताया कि बीती 27 तारीख को छात्रों में आपस मे विवाद हुआ था जिसके गुरु जी ने मुझे डंडे से पीटा था। मेरे सिर और हाथ में चोट भी आई। इसी बात का विरोध करने टीसी में अपराधी लिखकर दे दिया।

प्रिंसिपल ने कहा कि मुझे जो करना था, कर दिया। अब कुछ नहीं होगा। पूरे देश में कहीं भी चले जाओ, एडमिशन नही मिलेगा।
प्रिंसिपल ने कहा कि मुझे जो करना था, कर दिया। अब कुछ नहीं होगा। पूरे देश में कहीं भी चले जाओ, एडमिशन नही मिलेगा।

जांच के बाद कार्रवाई होगी

डीआईओएस ने बताया कि मामला आईजीआरएस के माध्यम से संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया किसी भी छात्र की टीसी पर इस तरह का अंकन किया जाना न्यायोचित नहीं है।