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यूपी चुनाव:आगरा में सपा ने एत्मादपुर से वीरेंद्र चौहान, उत्तर से ज्ञानेंद्र गौतम और फतेहाबाद से पंडित राजेश शर्मा को उतारा

लखनऊ4 महीने पहले
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अखिलेश यादव की फोटो। - Money Bhaskar
अखिलेश यादव की फोटो।

समाजवादी पार्टी ने आगरा में एत्मादपुर सीट से डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान पर दांव खेला है। वहीं, फतेहाबाद सीट से पंडित राजेश शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। उत्तर सीट से ज्ञानेंद्र गौतम को चुनाव मैदान में उतारा है। दक्षिण सीट पर अभी कशमकश चल रही है। यहां से दिवंगत पूर्व सपा शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन के बेटे रिजवान या रवि प्रकाश अग्रवाल में से किसी एक को प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है।

बता दें कि समाजवादी पार्टी और रालोद के बीच गठबंधन होने से आगरा जनपद की नौ सीटों में से तीन सीट रालोद के खाते में चली गई हैं, जबकि 6 सीटें सपा के हिस्से में आई हैं। दो सीटों पर सपा अपने प्रत्याशी पहले घोषित कर चुकी है। सपा एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टर धर्मपाल सिंह के भाजपा में चले जाने के बाद उनकी जगह एक मजबूत प्रत्याशी की तलाश में थी। वह तलाश पूरी हो गई है।

AIMIM ने 8 सीटों के प्रत्याशियों के नाम किए जारी; साहिबाबाद से पंडित मनमोहन झा को टिकट

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने सोमवार को अपने प्रत्‍याशियों की दूसरी सूची जारी की। इसमें 8 सीटों के प्रत्‍याशियों के नाम हैं। इसमें एक हिंदू और बाकी 7 प्रत्याशी मुस्लिम हैं।

AIMIM ने यूपी में 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
AIMIM ने यूपी में 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

इस लिस्ट में साहिबाबाद से पंडित मनमोहन झा को टिकट दिया गया है। मुजफ्फरनगर सदर से इंतजार अंसारी, चरथावल से ताहिर अंसारी, फर्रुक्काबाद की भोजपुर सीट से तालिब सिद्दीकी, झांसी सदर से सादिक अली, अयोध्या की रुदौली से शेर अफगान, बरेली की बिथरी चैनपुर से तौफीक प्रधान, और बलरामपुर की उतरौला से डॉ. अब्दुल मन्नान को टिकट दिया गया है।

AIMIM ने यूपी में 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हालांकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के साथ पहले मिलकर भागीदारी संकल्‍प मोर्चा का ऐलान किया था। मगर, यह मोर्चा लंबे समय तक नहीं चल पाया। नतीजा यह रहा कि AIMIM इस बार उत्तर प्रदेश के चुनाव में अकेले ही ताल ठोक रही है।

अवतार सिंह भड़ाना ट्रैक्टर से नामांकन करने पहुंचे, जेवर से लड़ेंगे; भाजपा छोड़ रालोद ज्वाइन की थी

जेवर विधानसभा सीट से सपा-आरएलडी गठबंधन के प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना ट्रैक्टर से नामांकन करने पहुंचे।
जेवर विधानसभा सीट से सपा-आरएलडी गठबंधन के प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना ट्रैक्टर से नामांकन करने पहुंचे।

गौतमबुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट से सपा-आरएलडी गठबंधन के प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना ट्रैक्टर से नामांकन करने पहुंचे हैं। सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ आरएलडी का दामन थान लिया था।

4 बार सांसद रहे और भाजपा से मीरापुर के मौजूदा विधायक अवतार सिंह भड़ाना हाल ही में रालोद में शामिल हुए हैं। दिल्ली में रालोद मुखिया जंयत चौधरी के साथ मिलकर भाजपा नेता ने रालोद ज्वाइन की थी। इस विधानसभा चुनाव में अब वह गुर्जर बाहुल्य इलाके गौतमबुद्धनगर की जेवर सीट से चुनाव लड़ेंगे। 10 फरवरी को वेस्ट यूपी में पहले चरण का मतदान हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर

अगर पति-पत्‍नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं तो एक की ही लगेगी ड्यूटी

यूपी विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर नया निर्देश जारी किया है।
यूपी विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर नया निर्देश जारी किया है।

यूपी विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर नया निर्देश जारी किया है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अगर पति-पत्नी दोनों लोग सरकारी नौकरी में हैं तो एक की ही चुनाव ड्यूटी लगाई जाएगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ चंद्रशेखर ने यूपी के सभी DM को इस संदर्भ में निर्देश जारी किया।

बता दें कि चुनाव में सरकारी नौकरी करने वालों की ड्यूटी लगाई जाती है। पति और पत्नी दोनों की चुनाव में ड्यूटी लगाई जाने पर उन्हें काफी परेशानी होती है। चुनावी ड्यूटी के चलते ये लोग परिवार की जिम्मेदारी भी ठीक से नहीं निभा पाते थे। ऐसे में राहत देते हुए एक की ड्यूटी न लगाने का निर्णय लिया गया है।

  • चुनाव की अन्य खबरें-

सपा-आरएलडी गठबंधन ने दो और प्रत्याशियों की घोषणा की

सपा और आरएलडी गठबंधन ने सोमवार को दो सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा की। मेरठ के छपरौली से वीरपाल राठी और बागपत के बड़ौत से जयवीर सिंह तोमर को उम्मीदवार बनाया गया है। गठबंधन ने अब तक 37 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इसमें से 27 उम्मीदवार आरएलडी के हैं।

उधर, मुजफ्फरनगर सदर सीट से सपा ने पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के छोटे बेटे सौरभ स्वरूप उर्फ बंटी को टिकट दिया है।

समाजवादी पार्टी की मान्यता खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

याचिका में कहा- समाजवादी पार्टी ने कैराना में गैंगस्टर को टिकट देकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लघंन किया है।
याचिका में कहा- समाजवादी पार्टी ने कैराना में गैंगस्टर को टिकट देकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लघंन किया है।

समाजवादी पार्टी ने पिछलों दिनों यूपी विधानसभा के प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसमें कैराना से विधायक गैंगस्टर नाहिद हसन का भी नाम था। नाहिद को टिकट देने पर सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि समाजवादी पार्टी ने कैराना में गैंगस्टर को टिकट देकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लघंन किया है।

नाहिद कैरानाकांड मामले में फरार चल रहा था। 2016 में कैराना कांड सामने आया था। भाजपा के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि सपा सरकार में कैराना से हिंदू पलायन कर रहे हैं। कैराना मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। सपा की ओर से टिकट मिलने के बाद नाहिद हसन और समाजवादी पार्टी पर विपक्षी हमलावर हो गए। हालांकि विपक्षियों के निशाने साधने के बाद सपा ने उनका टिकट काट दिया और नाहिद हसन की बहन को प्रत्याशी बनाया है।

MLC सलिल को BJP कानपुर के आर्य नगर से लड़ाएगी चुनाव

सलिल विश्नोई लगातार तीन बार आर्य नगर सीट से विधायक रहे।
सलिल विश्नोई लगातार तीन बार आर्य नगर सीट से विधायक रहे।

कानपुर की आर्य नगर सीट पर BJP को सलिल की टक्कर का कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा। पार्टी इस सीट पर कोई रिस्क भी नहीं लेना चाहती है। इसके चलते प्रदेश की पहली ऐसी सीट है जिस पर MLC सलिल विश्नोई को टिकट देने का फैसला प्रदेश नेतृत्व ने लिया है। अब केंद्रीय चुनाव कमेटी की मुहर लगने के बाद लिस्ट में नाम जारी होगा।

सलिल विश्नोई का नाम फाइलन करने के पीछे की वजह बताई जा रही कि कानपुर में वह वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके कद का कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं है। इतना ही नहीं, लगातार तीन बार आर्य नगर सीट से विधायक रहे, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि मोदी लहर में 2017 में चुनाव हार गए थे। भाजपा के इंटरनल सर्वे में भी उनका नाम टॉप पर रहा है। इसलिए BJP ने उन्हें एक बार फिर से आर्य नगर सीट से प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया है।

2002 में चुने गए विधायक
सलिल विश्नोई 2002 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीत कर उत्तर प्रदेश की विधानसभा पहुंचे थे। काम के बल पर 2007 में दोबारा भी चुनाव जीते। इसके बाद नए परसीमन में सलिल विश्नोई का निर्वाचन क्षेत्र जनरलगंज से बदल कर आर्य नगर हो गया। अखिलेश की लहर के बाद भी सलिल 2012 में तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीत गए, लेकिन 2017 में वैश्य समाज की नाराजगी के चलते चुनाव हार गए। अब एक बार फिर उन्होंने सबको मैनेज कर लिया है।

शामली में नाहिद हसन मामले में सुनवाई आज

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद नाहिद हसन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। - फाइल फोटो
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद नाहिद हसन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। - फाइल फोटो

शामली में सपा विधायक नाहिद हसन को गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। आज इसी मामले को लेकर कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। विधायक के वकील नाहिद का पक्ष रखेंगे। नाहिद हुसैन नॉमिनेशन फाइल करने जा रहा था। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

सपा नेता नाहिद पर करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं। 2019 में शामली की विशेष अदालत ने नाहिद को भगोड़ा घोषित किया था और पूरे एरिया में मुनादी करवाई थी। सितंबर 2021 में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था, कुछ घंटों के बाद उसे जमानत मिल गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगा दिया था। कैराना पुलिस के मुताबिक पिछले साल नाहिद हसन सहित 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसमें उसकी मां तबस्सुम हसन और अन्य लोग भी शामिल थे।

कैराना कांड मामले में फरार चल रहा था
हाल ही में सपा और राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन ने 29 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इसमें कैराना से विधायक नाहिद हसन का भी नाम था। बाद में टिकट काटकर नाहिद हसन की जगह उसकी बहन इकरा को दे दिया गया। नाहिद कैराना कांड मामले में फरार चल रहा था। 2016 में कैराना कांड सामने आया था। भाजपा के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि सपा सरकार में कैराना से हिंदू पलायन कर रहे हैं। कैराना मुस्लिम बाहुल्य इलाका है।

पूर्व विधायक मुनव्वर हसन का बेटा है नाहिद
नाहिद हसन पूर्व विधायक मुनव्वर हसन के बेटे हैं। गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद से भूमिगत हो गया था। नाहिद की मां तबस्सुम पूर्व सांसद हैं। उन्होंने 2018 के उप चुनाव में कैराना से चुनाव जीता था। इसके अलावा मेरठ के किठौर से पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर को भी टिकट मिला है। ​

न अली, न बाहुबली, सिर्फ बजरंगबली, BJP विधायक के बयान से निर्वाचन आयोग खफा

नंदकिशोर ने कहा- मैं बजरंगबली का भक्त हूं। इसलिए ये मेरी आस्था का विषय है।
नंदकिशोर ने कहा- मैं बजरंगबली का भक्त हूं। इसलिए ये मेरी आस्था का विषय है।

गाजियाबाद में लोनी विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक एवं मौजूदा प्रत्याशी नंदकिशोर गुर्जर के कहा है कि 'लोनी में न अली, न बाहुबली, सिर्फ बजरंगबली'। प्रत्याशी के इस बयान पर निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विधानसभा क्षेत्र लोनी के रिटर्निंग ऑफिसर संतोष कुमार राय ने नंदकिशोर गुर्जर को भेजे नोटिस में कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस तरह का बयान बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जाएगी, जिससे जातियों, समुदायों, धार्मिक समूहों के बीच मतभेद बढ़ सकते हों या आपसी घृणा-तनाव पैदा हो सकते हों। रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा है कि नंदकिशोर गुर्जर अपना स्पष्टीकरण तीन दिन में दें, वरना एक पक्षीय कार्रवाई कर दी जाएगी।

नंदकिशोर की सफाई
मैं बजरंगबली का भक्त हूं। इसलिए ये मेरी आस्था का विषय है। जहां तक अली की बात है तो जो मोहम्मद अली जिन्ना था, उसने कत्लेआम कराया था, देश का बंटवारा किया था, उस संबंध में हमने बात कही है। बाहुबलियों के संबंध में जो चुनाव आयोग का निर्देश है कि उन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए, हमारे यहां एक बाहुबली को टिकट दिया गया है, हमने उसी संबंध में ये बात कही है। इसका किसी धर्म से कोई मतलब नहीं है।