पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लखीमपुर केस की SIT जांच से SC नाराज:कहा- ज्यादातर अफसर वहीं के, ऐसा IPS शामिल करें जो UP का बाशिंदा न हो

उत्तर प्रदेश7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
3 अक्टूबर को हुई लखीमपुर हिंसा में हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हुई थी। - फाइल फोटो। - Money Bhaskar
3 अक्टूबर को हुई लखीमपुर हिंसा में हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हुई थी। - फाइल फोटो।

यूपी सरकार ने दूसरे राज्य के हाई कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में लखीमपुर हिंसा की जांच पर हामी भर दी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और दो अन्य की जमानत पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने केस की मौजूदा SIT जांच से नाराजगी जताई।

कोर्ट ने यूपी सरकार से जांच के लिए बने विशेष पैनल को अपग्रेड करने को कहा, क्योंकि अधिकांश अधिकारी लखीमपुर खीरी से ही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से ऐसे IPS अफसरों के नाम मांगे हैं, जिन्हें जांच के लिए बनी SIT में शामिल किया जा सके। साथ ही कहा कि ये अधिकारी यूपी कैडर के हो सकते हैं, लेकिन राज्य के बाशिंदे न हों। बता दें, इससे पहले आशीष मिश्रा की बेल पर सुनवाई दो बार टल चुकी है।

मुख्य आरोपी के मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी आई
मामले के मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी SIT को मिल गई है। लैब में से तमाम डाटा रिकवर हो गए हैं। पुलिस जांच कमेटी को आशीष के मोबाइल में क्या डाटा मिला है, इसके बारे में अफसर बताने से बच रहे हैं। लखीमपुर हिंसा के पहले मुकदमे में पुलिस ने 9 अक्टूबर को मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा को जेल भेजा था। उस समय आशीष के पास से उनका मोबाइल बरामद किया था।

17 नवंबर तक टली सुनवाई
इस मामले की सुनवाई 17 नवंबर तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने कहा कि उसे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जज राकेश कुमार जैन समेत अन्य नामों पर विचार करने के लिए एक दिन का वक्त चाहिए।

लखीमपुर में रविवार को क्या हुआ था?
लखीमपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर नेपाल की सीमा से सटे तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे किसान भारी मात्रा में प्रदर्शन कर रहे थे, तभी अचानक से तीन गाड़ियां (थार जीप, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो) किसानों को रौंदते चली गईं। घटना से आक्रोशित किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हो गई। इसमें 4 किसान, एक स्थानीय पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं।

यह घटना तिकुनिया में आयोजित दंगल कार्यक्रम में UP के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले हुई। घटना के बाद उप मुख्यमंत्री ने अपना दौरा रद्द कर दिया था। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की कार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचला। इसके बाद UP में सियासत तेज हो गई है।