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सरकार, पेपर नहीं जिंदगी लीक होती है:CM योगी के टेन्योर में 8 बार पेपर लीक; 1 बार धांधली और 1 बार गलत पेपर बंट गया

4 महीने पहले
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यूपी में 2 तरह के लोग हैं, जो कोरोना से नहीं डर रहे हैं। पहले- चुनाव प्रचार करने वाले। दूसरे- पेपर लीक और परीक्षाओं के कैंसिल होने से परेशान छात्र। हर तीसरे दिन छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें अखबारों में छप रही हैं।

दरअसल, 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने यूपी में सीएम पद की शपथ ली थी। तब युवाओं को उम्मीद बंधी थी। सपा-बसपा की सरकारों में भर्तियों की धांधलियों ने जाने कितने लड़के-लड़कियों को माइग्रेन दे दिया था। जब विधानसभा चुनाव 2017 से पहले बीजेपी ने कहा कि वो यह सब रुकवा देगी। तब यूथ ने झट से भरोसा कर लिया। हालांकि सिर्फ 4 महीने ही बीते थे। 25 और 26 जुलाई 2017 को यूपी पुलिस दारोगा भर्ती की परीक्षा होनी थी, लेकिन पर्चा लीक हो गया।

योगी सरकार के 5 साल पूरे होने में 4 महीने बचे थे। 28 नवंबर 2021 को UPTET की परीक्षा होनी थी। हुई भी, लेकिन इस बार भी पेपर लीक हो गया। असल में योगी सरकार में एक-दो नहीं, कुल 8 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। करीब 83 लाख लड़के-लड़कियों की मेहनत पानी में चली गई। नीचे हमने हर परीक्षा की डिटेल दी है। उससे पहले आपकी एक राय लेंगे-

साल 2017: दारोगा भर्ती का पेपर लीक
25 जुलाई को यूपी पुलिस की उप निरीक्षक यानी दारोगा भर्ती परीक्षा के पेपर होने थे। पद थे, 3307। फॉर्म भरा था, 1 लाख 20 हजार लड़के-लड़कियों ने। सबके एडमिट कार्ड आ गए थे। कुछ ने 10 किलोमीटर की दौड़ लगानी शुरू कर दी थी। एग्जाम सेंटर भी ढूंढ लिए थे, लेकिन परीक्षा निरस्त हो गई। वजह बताई गई कि वॉट्सएप पर पेपर लीक हो गया है।

साल 2018: कई साल इंतजार के बाद भर्तियां आईं, पर 3 बड़े पेपर लीक हो गए

1. UPPCL का पेपर लीक: मार्च 2018। खूब इंतजार करने के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी UPPCL में 2849 पदों पर भर्ती आई। अलग-अलग पदों पर हजारों वैकेंसी थी। फॉर्म भरे, फीस भरी, एडमिट कार्ड लेकर, चप्पल पहनकर पेपर देने गए। भटक-भ‌टक के सेंटर ढूंढे, क्योंकि ऑनलाइन परीक्षा थी। सेंटर ऐसे इंस्टीट्यूट्स पर गए थे जहां कंप्यूटर हों। ऐसे इंस्टीट्यूट गली-कूचे में थे। फिर भी बच्चे समय पर पहुंचे और पेपर दिया, लेकिन फिर वही। पेपर लीक। एसटीएफ को जांच में लगाया गया। बस इतना पता चला कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। एग्जाम रद्द कर दिया गया।

2. UPSSSC लोअर सबॉर्डिनेट का एग्जाम रद्द: सितम्बर 2016। सपा की सरकार थी। UPSSSC लोअर सबॉर्डिनेट की 641 जगह निकली। 67 हजार 500 युवाओं ने धड़ल्ले से फॉर्म भर डाले। एग्जाम की तैयारी भी शुरू कर दी। पर दो साल तक कोई डेट नहीं आई। एक लम्बे इंतजार के बाद 15 जुलाई 2018 को एग्जाम हुआ। बस 31 हजार लड़के-लड़कियों ने ही एग्जाम दिया। वो भी पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया।

3. UPSSSC ट्यूबवेल ऑपरेटर परीक्षा पोस्टपोन: सितम्बर 2018। ट्यूबवेल ऑपरेटर के लिए एग्जाम होना था। इसके 3210 पदों के लिए 20 लाख 5 हजार 376 फॉर्म सपा सरकार में ही भर दिए गए थे। पर फिर वही कहानी- पेपर लीक हुआ और एग्जाम पोस्टपोन हो गया।

2018 में 3 और परीक्षाएं हुई थीं, एक में गलत पेपर बंट गया और दो में धांधली हो गई

1. यूपी आरक्षी नागरिक पुलिस : परीक्षा 18 और 19 जून 2018 को होनी थी। 10 लाख अभ्यर्थी एग्जाम देने पहुंचे। पेपर शुरू हुआ तो पता चला कि पर्चे ही गलत बांट दिए गए। पहली पाली की परीक्षा में दूसरी पाली का पेपर दे दिया गया। ये परीक्षा भी नई तारीख आने तक रद्द कर दी गई।

2. ग्राम विकास अधिकारी: मई 2018 में 1953 पदों पर ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती निकली। दिसम्बर 2018 में पेपर भी हुआ। 9.1 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। सब ठीक चल रहा था। अगस्त 2019 में रिजल्ट भी आ गया। लगभग डेढ़ साल बीतने के बाद भर्ती रद्द कर दी गई। वजह रिजल्ट के बाद धांधली।

3. 69000 शिक्षक भर्ती अभी तक चल ही रही है

दिसम्बर 2018: सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली।

5 जनवरी 2019: एग्जाम से एक दिन पहले पेपर आउट होने का हल्ला मचा।

6 जनवरी 2019: एग्जाम होना था और हुआ भी।

7 जनवरी 2019: कैंडिडेट्स ने प्रोटेस्ट शुरू कर दिए। यूपी पुलिस और एसटीएफ ने पूरे प्रदेश में 28 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। मामला ठंडा होता, उससे पहले ही 12 मई 2020 को रिजल्ट आ गया। टॉपर्स को 150 में से 130-145 नंबर तक मिले।

टॉपर भी ऐसे जिन्हें राष्ट्रपति का नाम भी नहीं पता। इनकी हाई स्कूल और इंटर की मार्कशीट भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। धांधली का शक और पक्का होने लगा। इस मामले में अभी तक कैंडिडेट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं, पर नियुक्ति मिलेगी भी या नहीं, इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया।

साल 2021: कोरोना से तो उबर रहे थे, लेकिन पेपर लीक से नहीं लड़ पाए

1. UPSSSC पेट एग्जाम: 6 अगस्त 2021, 75 जिले, पेट एग्जाम था। 20 लाख 73 हजार 540 युवा पेपर देने अपने सेंटर्स पर पहुंच गए थे। UPSSSC की तैयारी पूरी थी। 70000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, उसके बावजूद पेपर आउट हो गया।

2. यूपी टीईटी (UPTET): 28 नवंबर। इस दिन दो पेपर होने थे। एक UP SI का और दूसरा UPTET का। कई कैंडिडेट्स ने दोनों फॉर्म भरे थे। एग्जाम एक ही दे सकते थे तो UPTET देने का सोचा होगा। पहला पेपर सुबह 10 बजे से 12.30 बजे तक था जिसे 12 लाख 91 हजार 628 कैंडिडेट्स देने वाले थे।

दूसरा दोपहर 2.30 से शाम 5 बजे तक 8 लाख 73 हजार 553 कैंडिडेट्स को देना था। पहले पेपर वाले बच्चे सेंटर पर पहुंचे। एग्जाम भी टाइम से शुरू हो गया था। अचानक बीच एग्जाम में बिना कुछ बताए कैंडिडेट्स से आंसर शीट जमा करा ली गई। किसी की समझ नहीं आया कि हुआ क्या। सेंटर से बाहर आए, तब पता चला कि पेपर लीक हुआ है और एग्जाम रद्द कर दिया गया।

2021 की ये परीक्षा सरकार करा ही नहीं पाई
4 अप्रैल को 655 पदों पर फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा होनी थी। पर सबॉर्डिनेट सिलेक्शन कमीशन ने मार्च में इसे भी रद्द कर दिया। एग्जाम के इंतजाम नहीं हो पाए थे। कमीशन बोला- नया शेड्यूल जल्दी बताएंगे। 9 महीने बीत चुके हैं, अब तक तो एग्जाम नहीं हुआ।

2021 की ये परीक्षा तो कराई, पर रिजल्ट अब तक नहीं
सहायता प्राप्त स्कूल शिक्षक/प्रधानाचार्य (अक्टूबर 2021): 17 अक्टूबर को परीक्षा हुई। 18 अक्टूबर को पता चला कि डॉ. केएन काटजू इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल रामनयन द्विवेदी ने अपनी बेटी को पास कराने के लिए पेपर लीक करा दिया। एसटीएफ ने इनको गिरफ्तार कर लिया है। परीक्षा रद्द नहीं हुई, पर जिन कैंडिडेट्स ने पेपर दिए थे उनके रिजल्ट का अब तक कुछ अता-पता नहीं है।

5 साल 11 बड़ी परीक्षाएं रद्द। जब यूपी टेट की परीक्षा रद्द हुई थी तो सोशल मीडिया पर एक कैंडिडेट ने ये लिखा था-

पेपर लीक पर योगी सरकार ने क्या-क्या किया

  • दारोगा भर्ती का पेपर लीक 2017: जांच STF को सौंपी गई। रडार पर 15 आरोपी आए। 7 आरोपी पकड़े गए।
  • UPPCL का पेपर लीक 2018: स्टूडेंट , सॉल्वर और ऑनलाइन पेपर हैकर समेत 12 लोगों को STF ने गिरफ्तार किया।
  • UPSSSC लोअर सबॉर्डिनेट का पेपर लीक 2018: STF की जांच में पेपर लीक की बात कन्फर्म। कोई गिरफ्तारी नहीं।
  • UPSSSC ट्यूबवेल ऑपरेटर का पेपर लीक 2018: STF ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया। 5 कैंडिडेट्स और 6 पेपर आउट कराकर नकल कराने वाले लोग।
  • यूपी आरक्षी नागरिक पुलिस 2018: पुलिस और STF ने 35 लोग गिरफ्तार किए। STF मेरठ का बाबू और गाजियाबाद फायर स्टेशन का सिपाही भी शामिल।
  • UPSSSC पेट एग्जाम 2021: पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया।
  • यूपी TET 2021: STF ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया।
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