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मौलाना अरशद मदनी ने की उदयपुर की घटना की निंदा:मलेशिया से दिया बयान, कहा जमियत की नजर में मोबलिंचिंग की तरह उदयपुर की घटना भी गलत, मुसलमानों से धैर्य की अपील

मुजफ्फरनगर2 महीने पहले
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मौलाना अरशद मदनी-फाईल फोटो। - Money Bhaskar
मौलाना अरशद मदनी-फाईल फोटो।

जमियत उलमा हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उदयपुर की घटना की निंदा की है। उन्होंने राजस्थान के उदयपुर में पैगम्बर के नाम पर होने वाली हत्या की निंदा करते हुए मलेशिया से बयान जारी कर कहा कि जिस तरह वह जगह- जगह मॉबलिंचिंग के मुख़ालिफ़ थे। इसी तरह वह इस अमानवीय कृत्य को भी शांति व्यवस्था के लिए बहुत ख़तरनाक समझते हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के संविधान और उनके धर्म के खि़लाफ़ है। उन्होंने कहा कि वह हर व्यक्ति के लिए क़ानून को अपने हाथ में लेने के सदैव विरोधी रहे हैं। उदयपुर की घटना बहुत दुखद, ग़ैर इस्लामी और अमानवीय है। इसलिए इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। मौलाना अरशद मदनी इन दिनों राब्ता आलमे इस्लामी की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया गए हुए हैं।

बदजुबानी से पेगम्बर के अपमान के कारण बुरा हुआ

मौलाना अरशद मदनी ने यह भी कहा कि बद जुबान द्वारा पेगम्बर के अपमान के कारण जो कुछ हुआ बुरा हुआ। लेकिन देश में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सदभावना को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि इस पर धैर्य रखा जाए। उन्होंने आगे कहा कि वह जिस तरह इस घटना का विरोध करते हैं, उसी तरह वह इस बात के भी घोर विरोधी हैं कि किसी भी धार्मिक व्यक्ति की गरिमा का अपमान करके या किसी धर्म के खिलाफ़ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करके उसके मानने वालों की भावनाओं को आहत किया जाए। मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि देश के शक्तिशाली व्यक्तियों की खामोशी और अपमान करने वालों की गिरफ़्तारी का न होना वे कारण हैं जिन्होंने सारी दुनिया में देश की छवि को ख़राब किया। शांति व्यवस्था को आग लगाई है, इसलिए वह एक बार फिर सरकार से कहते हैं कि जिन लोगों ने पैगम्बर का अपमान किया है, उनको फ़ौरन गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में फिर कोई ऐसा करने का साहस न कर सके, और पूरी दुनिया के मुसलमानों को संतुष्टि भी प्राप्त हो सके।

मदनी ने की अपील, उनकी आपत्तियों पर ध्यान दे सरकार

मौलाना अरशद मदनी ने सरकार से अपील की वह उनकी आपत्तियों पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि वह आशा करते हैं कि सरकार उनकी आपत्तियों पर ध्यान देगी और इस अति गंभीर मामले के परिणाम को समझते हुए दोषियों को कानून के अनुसार दण्ड दिलवा कर जेल भिजवाएगी ताकि पूरी दुनिया के लोग भारत के लोकतंत्र को सराहना की दृष्टि से देखें। उन्होंने कहा कि वह अंत में एक बार फिर मुसलमानों से अपील करते हैं कि हर जगह धैर्य और भारत के भाईचारे एवं करुणा के पुराने इतिहास को ज़िंदा रखें।

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