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1783 गर्भवती महिला व 3518 बच्चे टीके से वंचित:मुजफ्फरनगर में 7 मार्च से चलेगा मिशन इ्ंद्रधनुष, 18 फरवरी से टीकाकरण की गतिविधियां

मुजफ्फरनगर6 महीने पहले
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प्रतिकात्मक फोटो। - Money Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो।

मुजफ्फरनगर में सात मार्च से मिशन इन्द्रधनुष-4 प्रारंभ होगा। जिसके लिए आवश्यक तैयारियां 18 फरवरी से प्रारंभ कर दी जाएंगी। अभियान के तहत जनपद में टीके से वंचित रह गए 1783 गर्भवती महिला व 3518 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।

सीएमओ डा. एमएस फौजदार ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 4 (आईएमआई-4.) जनपद में सात मार्च से शुरू होगा। नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए शून्य से दो वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों और गर्भवती को इस विशेष अभियान में निशुल्क टीके लगाए जाएंगे। जनपद में यह अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा।

सीएमओ ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान लॉकडाउन एवं अन्य कारणों से टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण करने के निर्देश शासन से मिले हैं। उन्होंने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष की गतिविधियां संचालित किये जाने के लिए शासन से तिथियां निर्धारित कर दी गयी हैं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि तीन चरणों में चलने वाले सघन मिशन इंद्रधनुष-4 का प्रथम चरण सात मार्च से शुरू होगा। इसका द्वितीय चरण चार अप्रैल और तृतीय चरण दो मई से शुरू होगा। विधानसभा चुनाव की मतगणना होने के कारण 10 मार्च को टीकाकरण कार्यक्रम स्थगित रहेगा।

टीकाकरण के लिए ये तिथियां की गई निर्धारित

एसीएमओ ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष-4 के लिए संचालित होने वाली गतिविधियां के लिए शासन से तिथियां निर्धारित कर दी गयी हैं। 18 फरवरी को राज्य स्तरीय संवेदीकरण, 19 से 23 फरवरी तक जनपद स्तरीय संवेदीकरण एवं ब्लाक स्तरीय अभिमुखीकरण, 24 से 26 फरवरी तक सर्वे, 28 फरवरी से दो मार्च तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाएगा, तीन मार्च को जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान पूरा कर समीक्षा की जाएगी, चार मार्च को राज्य स्तर पर माइक्रो प्लान जमा करना है। पांच मार्च को राज्य स्तरीय समीक्षा की जाएगी।

जिले के दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जाएगा टीकाकरण

डा. प्रशांत ने बताया कि अभियान के तहत 1783 गर्भवती महिला व 3518 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। जिले के सीमावर्ती इलाकों, ईंट भट्टों, निर्माणाधीन साइट, दुर्गम क्षेत्रों में विशेष रूप से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया टीकाकरण से अक्सर विस्थापित परिवार छूट जाते हैं। इसमें बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग आता है। कामकाज के हिसाब से यह लोग विभिन्न प्रदेशों और शहरों में घूमते हैं। इनके बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा जिले की सीमा से सटे इलाकों में बसे लोगों के बच्चों का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया टीकाकरण के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को विशेष रूप से जिम्मेदारी दी गयी है।

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