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मुजफ्फरनगर..गन्ने से घरों में पहुंची 3300 करोड़ की खुशहाली:जिले की आठ मिलों ने किया 114.53 लाख कुंतल चीनी का उत्पाद, गुड़ के 12 लाख कट्‌टो का भंडारण

मुजफ्फरनगर2 महीने पहले
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गन्ने की फसल का प्रतिकात्मक फोटो। - Money Bhaskar
गन्ने की फसल का प्रतिकात्मक फोटो।

गन्ने की फसल जिले की खुशहाली का सबब बन रही है। पैराई सत्र 2020-21 के दौरान जिले में पैदा हुई गन्ने की फसल के एवज में किसानों को लगभग 3300 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। इनमें 3000 करोड़ जिले की आठ चीनी मिल तथा लगभग 300 करोड़ रुपये का भुगतान खांडसारी उद्योग व कोल्हुओं से हुआ। कोल्हुओं में उत्पादन के बाद गुड़ के 12 लाख कट्‌टो का भंडारण किया गया। जबकि आठ चीनी मिलों में 114.53 लाख कुंतल चीनी का उत्पाद हुआ। यहां दो लाख से अधिक किसान गन्ना खेती में जुटे हैं।

क्राइम का दाग मिटा गन्ने ने दी जिले को नई पहचान

कभी क्राइम कैपिटल के नाम से कुख्यात रहा जिला आज गुड़-चीनी उद्योग की धुरी बन चुका है। पश्चिम में अलग पहचान रखने वाले मुजफ्फरनगर की लगभग दो लाख हेक्टेअर में से 1.66 लाख हेक्टेअर भूमि मेंं गन्ना फसल लहलहाती है। जिले के दो लाख से अधिक किसानों की अर्थव्यवस्था की रीढ माने जाने वाली गन्ने की फसल से पश्चिम में व्यापार और रोजगार के चलते खुशहाली के नए रास्ते भी खुले हैं।

आठ चीनी मिलों ने बदल दी अर्थव्यवस्था की तस्वीर

चीनी के कटोरे के नाम से विख्यात जिले की धरती खेती किसानी के लिए वरदान है। भूमि की उर्वरा शक्ति और क्षेत्र की आबोहवा गन्ने की खेती के लिए मुफीद है। लेकिन यहां स्थापित खतौली, तितावी, भैंसाना, मंसूरपुर, टिकौला, खाईखेड़ी, रोहाना तथा मोरना के आठ चीनी मिलों के कारण ही गन्ना किसानों की तरक्की का रास्ता साफ हुआ है।

1002 लाख कुंतल गन्ना पैराई कर दिये 3000 करोड़

जिले के आठ चीनी मिलों से गन्ना मूल्य के एवज में जिले के किसानों को 3000 करोड़ का भुगतान हुआ। पैराई सत्र 2020-21 में खतौली चीनी मिल से 756 करोड़, तितावी से 537, भैंसाना से 252, मंसूरपुर 452, टिकौला 551 तथा खाईखेड़ी से 207, रोहाना से 107 व मोरना चीनी मिल से 141 करोड़ का भुगतान किया गया।जिले में संचालित लगभग तीन हजार गुड़ कोल्हुओं से भी 300 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों काे किया गया। मिलों में 1002 लाख कुंतल से अधिक गन्ने की पैराई हुई। भैंसाना चीनी मिल पर किसनों का 195 और मोरना पर 26 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है।

चार सीजन में गन्ना किसानों को मिले 8900 करोड़

जिले की आठ चीनी मिलों से जिले के किसानों को पैराई सत्र 2017-18 में2046 करोड़, पैराई सत्र 2018-19 में गन्ना 1938 करोड़ तथा पैराई सत्र 2019-20 में गन्ना मूल्य के रूप में किसानों को 1930 करोड़ का भुगतान किया गया। इस तरह 2020-21 सहित गन्ना किसानों को लगभग 8900 करोड़ का भुगतान हुआ।

इन्होंने कहा..

अभी तक लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान हो चुका है। अगला पैराई सत्र शुरू हो चुका है। गत पैराई सत्र में चीनी मिलों ने 114.53 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया।

-डा. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी

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