पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मुजफ्फरनगर में प्रबुद्ध सम्मेलन:किसान आंदोलन पर बोले BJP नेता करमवीर- असली किसान खेतों में काम कर रहा, सर्व खाप केंद्र सरकार के साथ

मुजफ्फरनगरएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुजफ्फरनगर में प्रबुद्ध सम्म� - Money Bhaskar
मुजफ्फरनगर में प्रबुद्ध सम्म�

मुजफ्फरनगर जिले में आशीर्वाद बैंकट हॉल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, भाजपा के प्रदेश सह संगठन महा मंत्री करमवीर और प्रदेश सरकार में कौशल विकास मंत्री कपिलदेव अग्रवाल मौजूद रहे। साथ ही सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसान आंदोलन पर बोलते हुए करमवीर ने कहा कि जो सड़कों पर हैं, वो तो सड़कों पर ही रहेंगे। असली किसान तो अपने खेतों में काम कर रहे हैं। सर्व खाप केंद्र सरकार के साथ है।

बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनपद के सभी सामाजिक संगठन और प्रबुद्ध लोगों के साथ आशीर्वाद बैंकट हॉल में प्रबुद्ध सम्मलेन आयोजित किया गया। खास बात ये रही कि सम्मेलन में भाजपा नेताओं के साथ-साथ सभी कार्यकर्ता और प्रबुद्ध लोग बिना मास्क लगाए बैठे नजर आए। भाजपा के प्रदेश सह संगठन महा मंत्री करमवीर ने कहा कि कोरोना काल के बाद प्रदेश के सभी जनपदों में प्रबुद्ध लोगों के साथ हम प्रबुद्ध सम्मलेन कर रहे हैं। उसी क्रम में आज मुजफ्फरनगर में भी प्रबुद्ध सम्मलेन किया जा रहा है।

भाजपा के झंडे न लगाने या उतारने की किसी की हिम्मत नहीं

किसान आंदोलन पर बोलते हुए करमवीर ने कहा कि जो सड़कों पर हैं, वो तो सड़कों पर ही रहेंगे। असली किसान तो अपने खेतों में काम कर रहे हैं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत की भाजपा को चेतावनी पर करमवीर ने कहा कि भाजपा के झंडे न लगाने या उतारने की किसी की हिम्मत नहीं है। सर्व खाप केंद्र सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सभी की पार्टी है।

भाषा पर संयम रखना चाहिए

किसी के कहने से भाजपा का कोई काम रुकने वाला नहीं है। इस प्रकार की भाषा बोलकर, क्योंकि ये सभ्य भाषा नहीं है। इसलिए सभ्य भाषा का इस्तेमाल कर लोगों को अपना आंदोलन चलाना चाहिए। करमवीर ने कहा कि इस तरह के चेतावनी भरे शब्द किसी भी लोकतंत्र में उचित नहीं हैं। मेरा उनसे एक निवेदन और सुझाव है कि अपनी भाषा में संयम रखें। उनको आंदोलन करने का हक है, लेकिन कौन आएगा या कौन नहीं आएगा, वो ये लोग तय नहीं करेंगे। ये देश और प्रदेश सर्व समाज का है और रहेगा।