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मुजफ्फरनगर SSP के लिए चुनौती होगी कांवड़ यात्रा:एक दिन पहले ही शहर में हुआ ट्रांसफर

मुजफ्फरनगरएक महीने पहले
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विनीत जयसवाल-फाईल फोटो। - Money Bhaskar
विनीत जयसवाल-फाईल फोटो।

मुजफ्फरनगर एसएसपी अभिषेक यादव सहित शासन ने प्रदेश में 21 आइपीएस का ट्रांसफर कर दिया। अमरोहा के एसपी विनीत जयसवाल को जिले का पुलिस मुखिया बनाया गया है, जबकि मौजूदा एसएसपी अभिषेक यादव को ब्रज नगरी मथुरा की कमान सौंपी गई है।

आइपीएस विनीत जयसवाल सभालेंगे जिले में पुलिस मुखिया की कमान।
आइपीएस विनीत जयसवाल सभालेंगे जिले में पुलिस मुखिया की कमान।

नवागंतुक एसएसपी विनीत जयसवाल के लिए चार्ज संभालते ही सबसे बड़ी चुनौती कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने की रहेगी। जबकि निवर्तमान एसएसपी अभिषेक यादव के 3 साल में किए गए पुलिस सुधारों को कायम रख उनकी खींची लकीर को आगे बढाना भी उनके लिए अहम रहेगा।

सांडू की फरारी से हुआ था अभिषेक यादव का स्वागत

ये तस्वीर तत्कालीन SSP अभिषेक यादव की है। उन्होंने तीन साल के सफर में कई जिम्मेदारियां संभालीं।
ये तस्वीर तत्कालीन SSP अभिषेक यादव की है। उन्होंने तीन साल के सफर में कई जिम्मेदारियां संभालीं।

3 साल पहले 2 जुलाई के दिन ही मुजफ्फरनगर एसएसपी के तौर पर अभिषेक यादव ने जिले की कमान संभाली थी। यह भी विडंबना ही रही थी कि उनके चार्ज संभालने के दो घंटे के भीतर ही पुलिस कस्टडी से कुख्यात रोहित सांडू फरार हो गया था। अभिरक्षा में चल रहे एक दारोगा तथा एक पुलिस कर्मी गंभीर घायल हुए थे, जबकि दारोगा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

उस समय एक लाख के ईनामी रोहित सांडू को पकड़ना एसएसपी अभिषेक यादव के लिए बड़ी चुनौती बना था। लेकिन फरारी के लगभग 12 दिन के भीतर ही पुलिस ने सांडू को एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बाद से एसएसपी के तौर से अभिषेक यादव ने जिले में पीछे मुड़कर नहीं देखा। कानून व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस महकमे में कई आमूलचूल सुधार और नवाचार उनके नाम लिखे गए।

विनीत जयसवाल को समझनी पड़ेगी संवेदनशीलता
एसएसपी के तौर पर जिले की कमान संभालने आ रहे आइपीएस विनीत जयसवाल को जिले की संवेदनशीलता को समझकर ही आगे कदम बढ़ाना होगा। 26 जुलाई को शिवरात्री है और लगभग 12 जुलाई से जिले में कांवड़ यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। कोविड के चलते 2 वर्ष से कांवड़ यात्रा स्थगित होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

अनुमान है कि जिले से 2 करोड़ से अधिक कांवड़ यात्री होकर गुजरेंगे। जिला पुलिस तथा प्रशासन ने कावड़ यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं लेकिन आम तौर से संवेदनशील माने जाने वाले जनपद में इस धार्मिक पर्व को सकुशल संपन्न कराना चुनौती भरा तो माना ही जाता है।

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