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नकल कराने की दोषी शिक्षिका पर 1500 रुपये जुर्माना:मुजफ्फरनगर के वैदिक पुत्री पाठशाला में 21 साल पहले बोर्ड परीक्षार्थियों को नकल कराने में 4 पर हुई थी FIR

मुजफ्फरनगर2 महीने पहले
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प्रतिकात्मक फोटो। - Money Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो।

मुजफ्फरनगर में इंटर परीक्षार्थियों को गाइड से नकल कराने के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपित शिक्षिका को दोषी ठहराते हुए 1500 रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। 21 साल पहले नकल कराने के इस मामले में तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर माध्यमिक शिक्षा के आदेश पर कालेज प्रधानाचार्या ने 4 शिक्षिकाओं पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जुर्माना अदा न करने पर 7 दिन की सजा

अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट बोर्ड की दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान 9 अप्रैल 2001 को नई मंडी थाना क्षेत्र के वैदिक पुत्री पाठशाला में गाइड से छात्राओं को नकल कराने का मामला सामने आया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर मंडल के निर्देश पर परीक्षा केन्द्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्या संतोष गोयल ने परीक्षार्थियों को नकल कराने में कक्षा कक्ष में ड्यूटी दे रही 4 शिक्षिकाओं पर गाइड से नकल कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

इन 4 शिक्षिकाओं पर हुई थी रिपोर्ट दर्ज

अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि नई मंडी कोतवाली में परीक्षा के दौरान ड्यूटी देने वाली 4 शिक्षिकाओं ऊषा गुप्ता, अर्चना कामिनी तथा रीता कपूर के विरुद्ध सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद चारों शिक्षिकाओं को जमानत करानी पड़ी थी।

रीता कपूर ने किया था अपराध स्वीकार

अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि चारों आरोपितों में से एक रीता कपूर पत्नी जयपाल सिंह ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उन्होंने बताया कि रीता कपूर के मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम-1 प्रशांत कुमार की कोर्ट में हुई। उन्होंने बताया कि रीता ने अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि उसका कोई पैरोकार नहीं है। वह एक वृद्ध महिला है, भविष्य में वह कोई अपराध नहीं करेगी। माफ करते हुए उसे कम से कम दंड दिया जाए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने रीता को दोष सिद्ध करते हुए 1500 रुपये का जुर्माना भुगतने का आदेश दिया। जुर्माना न भुगतने पर 7 दिन की सजा का प्रावधान किया गया। रामअवतार सिंह ने बताया कि आरोपित शिक्षिका ऊषा गुप्ता एवं कामिनी को भी कोर्ट पहले ही दोषी ठहरा चुकी है, जबकि चौथी आरोपित अर्चना की फाईल अलग कर दी गई थी। उस पर मुकदमा विचाराधीन है।