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वेस्ट UP में सपा का गढ़ मुरादाबाद होगा टफ टास्क:पूर्ण बहुमत में होने के बावजूद 6 सांसद गंवाने वाली भाजपा का समझिए समीकरण

मुरादाबाद2 महीने पहले
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किसान आंदोलन ने वेस्ट UP में भाजपा की मुश्किलें पहले ही बढ़ा रखी हैं। ऐसे में सपा का गढ़ समझे जाने वाले मुरादाबाद मंडल में 2017 के प्रदर्शन को दोहरा पाना भाजपा के लिए टफ टास्क होगा। मुरादाबाद मंडल में पिछले एक महीने में CM योगी आदित्यनाथ 2 दौरे कर चुके हैं। इससे भाजपा की बेचैनी समझी जा सकती है। क्योंकि, 2017 में UP में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बावजूद साल 2019 में भाजपा मुरादाबाद मंडल में अपने सभी 6 सांसद गंवा चुकी है।

2017 के विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद मंडल की 27 में से 15 सीट भाजपा ने जीती थीं। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को 27 में से महज 6 विधानसभा सीटों पर ही लीड मिल सकी थी। जबकि 2014 में मुरादाबाद मंडल में सभी 6 सांसद भाजपा के थे। अब जाट मतदाताओं की नाराजगी भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा रही है। ऐसे में 2022 में सपा का यह गढ़ भेद कर 2017 के प्रदर्शन को दोहराना, सीएम योगी के लिए आसान नहीं होगा।

मुरादाबाद मंडल में 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजे

जनपदकुल सीटेंBJP जीती
मुरादाबाद62
संभल42
रामपुर52
अमरोहा43
बिजनौर86
कुल2715

2014 में लोकसभा की सभी 6 सीट भाजपा के खाते में

भाजपा ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में मुरादाबाद मंडल की सभी 6 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। सबसे टफ मानी जाने वाली संभल सीट भी भाजपा की झोली में गई थी। भाजपा के एडवोकेट सत्यपाल सिंह ने सपा के डॉ. शफीकुर्रमान बर्क को हराकर यहां पहली बार भाजपा का खाता खोला था। रामपुर से डॉ. नेपाल सिंह, अमरोहा से कंवर सिंह तंवर, मुरादाबाद से कुंवर सर्वेश सिंह, बिजनौर से कुंवर भारतेंदु, नगीना से यशवंत सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बने थे। लेकिन 2019 में भाजपा ने प्रदेश में सरकार होने के बावजूद ये सभी सीटें गंवा दीं।

सपा और बसपा के पास यहां 3-3 सांसद

मुरादाबाद मंडल में 6 लोकसभा सीट हैं। इनमें मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और संभल में 1-1 और बिजनौर में 2 लोकसभा सीट हैं। मुरादाबाद में सपा के डॉ. एसटी हसन भाजपा के सीटिंग सांसद कुंवर सर्वेश सिंह को हराकर सांसद बने। संभल में सपा के डॉ. शफीकुर्रहमान और रामपुर में सपा के मोहम्मद आजम खां भाजपा प्रत्याशियों को हराकर 2014 में संसद पहुंचे। मंडल की बाकी 3 लोकसभा सीटें BSP की झोली में गई थीं। अमरोहा से बसपा के कुंवर दानिश अली, बिजनौर से बसपा के मलूक नागर और नगीना से बसपा के गिरीश चंद्र मौजूदा समय में सांसद हैं।

2019 में सिर्फ इन 6 सीटों पर मिली लीड
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने 14 विधायक होने के बावजूद सिर्फ 6 विधानसभा सीटों पर ही लीड मिली। लोकसभा चुनाव में जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त बनाई उनमें राज्यमंत्री गुलाबो देवी की सीट चंदौसी, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख की सीट बिलासपुर, तत्कालीन कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की सीट नौगावां सादात, हसनपुर, मंडी धनौरा और मुरादाबाद नगर शामिल हैं।

ये विधायक अपने क्षेत्र में नहीं दिला सके वोट
मंडल में भाजपा के 8 विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिला सके। इनमें मुरादाबाद के कांठ विधायक राजेश सिंह उर्फ चुन्नू, संभल में गुन्नौर विधायक अजित कुमार उर्फ राजू, रामपुर में मिलक विधायक राजबाला, बिजनौर में बिजनौर विधायक सुचि चौधरी, चांदपुर विधायक कमलेश सैनी, बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह, नहटौर विधायक ओम कुमार, धामपुर विधायक अशोक कुमार राणा शामिल हैं।

नूरपुर उपचुनाव भी हार चुकी है भाजपा 2017 में भाजपा के पास मंडल में 27 में से 15 विधायक थे। लेकिन अब भाजपा के पास 14 विधायक ही हैं। नूरपुर से चुने गए भाजपा के लोकेंद्र चौहान की 2018 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में भाजपा ने उनकी पत्नी अवनी सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन वह सपा (महागठबंधन) के नईमुल हसन से चुनाव हार गई थीं। 2017 में बिजनौर की 8 में से 6 सीटें भाजपा की झोली में आई थीं। लेकिन नूरपुर उपचुनाव में हार के बाद यह संख्या घटकर 5 हो गई है।

सुशांत अपने पिता को ही नहीं दिला सके वोट
बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह 2019 के चुनाव में अपने पिता कुंवर सर्वेश सिंह को भी वोट नहीं दिला सके। 2014 में मुरादाबाद सांसद बने कुंवर सर्वेश सिंह ने 2019 में फिर से मुरादाबाद से भाजपा के टिकट पर चुनाव पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। बिजनौर की बढ़ापुर विधानसभा मुरादाबाद लोकसभा में आती है। सर्वेश सिंह को सिर्फ मुरादाबाद नगर सीट पर ही बढ़त मिली। अपने बेटे सुशांत सिंह की बढ़ापुर सीट पर भी उन्हें जीत हासिल नहीं हो सकी।

मुरादाबाद मंडल की सीटों की स्थिति

सीट का नामपार्टीविधायक
मुरादाबाद नगरभाजपारितेश गुप्ता
मुरादाबाद ग्रामीणसपाहाजी इकराम कुरैशी
कांठभाजपाराजेश कुमार उर्फ चुन्नू
मुरादाबाद कुंदरकीसपाहाजी रिजवान
ठाकुरद्वारासपानवाब जान खां
बिलारीसपामोहम्मद फहीम
सीट का नामपार्टीविधायक
रामपुर नगरसपातंजीन फातिमा
चमरौआसपानसीर अहमद खां
रामपुर बिलासपुरभाजपासरदार बलदेव सिंह औलख
स्वारसपाअब्दुल्ला आजम (निर्वाचन रद्द)
मिलकभाजपाराजबाला
सीट का नामपार्टीविधायक
हसनपुरभाजपामहेंद्र सिंह खड़गवंशी
अमरोहासपामहबूब अली
अमरोहा नौगावां सादातभाजपासंगीता चौहान
धनौराभाजपाराजीव कुमार
सीट का नामपार्टीविधायक
बिजनौर​​​​​​​भाजपासूचि चौधरी
नगीनासपामनोज पारस
चांदपुरभाजपाकमलेश सैनी
बिजनौर नजीबाबाद ​​​​​​​सपातस्लीम अहमद
बढ़ापुर​​​​​​​भाजपासुशांत सिंह
नूरपुर​​​​​​​सपा​​​​​​​नईमुल हसन
नहटौर​​​​​​​भाजपाओम कुमार
धामपुर​​​​​​​भाजपाअशोक राणा​​​​​​​
सीट का नामपार्टीविधायक
गुन्नौर ​​​​​​​भाजपाअजित कुमार उर्फ राजू
संभलसपाइकबाल महमूद
असमोली ​​​​​​​सपापिंकी यादव
संभल चंदौसी ​​​​​​​भाजपा​​​​​​​गुलाबो देवी

चेतन चौहान की मौत के बाद पत्नी बनी हैं विधायक
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे क्रिकेटर चेतन चौहान अमरोहा की नौगावां सीट से विधायक थे। कोविड संक्रमित होने के बाद 16 अगस्त 2020 को उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में BJP ने उनकी पत्नी संगीता चौहान को टिकट दिया था। उपचुनाव जीतकर अब संगीता चौहान नौगावां सादात से विधायक हैं।

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