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अनाथ समझ किया नाबालिक से दुष्कर्म, मिला आजीवन कारावास:जिगना थाना के गांव में आधी रात को हुई थी वारदात, बिन मां बाप के पीड़िता की आवाज बना चचेरा भाई

मिर्जापुर2 महीने पहले
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जनपद एवं सत्र न्यायालय मिर्जापुर - Money Bhaskar
जनपद एवं सत्र न्यायालय मिर्जापुर

विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने जिगना थाना इलाके के गौरा गांव में नाबालिक बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी कपिल और पारस नाथ को आजीवन कारावास की सजा शुक्रवार को सुनाया । 17 जुलाई 2020 को रात करीब 2 बजे घर के बाहर सो रही नाबालिक बालिका को मुंह दबाकर उठा ले जानें के बाद वारदात को अंजाम दिया गया था । दुष्कर्म करने वालों पर सजा के साथ ही 50 हजार का अर्थदंड लगाया हैं । अर्थदंड जमा न करने पर 1 वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा ।

सोते समय उठा ले गए थे पारस और कपिल

जिगना में क्षेत्र के गांव में 2020 के जुलाई माह की 17 तारीख मुसीबत बन कर आया । नाबालिक अपने घर के बाहर गर्मी के मौसम में सो रही थी। रात करीब 2 बजे दो लोग आए और मुंह दबाकर उसे उठा ले गए। एक ने मुंह दबाया था तो दूसरे ने हांथ पकड़ रखा था। दोनों ने दुष्कर्म किया। उस दौरान किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। खून से लथपथ बालिका को देख चचेरे भाई ने पुलिस को शिकायत की। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। न्यायालय में सात गवाहों का परीक्षण कराया गया। जिनके गवाह और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में फ़ैसला दिया।

कानूनी कार्रवाई के बाद 30 सितंबर को आया फैसला

बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार त्रिपाठी ने दुष्कर्म के आरोपी के सजा का फ़ैसला सुनाया। पास्को एक्ट में सुनवाई करते हुए धारा 376 में आजीवन कारावास और 50 हजार का अर्थदंड दिया । अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर 1वर्ष अतिरिक्त सजा काटना होगा । शासकीय अधिवक्ता पास्को कोर्ट सनातन कुमार सिंह ने साक्ष्यों और गवाहों को पेश करते हुए जोरदार पैरवी की। सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। जिसके चलते दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास से आरोपियों को दंडित किया गया।

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