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मिर्जापुर में बिजली चोरी रोकने के लिए बना अलग थाना:बिजली चोरी निरोधक दिया गया नाम,चार महीने में 819 केस हुए दर्ज

मिर्जापुर3 महीने पहले
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वि​​​​​​​द्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना - Money Bhaskar
वि​​​​​​​द्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना

मिर्जापुर में बिजली की चोरी रोकने और बकाया न जमा करने वालों के खिलाफ अलग से पुलिस थाना बनाया गया है। जिसे एंटी पॉवर थैफ्ट और बिजली चोरी निरोधक पुलिस थाना के नाम से भी जाना जाता है। चार माह में पुलिस ने अब तक 819 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी के मामले अधिक प्रकाश में आ रहा हैं । यह जानकारी विद्युत चोरी निरोधक थाना के एसआई उत्कर्ष कुमार मौर्य ने दी।

बिजली मूल्य की वसूली का प्रयास
बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने अलग से पुलिस थाना स्थापित किया है। जिसका लक्ष्य केवल बिजली चोरी रोकने और बकाया राशि न जमा करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करना हैं। जबकि इसके पूर्व क्षेत्रीय थानों में मामला दर्ज कराया जाता था। विवेचना भी नागरिक पुलिस करती थी। मामला लम्बा चलने के कारण पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने अलग से पुलिस बल का गठन किया। जो बिजली चोरी के खिलाफ और वसूली के दौरान बिजली विभाग की टीम के साथ सक्रिय रहती हैं।

थाने में तैनात है 12 पुलिस कर्मी
फतहा स्थित बिजली विभाग के परिसर में स्थापित थाना में 12 पुलिस कर्मियों का स्टाफ सेवारत हैं। मार्च से जून माह तक बिजली बकाया और चोरी के मामले में कुल 819 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जबकि पिछले वर्ष 962 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई किया गया था।

नगर में भी हो रही बिजली की चोरी
इस साल बकाया राशि वसूलने के लिए 240 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। जबकि कटिया मारकर या मीटर के साथ छेड़छाड़ कर बिजली चोरी के आरोप में 579 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जुर्माना लगाते हुए वसूली के लिए मुकदमा दर्ज किया गया। बिजली चोरी के मामले में जिगना में सर्वाधिक कार्रवाई की गई। इसी प्रकार विंध्याचल, चुनार और अहरौरा में मामला पकड़ में आया । तमाम कवायद के बावजूद नगर क्षेत्र में आज भी करीब 20 प्रतिशत बिजली की चोरी की जा रही है। जिसको रोकने के लिए विभागीय स्तर पर अभियान चलाया जाता रहा हैं।

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