पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मिर्जापुर में वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन:डीएम को हटाने की उठाई मांग, संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों की बुलाई बैठक

मिर्जापुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मिर्जापुर में वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन - Money Bhaskar
मिर्जापुर में वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन

मिर्जापुर में वरिष्ठ वकील के साथ जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार के दुर्व्यवहार से आहत वकीलों ने कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। तीन दिन की बंदी के बाद कोर्ट खुलने पर वकीलों ने न्यायायिक कार्य से विरत रहते हुए भ्रमण कर अपने आक्रोश का इजहार किया।

वकीलों ने जमकर की नारेबाजी

इस दौरान वकीलों ने नारेबाजी कर अपनी आवाज को बुलंद किया । डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जटाधार द्विवेदी ने वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम सुंदर शुक्ला के साथ अमर्यादित व्यवहार को अधिवक्ताओं का अपमान बताया । कहा कि अमर्यादित आचरण करने वाले जिलाधिकारी के स्थानांतरण होने तक आन्दोलन जारी रहेगा ।

वार्ता के दौरान शुरू हुई थी बहस

बताया जाता हैं कि 11 मई को वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम सुन्दर शुक्ल अपराह्न जिलाधिकारी के कार्यालय में पहुंचे थे । उन्होने डीडीसी की शिकायत की । इस पर जिलाधिकारी अपने पद की गरिमा को भूलकर कुर्सी छोड़कर अधिवक्ता के पास तक पहुंच गए थे । वाद विवाद के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडिशनल एसपी और डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने किसी प्रकार मामला शांत कराया था ।

कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं ने की नारेबाजी

तीन दिन की बंदी के बाद न्यायालय खुला तो एक बार फिर अधिवक्ता एकजुट होकर जिलाधिकारी के खिलाफ़ कोर्ट परिसर में भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार नारेबाजी की गई। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचते पहुंचते अधिवक्ताओं की तादात हुजूम में बदल गया । कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं ने डीएम के खिलाफ़ अपने आक्रोश का इजहार नारेबाज़ी करके किया गया ।

संघर्ष समिति ने सम्हाला मोर्चा

डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जटाधर द्विवेदी के साथ हुई बैठक के बाद अधिवक्ता संघर्ष समिति का गठन किया गया है । जिसमें अध्यक्ष कृपा शंकर मिश्र, कृष्ण मोहन तिवारी, गंगा प्रसाद यादव, बैकुंठ तिवारी, रतन मिश्र, हीरालाल पांडेय, शक्तिधर त्रिपाठी, पंकज श्रीवास्तव एवं ओम प्रकाश को शामिल किया गया है । संघर्ष समिति कहना है कि जब तक जिलाधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा । इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेगें।

खबरें और भी हैं...