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भगवान श्रीराम के बाण से हुआ दशानन रावण का अंत:आकर्षक झांकियों ने मन मोहा, मेला में उमड़ी भक्तों की भीड़

मिर्जापुर2 महीने पहले
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मिर्जापुर में विजया दशमी का पर्व परम्परा गत ढंग से मनाया गया। देर रात तक दशानन रावण के पुतले का दहन किया गया। नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर उमंग उत्साह रहा। नगर के बरियाघाट में भव्य मेले का आयोजन किया गया था।

मेला में विघ्नहर्ता भगवान गणेश की झांकी के साथ ही झांकियों का सिलसिला शुरू हो गया था। जो रावण दरबार के साथ ही खत्म हुआ। रावण दरबार के पास से भीड़ को दूसरे मार्ग पर मोड़ दिया गया। निकास द्वार के मार्ग पर मिट्टी व प्लास्टिक के खिलौनों के साथ ही तमाम तरह की दुकानें लगाई गई थी।

भव्य सजावट और झांकी सजाई गई थी
नगर के प्राचीन श्री रामलीला कमेटी के देखरेख भव्य सजावट और झांकी सजाई गई थी। गायकों के द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति की जा रही थी। जिसका वाद यंत्रों पर संगत अयोध्या के वादक कर रहे थे। सूर्य ढलने के साथ ही सड़को पर लोगों का काफिला बढ़ता गया। जो आधी रात बीत जाने के बाद भी जारी रहा।

श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के साथ फोटो लेने के लिए लोगों की लगी रही भीड़।
श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के साथ फोटो लेने के लिए लोगों की लगी रही भीड़।

भीड़ ने रावण पर हमला बोल दिया
विंध्याचल में बंगाली तिराहा के पास रावण का दहन नही किया गया। राम रावण युद्ध के बाद भीड़ ने रावण पर हमला बोल दिया। जिसके हाथ पुतले का जो ही हिस्सा मिला वह लेकर भाग निकला। मान्यता है कि आज के दिन रावण के पुतले मे प्रयोग किए गए बांस के टुकड़े को घर में रखने से संपन्नता, सुख और समृद्धि का वास होता है। घर में खटमल का भी असर नहीं होता।

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