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ड्रमंडगंज में दहन नहीं, रावण का सिर कलम होता है:पुतला बनकर तैयार; आज शाम 4 बजे प्रभु श्रीराम राम करेंगे वध

लालगंज (मिर्जापुर)2 महीने पहले
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मिर्जापुर जिले के ड्रमंडगंज बाजार का विजयादशमी मेला काफी प्रसिद्ध है। आम तौर पर दशहरा के विजय दशमी पर्व पर श्रीराम द्वारा रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन यहां पर रावण के पुतले का सिर कलम किया जाता है। यह परंपरा सौ सालों से भी अधिक समय से चली आ रही है। पूर्वजों की परंपरा को कायम रखने के लिए रावण के दस सिर वाले पुतले को तैयार कर लिया गया है। आज शाम चार बजे श्रीराम रावण का सिर कलम करेंगे।

ड्रमंडगंज में मंगलवार देर शाम को ही रावण के दस सिर वाले लोहे के पुतले को तैयार कर लिया गया। पुतले को सजाने संवारने में कलाकार दुल्लीचंद बिंद लगे रहे। उन्होंने बताया कि रावण के दस सिर वाला पुतले को तैयार कर लिया गया है। आज प्रभु श्रीराम इस रावण का सिर कलम करेंगे।

सौ सालों से भी अधिक समय से चल रही परंपरा
ड्रमंडगंज रामलीला कमेटी के अध्यक्ष लवकुश केसरी ने बताया कि ड्रमंडगंज में रावण के पुतले का सिर कलम करने की परंपरा सौ वर्ष से भी अधिक समय चली आ रही है। पूर्वजों की परंपरा को कायम रखने के लिए हर साल यही किया जाता है। विजयादशमी पर्व पर आज दशहरा मैदान में श्रीराम अपने हाथों से रावण के पुतले का सिर कलम करेंगे।

ड्रमंडगंज में रामलीला चल रही है।
ड्रमंडगंज में रामलीला चल रही है।

छटंकी मिस्त्री ने शुरू में किया था निर्माण
बता दें कि शुरू में छटंकी मिस्त्री ने शुरू में एक सिर वाले पुतले का निर्माण किया। बाद में कलाकार दुल्लीचंद बिंद ने एक सिर वाले पुतले का जीर्णोद्धार करके दस सिर वाले लोहे के पुतले का निर्माण कर दिया।

रामलीला कमेटी बाजार में घुमाती है पुतला
विजयादशमी पर्व पर लगभग बीस फीट ऊंचे रावण के पुतले को ड्रमंडगंज बाजार में घुमाया जाता है। इस दौरान सड़क पर भारी भीड़ उमड़ती है। लोग बड़े आनंद से दस सिर वाले रावण के पुतले का सिर कलम होते देखते हैं। पुतले का सिर कलम होने के बाद रामलीला कमेटी के सदस्य उसे अगले साल के लिए सुरक्षित रख देते हैं।

ड्रमंडगंज बाजार का विजयादशमी मेला काफी प्रसिद्ध है। यहां आसपास के गांवों के अलावा पड़ोसी जिले प्रयागराज और मध्य प्रदेश के लोग भी रावण का सिर कलम देखने के लिए आते हैं। ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। यह परंपरा सौ वर्ष से भी अधिक समय से चली आ रही है। ड्रमंडगंज रामलीला कमेटी इसका निर्वहन करते आ रही है।

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