पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मेरठ में संजय हत्याकांड का खुलासा:सौतेला भांजे ने ही की थी हत्या,आरोपी बोला-मामा हमारे घर मे दखल देता था, इसलिए किया मर्डर

मेरठएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आरोपी मोनू ने पुलिस को बताया कि सौतेले मामा से उसका झगड़ा हुआ था। - Money Bhaskar
आरोपी मोनू ने पुलिस को बताया कि सौतेले मामा से उसका झगड़ा हुआ था।

मेरठ के फलावदा क्षेत्र में किसान संजय चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सौतेले भांजे मोनू उर्फ विशांत को रविवार को उसके घर से गिरफ्तार किया है। वह मुख्य आरोपी है। उसके पास से तमंचा भी बरामद किया गया है। परिवार में रंजिश के चलते 29 जुलाई को उसने अपनी सौतेली मां के भाई की रात में एक बजे हत्या कर दी थी।

घर में खून से सना मिला था शव
बहसूमा थाना क्षेत्र के बतावली निवासी संजय कुमार (35) खेती करता था। वह फलावदा थाना क्षेत्र के झिंझाड़पुर गांव में बहन प्रवीणा, बहनोई योगेंद्र सिंह के यहां गया हुआ था। 29 जुलाई को रात में 1 बजे संजय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब गोली की आवाज सुनाई दी तो परिवार के लोग बरामदे में पहुंचे। जहां संजय खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला।

पड़ोसियों ने पुलिस को दी थी घटना की सूचना
पड़ोसियों द्वारा डायल 112 को सूचना दी गई। इसके बाद डायल 112 व एसओ फलावदा भी पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि 315 बोर की एक गोली कनपटी के पास मारी गई है।

संजय मोबाइल में वीडियो देख रहा था, भांजे ने मार दी गोली
पुलिस के मुताबिक जांच में पाया गया था कि संजय के कनपटी पर तमंचे से गोली मारी गई थी। गोली खुद से नहीं बल्कि किसी दूसरे ने चलाई थी। गोली दायी तरफ कनपटी पर लगी थी। मौके पर फिंगर प्रिंट भी लिए गए थे। जिसके बाद पुलिस हत्या का खुलासा करने में जुट गई थी। फोरेंसिक टीम ने अधिकारियों को बताया था कि किसी दूसरे व्यक्ति ने हत्या को अंजाम दिया है।

पुलिस के मुताबिक जांच में पाया गया था कि संजय के कनपटी पर तमंचे से गोली मारी गई थी।
पुलिस के मुताबिक जांच में पाया गया था कि संजय के कनपटी पर तमंचे से गोली मारी गई थी।

वारदात के समय में घर में मौजूद थे कई लोग

पुलिस ने बताया कि संजय की जिस मकान में गोली मारकर हत्या की गई है। वह घर संजय की बहन प्रवीणा का है। 29 जुलाई की रात में घर में संजय की बहन प्रवीणा, बहनोई योगेंद्र, 21 वर्ष का बेटा और एक बेटी घर में मौजूद थे। प्रवीणा योगेंद्र की दूसरी पत्नी है। योगेंद्र की पहली पत्नी के 2 बेटे भी घर में ही थे। जहां योगेंद्र की पहली पत्नी के बेटे मोनू उर्फ विशांत ने तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी।

आरोपी बोला-मामा हमारे घर मे देता था दखल

पुलिस ने इस मामले में घर के सभी सदस्यों से पूछताछ की थी। आरोपी मोनू ने पुलिस को बताया था कि हमारे घर में मेरी सौतेली मां (प्रवीणा) के भाई संजय का दखल ज्यादा रहता था। संजय अपना घर छोड़कर अधिकांश समय यही पर रहता था। कई बार मैंने उसे समझाया भी लेकिन वह नहीं माना। उससे मेरा झगड़ा भी हुआ। मोनू ने यह भी बताया कि संजय उसके साथ दुश्मन जैसा बर्ताव करने लगा था। वह अपने सगे भांजे को ज्यादा तवज्जो देता था।

संजय ने बेची थी जमीन, बहन को दिया था पैसा

संजय के पिता राजेंद्र सिंह की पूर्व में मौत हो चुकी है। संजय दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई वीरेंद्र विवाहित है, जो अपने गांव में खेती करता है। जबकि संजय ने पूर्व में 12 लाख रुपए की जमीन बेच दी थी। बताया गया है कि यह पैसा संजय की बहन और बहनोई के पास है। संजय बहन के घर पर ही रहता था।

संजय के उपर सात मुकदमे दर्ज

संजय के उपर 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बहसूमा में 2013 में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जबकि मुजफ्फरनगर और दूसरे जिलों में 6 मुकदमे हैं। संजय का दूसरा भाई वीरेंद्र भी उसे कई बार समझाता था कि अपराध करना छोड़ दे। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

खबरें और भी हैं...