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BJP में सुलगी विरोध की चिंगारी:वेस्ट यूपी में टिकट-बंटवारे के बाद बगावत, इन 7 सीटों पर हुआ विरोध जेपी नड्डा के घर तक पहुंचा

मेरठ5 महीने पहले
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वेस्ट यूपी में पहले चरण के चुनाव से पहले भाजपा में विरोध के सुर मुखर हो उठे हैं। पार्टी में टिकट को लेकर बगावत की जो चिंगारी प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पहले भड़की थी, वह विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी कार्यकर्ता प्रत्याशी से नाखुश हैं, तो कहीं खुद या अपने चहेते को टिकट न मिलने से नाराजगी है। अपनों का यह विरोध चुनाव में अंदरखाने में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए वेस्ट यूपी में किन जगहों पर हो रहा है किस नेता का विरोध...

1. मेरठ सिवालखास सीट पर मनिंदरपाल का विरोध

मेरठ की सिवालखास सीट पर भाजपा ने जाट चेहरे के रूप में मनिंदर पाल सिंह को उतारा है। उनको लेकर पार्टी में खेमेबाजी शुरू हो चुकी है और कार्यकर्ता विरोध में हैं। कार्यकर्ताओं ने भाजपा के मेरठ में बने पश्चिम क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनिंदर पहले सपा, बसपा की राजनीति कर चुके हैं।

मौका परस्ती देखकर मनिंदर ने मोदी लहर में भाजपा ज्वाइन की थी। पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट देकर गलत किया है। जो लोग बरसों से संगठन की सेवा कर रहे हैं, उनको टिकट मिलना चाहिए था। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जितेंद्र सतवाई को चुनाव लड़ाया था। सतवाई चुनाव जीत भी गए थे। विधायक समर्थक मनिंदर के टिकट का विरोध कर रहे हैं।

2. मेरठ शहर सीट पर कमलदत्त शर्मा का विरोध

मेरठ में भाजपा की पुरानी शहर सीट पर इस बार पार्टी ने कमलदत्त शर्मा को टिकट दिया है। कमलदत्त शर्मा के विरोध में राज्यमंत्री सुनील भराला के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सीट पर पंडित भराला की भी दावेदारी थी। मंत्री समर्थकों का कहना है कि कमलदत्त विवादित छवि का व्यक्ति है।

पिछले दिनों एक महिला के साथ गलत व्यवहार करते हुए कमलदत्त का वीडियो सामने आया था जो काफी चर्चा में रहा। पार्टी ने इसके बाद भी विवादित व्यक्ति को टिकट देकर गलत फैसला लिया है। रविवार को कई लोग कमलदत्त के विरोध में जेपी नड्‌डा के आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे।

योगी, जेपी नड्‌डा और अमित शाह।
योगी, जेपी नड्‌डा और अमित शाह।

3. बरेली में पूर्वमंत्री के बेटे ने जताया विरोध

बरेली में पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल के बेटे मनीष अग्रवाल को टिकट न मिलने से नाराजगी है। मंत्री के बेटे ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। सीट से संजीव अग्रवाल को टिकट मिला है, जो आरएसएस के खास हैं। राजेश अग्रवाल वर्तमान में भाजपा के कोषाध्यक्ष हैं। चूंकि पिता अच्छे पद पर हैं इसलिए संगठन ने यहां से टिकट के लिए दूसरा चेहरा चुना है।

4. बिथरीचयनपुर में डॉ. राघवेंद्र शर्मा का विरोध

बरेली के बिथरीचयनपुर सीट से राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल को टिकट न मिलने से खासा विरोध है। चर्चा है कि पार्टी ने इस सीट से आरएसएस के नजदीकी होने के कारण डॉ. राघवेंद्र शर्मा को टिकट दिया है। पप्पू समर्थकों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने संगठन की सेवा की, कोरोना काल में सेवा की, उसको टिकट नहीं देना गलत निर्णय है।

5. गाजियाबाद में मंत्री अतुल गर्ग के खिलाफ बंटे पर्चे

गाजियाबाद में पूर्व एमएलए और मंत्री अतुल गर्ग को दोबारा टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया है। मंत्री के खिलाफ लोगों ने पर्चे बांटे। लोगों का कहना है जो विधायक कोरोना काल में घर में बंद रहा, समाज के लिए कुछ काम नहीं कर सका, उसे टिकट देकर गलत किया है। लाइनपार उत्थान मोर्चा की ओर से ये पर्चे बांटे जा रहे हैं। वहीं, गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर मौजूदा विधायक सुनील शर्मा को टिकट देने पर भी विरोध है।

लोग भाजपा नेता सच्चिदानंद राय के नाम की सिफारिश कर रहे हैं, अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये लोग नोटा का प्रयोग करेंगे। वहीं, चर्चा है कि सच्चिदानंद शर्मा भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। लोनी प्रत्याशी मौजूदा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के टिकट पर भी सोशल मीडिया पर विरोध जताया जा रहा है, नंदकिशोर पर क्षेत्र को उपेक्षित करने का आरोप है।

6. बागपत योगेश धामा के खिलाफ नाराजगी

बागपत से विरोध के वीडियो सोशल मीडिया पर डाले जा रहे हैं। इसमें ग्रामीण बीजेपी विधायक योगेश धामा पर गंभीर आरोप लगाकर विरोध कर रहे हैं। दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विधायक योगेश धामा का विरोध किया है। बागपत से योगेश धामा का टिकट काटने को कहा था, इसको लेकर अभी तक लोगों की नाराजगी खत्म नहीं हुई है।

7. अमरोहा से पूर्व मंत्री चेतन चौहान की पत्नी को टिकट नहीं

अमरोहा से पूर्व मंत्री चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान टिकट की दावेदार थीं। संगीता मंडल की इकलौती भाजपा विधायक हैं, जिसका पार्टी ने टिकट काटा है। इसकी वजह से यहां ठाकुरों और समर्थकों में नाराजगी हैं। लोगों का कहना है कि जिस चेतन चौहान ने पूरा जीवन संगठन को समर्पित कर दिया, केवल उसी की पत्नी का टिकट क्यों काटा गया। संगीता अमरोहा जिले की नौगावां सीट से विधायक बनी थी। वहीं, ठाकुरद्वारा सीट से अभी तक किसी का टिकट न होने से भी विरोध बढ़ रहा है।