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मेरठ में 1 लाख का इनामी डकैत आशु गिरफ्तार:मुजफ्फरनगर में 20 लाख रुपए की डकैती डाली थी, हुलिया बदलकर बिहार में कपड़ा बेचता था, STF ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा

मेरठएक वर्ष पहले
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आशु पर मुजफ्फरनगर के SSP ने 01 लाख का इनाम घोषित किया था। - Money Bhaskar
आशु पर मुजफ्फरनगर के SSP ने 01 लाख का इनाम घोषित किया था।

मेरठ में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की बदमाश से मुठभेड़ हो गई। बदमाश ने खुद को घिरता देख एसटीएफ के जवानों पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाब में एसटीएफ के जवानों ने भी गोलियां चला दी। बदमाश के पैर में गोली लग गई। गोली लगने से वह घायल हो गया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़ा गया बदमाश एक लाख का इनामी डकैत है।

20 लाख की डकैती में था शामिल

STF मेरठ के डीएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि मुजफ्फरनगर के कोतवाली में 2017 में बदमाशों ने 20 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दिया था। डकैती की इस घटना में मेरठ के सरधना निवासी आशु उर्फ लंबू उर्फ खालिद(47) पुत्र अब्दुल हक निवासी सरधना, मेरठ फरार चल रहा था। आशु पर मुजफ्फरनगर के SSP ने 01 लाख का इनाम घोषित किया था। एसटीएस मेरठ व मुजफ्फरनगर क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में लंबे समय से लगी थी। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था।

पुलिस को पहले ही मिल गई थी सूचना

मुजफ्फरनगर के बढ़ाना इलाके में शुक्रवार को सुबह 5 बजे STF मेरठ की टीम को सूचना मिली कि आशु अपने अन्य साथियों के साथ बुढ़ाना इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। बुढाना के बाहर जब एसटीएस ने संदिग्ध बाइक सवार को रोका तो बाइक छोड़कर बदमाश गन्ने के खेत की तरफ भागने लगा। उसने एसटीएफ की टीम पर पिस्टल से फायर कर दिया। STF द्वारा भी गोलियां चलाई गई। इस दौरान बदमाश आशु के पैर में गोली लग गई। एसटीएफ की तीन ने उसे पकड़ लिया। उसके बाद मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल ले गई और भर्ती कराया। उसे जिसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने के बाद जेल भेजा जाएगा।

1997 में मेरठ में डाली थी पहली डकैती

सरधना निवासी आशु उर्फ आस मोहम्मद ने 1997 में पहली बार आपराधिक घटना को अंजाम दिया था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती डाली थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जेल से रिहा होने के बाद आंसू ने 1997 में ही दूसरी बार 1 लाख की लूट को अंजाम दिया। 2004 में उसने बागपत जिले में एक किसान की हत्या की थी। उसके खिलाफ मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर में लूट, हत्या, रंगदारी, डकैती और जानलेवा हमले के 42 मुकदमे दर्ज हैं।

हथियार सप्लायर भी रहा है आशु
आशु हथियार सप्लायर भी रहा है। मुठभेड़ की घटना के बाद STF ने उसके पास से एक अवैध पिस्टल बरामद की है। उसके पास से एक बाइक भी मिली। जो चोरी की बताई जा रही है। पिस्टल के बारे में बताया कि उसने इसे बिहार के मुंगेर से खरीदा था। बिहार के मुंगेर से वह कपड़ों में छिपाकर पिस्टल मुजफ्फरनगर मेरठ और अन्य जिलों में लाता था। वह अवैध हथियारों कि ऑन डिमांड सप्लाई करता था।

बिहार में बेचने लगा कपड़े,

2017 में मुजफ्फरनगर में डकैती की घटना के बाद आशु अचानक से गायब हो गया। वह बिहार चला गया। उसने पहले बिहार में फल बेचने के लिए ठेला लगाया। उसके बाद अपना हुलिया बदलकर बिहार में मधुबनी में कपड़े बेचने के लिए फेरी लगाने लगा। उसने एसटीएफ को पूछताछ में यह भी बताया कि 3 साल पहले उसने एक तलाशशुदा मुस्लिम महिला से शादी कर लिया था।

जबकि उसकी पहले से एक पत्नी थी। जो कि मेरठ के सरधना में रह रही है। उसके 6 बच्चे हैं। STF के DSP बृजेश सिंह ने बताया कि आशु को कुछ दिन पहले बकरीद मनाने बिहार से मेरठ आया था। वह1 दिन सरधना में रहा और उसके बाद मुजफ्फरनगर जिले में रहने लगा।

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