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RLD ने अपने गढ़ जाटलैंड में उतारे पार्टी प्रत्याशी:छपरौली में वीरपाल राठी, बड़ौत में जयवीर तोमर को प्रत्याशी बनाया

मेरठ4 महीने पहले
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जयंत चौधरी व पत्नी चारू चौधरी। - Money Bhaskar
जयंत चौधरी व पत्नी चारू चौधरी।

राष्ट्रीय लोकदल यानी आरएलडी के मुखिया जयंत चौधरी ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। सोमवार को आरएलडी मुख्यालय ने बागपत की बड़ौत और छपरौली विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

जाटलैंड की दोनों ही सीटों पर जयंत चौधरी व उनकी पत्नी चारू चौधरी खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। छपरौली सीट पर वीरपाल राठी व बड़ौत पर जयवीर तोमर को चुनाव मैदान में उतारा है। दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से पहले ही पब्लिश कर चुका है। कि जयंत चौधरी व उनकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं। चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद पहली बार किसी चुनाव में पार्टी की कमान जयंत के कंधों पर है।

सभी सीटों पर ताकत लगाए हैं जयंत
27 दिसंबर 1978 को जन्मे जयंत चौधरी इस समय राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के पुत्र और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र हैं। जयंत चौधरी यूपी के मथुरा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। साल 2021 में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के निधन के बाद पार्टी की जिम्मेदारी जयंत के कंधों पर आ गई। किसान आंदोलन के बाद इस विधानसभा चुनाव में रालोद मुखिया निजी सीट पर अपने खुद के लिए ताकत न लगाकर पार्टी के लिए ताकत लगा रहे हैं। जाटलैंट की छपरौली विधानसभा चौधरी परिवार और आरएलडी की विरासत है।

पूरे वेस्ट को छपरौली बनाना है
जयंत चौधरी इस समय अखिलेश यादव से गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे हैं। किसान आंदोलन में वह किसानों के साथ रहे। भारतीय किसान यूनियन भी समर्थन कर रही है। मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना सीट से लोकदल ने राजपाल बालियान को प्रत्याशी बनाया है। जिससे साफ है की जयंत बालियान खाप का समर्थन चाह रहे हैं। इसी खाप से संजीव बालियान केंद्रीय मंत्री हैं। भाजपा को घेरने के लिए वेस्ट यूपी में आरएलडी ने जाट व मुस्लिमों के सहारे पूरी रणनीति तैयार की है।

19 सितंबर 2021 को चौधरी अजित सिंह की छपरौली में जब श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, तो उसमें जयंत चौधरी ने मंच से कहा था- पूरे वेस्ट यूपी को छपरौली बनाना है। जयंत चौधरी ने तभी साफ कर दिया था कि वह इस चुनाव में जितनी सीट पर चुनाव लड़ेंगे, पूरी ताकत से लड़ेंगे।

चुनाव में प्रचार करेंगी चारू चौधरी

जयंत चौधरी की पत्नी चारु चौधरी भी चुनाव लड़ने से दूर हैं। पार्टी नेताओं ने बताया कि जयंत और उनकी पत्नी ने कहा है कि परिवार चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। परिवार के लिए पार्टी को आगे बढ़ाना पहली जिम्मेदारी है। रालोद किसानों की पार्टी है। हर कार्यकर्ता की तरह चुनाव में काम किया जाएगा। रालोद इस चुनाव में पिछले 2 दशक की राजनीति में अपने आप को मजबूत स्थिति में होने का दावा कर रही है।

84 साल से आरएलडी का गढ़ है छपरौली

बागपत जिले की छपरौली विधानसभा सीट आरएलडी का गढ़ है। इस छपरौली सीट ने चौधरी परिवार को कभी निराश नहीं किया। 1937 के चुनाव से लेकर 1977 तक इस सीट पर चौधरी चरण सिंह लगातार विधायक बने। इसी सीट से चुनाव जीतकर चौधरी चरण सिंह ने यूपी के सीएम बनने की कुर्सी हासिल की। आरएलडी ने इस सीट पर जिसे भी चुनाव में उतारा यहां की जनता ने कभी निराश नहीं किया।

इसी जाटलैंड बागपत से चौधरी चरण सिंह तीन बार सांसद और चौधरी अजित सिंह छह बार सांसद रहे। जयंत यदि चुनाव लड़ते तो उनके लिए छपरौली सबसे मुफीद सीट होती और चारू चौधरी चौधरी के लिए बड़ौत विधानसभा, लेकिन चौधरी परिवार तीसरी पीढ़ी में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला ले चुका है।