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पश्चिमी UP में बुखार के 1 हजार मरीज:70 फीसदी मरीज गाजियाबाद और मेरठ सहित 6 जिलों में; मथुरा में 8 व फिरोजाबाद में 39 मौतें

मेरठ9 महीने पहले
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पश्चिमी यूपी के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 70 फीसदी मरीज बुखार के हैं।

कोरोना की तीसरी लहर से पहले उत्तर प्रदेश में रहस्यमी बुखार डॉक्टरों के लिए चिंता का नया कारण बन गया है। पश्चिमी यूपी के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 70 फीसदी मरीज बुखार के हैं। बच्चों से बुजुर्गों तक बुखार फैल रहा है। पश्चिमी यूपी में अब तक बुखार के 1 हजार मरीज मिल चुके हैं।

हफ्ते भर में इससे करीब 50 मौतें हुई हैं, जिनमें 26 बच्चे शामिल हैं। सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि ये मौतें 7 दिन में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, एटा और कासगंज जिलों में दर्ज की गई हैं। सभी मामलों में तेज बुखार, डिहाइड्रेशन और प्लेटलेट काउंट में अचानक गिरावट के लक्षण उभरे हैं। हालांकि, सैकड़ों लोग इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं, लेकिन बुखार को मात देने में इन्हें 15 दिन से भी ज्यादा का समय लगा है।

सरकारी और निजी डॉक्टरों के पास बढ़े मरीज
पश्चिमी यूपी में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी से लेकर निजी चिकित्सकों की ओपीडी फुल हैं। बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा है। मेरठ में अब तक बुखार के 200 मरीज मिल चुके हैं। गाजियाबाद के मेडिकल अस्पताल में 700 मरीजों की ओपीडी में 400 मरीज केवल बुखार के हैं। सहारनपुर में भी हालात खराब हैं, यहां सरकारी अस्पताल की ओपीडी में 2000 मरीजों में से 600 बुखार के हैं। नोएडा में अब तक 23 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, इसमें 5 डेंगू के हैं। वहीं, अलीगढ़ में 500 मरीज रोजाना वायरल फीवर के मिल रहे हैं। मथुरा में संदिग्ध बुखार से 8 मौतें हो चुकी हैं।

मेरठ मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार का कहना है वेस्ट यूपी के आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज में वायरल बुखार के काफी मरीज मिल रहे हैं। मेरठ मंडल के जिलों में बुखार के मरीज हैं लेकिन मेरठ में बुखार से कोई मौत नहीं हुई है।

वेस्ट यूपी के आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज में वायरल बुखार के काफी मरीज मिल रहे हैं।
वेस्ट यूपी के आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज में वायरल बुखार के काफी मरीज मिल रहे हैं।

आंखों में अंधेरा, मेमोरी लॉस जैसे लक्षण
आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) मेरठ के अध्यक्ष रहे डॉ. तनुराज सिरोही कहते हैं, ये कोरोना के नहीं वायरल के लक्षण हैं। बुखार के मरीजों में कमजोर आईसाइट और मेमोरी लॉस के लक्षण सामने आ रहे हैं। वायरल में एंटीबॉयोटिक की 5 दिन की डोज से मरीज ठीक होता है, लेकिन इस बार एंटीबॉयोटिक की हैवी डोज देनी पड़ रहा है। सिर दर्द, थकान, पैरों में दर्द, आंखों में जलन, चक्कर आना, सिर घूमना, प्लेटलेट गिरना, शरीर पर चकत्ते जैसे सभी लक्षण बुखार में आ रहे हैं।

पोस्ट कोविड का इंपैक्ट माना जा रहा बुखार
मेरठ मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. टीवीएस आर्या कहते हैं वायरल से हटकर ये बुखार पोस्ट कोविड इंपैक्ट माना जा सकता है। कोविड के दौरान जिस तेजी से इम्युनिटी लॉस हुई है इसका असर अब भी मरीजों में दिखाई पड़ रहा है।

मेरठ मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. टीवीएस आर्या कहते हैं वायरल से हटकर ये बुखार पोस्ट कोविड इंपैक्ट माना जा सकता है।
मेरठ मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. टीवीएस आर्या कहते हैं वायरल से हटकर ये बुखार पोस्ट कोविड इंपैक्ट माना जा सकता है।

फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा 39 मौतें हुईं
सबसे ज्यादा 39 मौतें फिरोजाबाद में दर्ज की गई हैं। सीएमओ डॉक्टर नीता कुलश्रेष्ठ बताती हैं कि मरने वालों में कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं था। डॉक्टर इसे गंभीर चिंता का विषय मान रहे हैं। पहले वायरल फीवर खत्म होने में 4-5 दिन लगते थे। इस वायरल को खत्म होने में 12 से 15 दिन लग रहे हैं। यहां एक बेड पर दो से तीन मरीज रखे जा रहे हैं।

मथुरा में बुखार से अब तक 8 लोगों की मौत
मथुरा के फरह ब्लॉक के 3 गांव में हालात भयावह हैं। यहां महज 4 दिन के अंदर बुखार के चलते 8 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि 180 से ज्यादा लोग बीमार हैं, जिनका मथुरा के अलावा आगरा और भरतपुर में इलाज चल रहा है। ब्लॉक का कोंह गांव सबसे ज्यादा प्रभावित है।

मथुरा के फरह ब्लॉक के 3 गांव में हालात भयावह हैं। यहां महज 4 दिन के अंदर बुखार के चलते 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
मथुरा के फरह ब्लॉक के 3 गांव में हालात भयावह हैं। यहां महज 4 दिन के अंदर बुखार के चलते 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

यहां की करीब 3500 की आबादी में 150 से ज्यादा लोग खांसी, जुकाम व बुखार से बीमार हैं। वहीं, पिपरौठ गांव में वायरल से करीब 20 से 25 लोग बीमार हैं। अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे ही हालात रैपुराजाट के हैं। यहां भी इस बीमारी में 12 से ज्यादा लोग हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में वायरल फीवर से बचाव के लिए दवाओं का वितरण कर रही है। टीमें घर-घर तक पहुंचकर रोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

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