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स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर कालिख पोती:मेरठ में बहादुर शाह जफर और खान बहादुर खान के चित्रों पर कालिख पोतकर लिखा 'नॉट फ्रीडम फाइटर'

मेरठ3 महीने पहले
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यूनिवर्सिटी कैंपस की दीवार पर स्वतंत्रा सेनानी के चित्रों पर कालिख, साथ में लिखा नोट फ्रीडम फाइटर

मेरठ में स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर कालिख पोतने का मामला सामने आया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय रोड पर कैंपस की मुख्य दीवार पर शरारती तत्वों ने स्वतंत्रता सेनानियों की दीवार पर कालिख पोत दी। रात में यूनिवर्सिटी कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों ने देखा तो हंगामा कर दिया। सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराया।

माहौल बिगाड़ने का प्रयास

मेरठ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की शुरूआत मेरठ से हुई थी। 10 मई 2022 को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ में 1857 की क्रांति वीरों को नमन करने मेरठ आए थे। मुख्यमंत्री ने औघड़नाथ मंदिर और शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को नमन करते हुए पुष्प अर्पित किए।

यूनिवर्सिटी की दीवार पर कालिख पोते जाने की छात्रों से जानकारी लेती मेडिकल थाने की पुलिस।
यूनिवर्सिटी की दीवार पर कालिख पोते जाने की छात्रों से जानकारी लेती मेडिकल थाने की पुलिस।

जिस तरह से यूनिवर्सिटी कैंपस की मुख्य दीवार पर स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर कालिख पोती गई है उससे कुछ शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मेरठ में सिविल लाइन क्षेत्र, विश्वविद्यालय रोड और अन्य स्थानों पर दीवारों पर स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पेटिंग से बने हुए हैं।

बहादुर शाह, खान बहादुर खान के चित्रों पर कालिख

दीवार पर बने चित्र की हाथ से छू कर जांच करते पुलिसकर्मी।
दीवार पर बने चित्र की हाथ से छू कर जांच करते पुलिसकर्मी।

रात में मामला एसपी सिटी विनीत भटनागर के संज्ञान में आया। जिसके बाद एसपी सिटी ने मेडिकल पुलिस को मौके पर भेजा। फोटो में देख सकते हैं की कैंपस की दीवार पर खान बहादुर खान और बहादुर शाह जफर के चित्र पर कालिख की गई है। शरारती तत्वों ने यह भी लिख दिया की नॉट फ्रीडम फाइटर।

एफआईआर दर्ज

एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है की मेरठ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिन लोगों ने ऐसा किया है पुलिस जांच कर कार्रवाई करेगी।

कौन हैं बहादुर शाह जफर

भारत के आखिरी मुगल बादशाह थे बहादुर शाह जफर। 1857 की लड़ाई में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ नेतृत्व किया था।
भारत के आखिरी मुगल बादशाह थे बहादुर शाह जफर। 1857 की लड़ाई में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ नेतृत्व किया था।

बादशाह बहादुर शाह जफर भारत के आखिरी मुगल बादशाह थे। इनका जन्म 24 अक्टूबर, 1775 को हुआ था। मेरठ से जब अंग्रजों के खिलाफ 1857 की क्रांति शुरू हुई, तब अंग्रेजों के आक्रमण से आक्रोशित विद्रोही सैनिक और राजा-महाराजाओं ने एकजुट होना शुरू किया। जब उन्‍हें अपने क्रांति को एक दिशा देने के लिए एक केंद्रीय नेतृत्व की जरूरत पड़ी, तो उन्‍होंने बहादुर शाह जफर से बात की। बहादुर शाह जफर ने भी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में नेतृत्व स्वीकार कर लिया। लेकिन 82 वर्ष के बूढ़े शाह जफर जंग हार गए और अपने जीवन के आखिरी वर्ष उन्हें अंग्रेजों की कैद में ही गुजारने पड़े थे।

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