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BJP की किसान संवाद यात्रा नहीं होगी आसान:सिसौली प्रकरण के बाद बढ़ी मुश्किल, किसानों की गांवों में नहीं घुसने देने की गुप्त योजना, मेरठ के सिवालखास से आज संवाद का आगाज

मेरठएक वर्ष पहले
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2 दिन पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में सिसौली में जिस तरह भाजपा विधायक उमेश मलिक पर किसानों का गुस्सा फूटा उससे भाजपा की किसान संवाद यात्रा पर संकट मंडरा रहा है। - Money Bhaskar
2 दिन पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में सिसौली में जिस तरह भाजपा विधायक उमेश मलिक पर किसानों का गुस्सा फूटा उससे भाजपा की किसान संवाद यात्रा पर संकट मंडरा रहा है।

किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए BJP के कद्दावर नेताओं की टीम आज से गांवों में उतरेगी। उत्तर प्रदेश की 104 किसान प्रभावी सीटों पर होने वाली किसान पंचायत में सफलता हासिल करना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। मेरठ के सिवालखास विधानसभा से आज भाजपा किसान संवाद का आगाज करेगी। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर मेरठ आ रहे हैं। दोपहर में राष्ट्रीय अध्यक्ष मेरठ पहुंचेंगे फिर क्षेत्र में जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ किसानों ने नेताओं के विरोध की तैयारियां शुरू कर दी है।

सिसौली प्रकरण के बाद गुस्साए किसान
2 दिन पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में सिसौली में जिस तरह भाजपा विधायक उमेश मलिक पर किसानों का गुस्सा फूटा उससे भाजपा की किसान संवाद यात्रा पर संकट मंडरा रहा है। कृषि बिल, गन्ने का भुगतान और फसल समर्थन मूल्य के कारण पहले ही वेस्ट यूपी के किसानों में खासी नाराजगी है। सिसौली प्रकरण के बाद किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों के कारण किसानों का गुस्सा और बढ़ गया है। किसान खुलकर विरोध करने की रणीति बना रहे हैं। सिसौली की घटना के बाद किसानों ने इमरजेंसी बैठक की घोषणा पहले ही कर दी थी। अंदरखाने किसान भाजपा की संवाद यात्रा को फ्लॉप करने की प्लानिंग बना रहे हैं। पुलिस, प्रशासन भी अलर्ट है ताकि कोई अनहोनी न हो जाए। माना जा रहा है कि वेस्ट यूपी में टोल प्लाजाओं से ही किसान भाजपा नेताओं का विरोध करेंगे और गांवों में नेताओं को एंट्री न देने की योजना बना चुके हैं।

रालोद-भाकियू के गढ़ में किसानों की नाराजगी जानने की कवायद
रालोद और भाकियू को काउंटर करने के लिए भाजपा ने गांवों में अपने दिग्गज नेताओं को भेजकर किसानों का दर्द जानने की योजना बनाई है। प्रदेश की 104 सीटों में से वेस्ट यूपी की 53 सीटों पर पार्टी का विशेष फोकस है। मिशन 2022 की सफलता में किसान अहम भूमिका निभाएंगे। रालोद, भाकियू के प्रभाव वाली पश्चिम यूपी की ये 53 सीटें ही 2022 में किसानों का रुख तय करेंगी। जिला पंचायत में पार्टी को जिस हार का सामना करना पड़ा उससे पार्टी किसानों की अहमियत समझ चुकी है।

दिग्गज जानेंगे दर्द...योगी करेंगे दवा
16 से 23 अगस्त तक होने वाले किसान संवाद में पार्टी केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के साथ कैबिनेट के बड़े मंत्रियों को फील्ड पर उतारेगी। दिग्गज किसानों का दर्द जानकर उसका ड्राफ्ट बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगे। योगी उन समस्याओं को दूर करेंगे। किसान संवाद के बाद योगी वेस्ट यूपी के 5 दर्जन किसानों से गन्ना भुगतान, गेंहू खरीद, अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बात करेंगे।

9 बड़े किसान नेताओं के हाथों में कमान
प्रदेश में किसान संवाद की कमान किसानों में कद रखने वाले नेताओं को सौंपी है। कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, सांसद विजयपाल सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप सिंह, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी, राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलक, कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी को किसान संवाद का संयोजक नियुक्त किया गया है।

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