पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मां मंशा देवी मंदिर जहां हर मन्नत होती है पूरी:नवरात्र में यहां दूर दराज से श्रद्धालू आकर करते हैं दर्शन

मेरठ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मेरठ में प्राचीन मां मंशा देवी मंदिर में श्रंगार चढ़ाते श्रद्धालु

मेरठ शहर का मां मंशा देवी मंदिर लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र बना है। यहां दूर दराज से आकर भक्त अपनी अपनी मन्नत मांगते हैं। मां मंशा देवी अपने भक्तों को निराश नहीं करती। नवरात्र में यहां सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरु हो जाती है। जहां रात तक भक्त प्रसाद और मां को श्रंगार चढ़ाते हैं।

नवरात्रि पर्व में विशेष मेला

मां मंशा देवी मंदिर का मुख्य गेट
मां मंशा देवी मंदिर का मुख्य गेट

मेरठ शहर से करीब 10 किमी दूर गढ़ रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने मां मंशा देवी का प्राचीन मंदिर है। यहां नवरात्रि के 9 दिनों में विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। जिस स्थान पर मां मंशा देवी का मंदिर है सैकड़ों साल पहले कभी शमशान हुआ करता था। पहले यहां कच्ची मिट्‌टी का मंदिर हुआ करता था। लेकिन मां की कृपा से आज यहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है।

नवरात्रि पर्व पर मंदिर के आसपास 200 से ज्यादा दुकानें लगाई जाती हैं।
नवरात्रि पर्व पर मंदिर के आसपास 200 से ज्यादा दुकानें लगाई जाती हैं।

प्राचीन है मंदिर का इतिहास

मंदिर के मुख्य पुजारी भगवत गिरी
मंदिर के मुख्य पुजारी भगवत गिरी

मंदिर के मुख्य पुजारी भगवत गिरी बताते हैं हमारी चौथी पीढ़ी इस समय मंदिर में पूजा पाठ का काम देख रही है। मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन है। यह मंदिर 400 साल से भी अधिक पुराना है। पहले यहां जंगला हुआ करता था, लेकिन आज दूर तक शहर बस गया। नवरात्रि में यहां जो भी भक्त मां मंशा देवी के दर्शन कर मन्नत मांगता है,मां उसकी हर मुराद पुरी करती हैं।

रविवार को किया जाता है भंडारे का आयोजन

संतोषी माता मंदिर की देखरेख करने वाले लक्ष्मण गिरी
संतोषी माता मंदिर की देखरेख करने वाले लक्ष्मण गिरी

मंदिर में मां मंशा देवी, दुर्गा माता, संतोषी माता, काली माता की प्राचीन मूर्ति स्थापित हैं। नवरात्रि में यहां मेरठ हीं नहीं बल्कि वेस्ट यूपी के दूसरे जिलों के भक्त भी प्रसाद चढ़ाने आते हैं। रविवार को यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है। संतोषी माता मंदिर की देखरेख करने वाले लक्ष्मण गिरी बताते हैं कि जिसकी भी मुराद पूरी होती है वह भंडारे का आयोजन करता है।

मां की मूर्ति सिद्ध

मंदिर में पूजा करने पहुंचे आदेश
मंदिर में पूजा करने पहुंचे आदेश

सरस्वती लोक निवासी आदेश अपनी पत्नी सरिता के साथ यहां हर माह मां मंशा देवी के दर्शन करने जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां जो भी मांगा वह मिला। मां ने कभी निराश नहीं किया। यहां व्रत रखकर पूजा पाठ किया जाता है। हर रविवार को मंदिर में विशेष पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया जाता है। मंदिर समिति के अनुसार यहां स्थापित मां की मूर्ति सिद्ध है, इसीलिए यहां से कोई निराश वापस नहीं जाता। यह मंदिर 2500 मीटर जमीन पर है, जहां अलग अलग देवी देवताओं की 22 मूर्ति स्थापित हैं।

मां मंशा देवी मंदिर पर श्रंगार चढ़ाकर भक्त अपनी मन्नत मांगते हैं।
मां मंशा देवी मंदिर पर श्रंगार चढ़ाकर भक्त अपनी मन्नत मांगते हैं।
मां दुर्गा मंदिर।
मां दुर्गा मंदिर।
मां मंशा देवी मंदिर परिसर में काली माता का मंदिर भी है।
मां मंशा देवी मंदिर परिसर में काली माता का मंदिर भी है।
प्राचीन मंदिर में पूजा करती महिला।
प्राचीन मंदिर में पूजा करती महिला।
मां से मन्नत मांगती युवती
मां से मन्नत मांगती युवती
मां मंशा देवी की मूर्ति। यह सबसे प्राचीन मंदिर में स्थापित है।
मां मंशा देवी की मूर्ति। यह सबसे प्राचीन मंदिर में स्थापित है।
सीतापुर निवासी जितेश अपने परिवार के साथ मां के दर्शन करने पहुंचे।
सीतापुर निवासी जितेश अपने परिवार के साथ मां के दर्शन करने पहुंचे।
सीतापुर निवासी नेहा अपने 9 माह के बेटे को लेकर मंदिर पहुंची।
सीतापुर निवासी नेहा अपने 9 माह के बेटे को लेकर मंदिर पहुंची।