पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गंगा का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट:मेरठ में गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराया, गंगा का जलस्तर बढ़ने से कभी भी टूट सकता है तटबंध

मेरठएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हस्तिनापुर में बढ़ा गंगा का जलस्तर, टूट सकता है तटबंध - Money Bhaskar
हस्तिनापुर में बढ़ा गंगा का जलस्तर, टूट सकता है तटबंध

पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के चलते एक बार फिर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। मेरठ में हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों में अलर्ट कर दिया गया है। गंगा के किनारे का जो तटबंद है, लगातार बढ़ रहे पानी से वह कभी भी टूट सकता है।

उत्तराखंड में कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। जिससे गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी से खादर क्षेत्र में तटबंध की हालत नाजुक हो गई है। मंगलवार को बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शाम पांच बजे बिजनौर बैराज से एक लाख 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

वहीं हरिद्वार एक लाख तीन हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था। सोमवार शाम को बिजनौर बैराज पर 82 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था। मंगलवार शाम तक गंगा के जलस्तर में 27 हजार क्यूसेक पानी की वृद्धि हुई है। गंगा में लगातार हो रही पानी में वृद्धि से फतेहपुर प्रेम, हंसापुर परसापुर, सिरजोपुर के समीप बने कच्चे तटबंध पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है। किशोरपुर गांव में भी खतरा बना हुआ है।

19 जून को टूट गया था तटबंध

19 जून 2021 को आई बाढ़ के कारण हस्तिनापुर के फतेहपुर प्रेम के समीप दो स्थानों से तटबंध टूट गया था। कई दिन मशक्कत के बाद तटबंध मजबूत कर लिया गया। अब मंगलवार को जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ा तो मिट्टी के कच्चे तटबंध में बड़ी बड़ी दरार आ गई। तटबंध कई स्थानों से कमजोर हो गया है। जो कभी भी टूट कर खादर क्षेत्र में तबाही मचा सकता है।

गंगा के बड़े जलस्तर से खादर क्षेत्र के लोगों को तटबंध के टूटने का भी खतरा सता रहा है। कई गांवों के लोग दहशत में दिन रात बिता रहे हैं। खादर क्षेत्र में तटबंध के टूटने से बड़ी आबादी प्रभावित होती है। 12 गांव गंगा के किनारे के चपेट में आते हैं। यह गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ जाते हैं और यहां जनजीवन और आवागमन के रास्ते पूरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि समय रहते हुए तटबंध को मजबूत कर लिया जाए।

खबरें और भी हैं...