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कोरोना में स्कूल से छूटे छात्रों को जोड़ेगा निपुण भारत:मेरठ में अभियान के तहत रोजाना 1300 शिक्षकों को मिल रहा प्रशिक्षण

मेरठ2 महीने पहले
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मेरठ रजपुरा बीआरसी में चल रही निपुण भारत अभियान की ट्रेनिंग में मौजूद टीचर्स

पेंडमिक के दौरान स्कूलों से दूर हुए बच्चों को दोबारा स्कूल तक लाने के लिए अब निपुण भारत अभियान शुरू हो चुका है। मेरठ में रोजाना 1300 सरकारी शिक्षकों को यह ट्रेनिंग दी जा रही है कैसे बच्चों में पढ़ाई का इंट्रेस्ट डेवलप करें। पढ़ाई को इतना रोचक बनाएं कि बच्चे खुद स्कूल और कक्षाओं में पहुंचे। मेरठ के सभी ब्लॉकों में चल रहे निपुण भारत अभियान प्रशिक्षण का दैनिक भास्कर ने जायजा लिया।

सबसे पहले जानें कैसे चल रही ट्रेनिंग
रजपुरा ब्लॉक पर एआरपी सीमा ने हमें बताया कि हर ब्लॉक में बीआरसी पर यह 22 सप्ताह की ट्रेनिंग चल रही है। इसमें जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों के टीचर्स को ट्रेनिंग लेने आना है। एक टीचर को 4 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रेनिंग चलती है। ट्रेनिंग में एआरपी टीचर्स को निुपण भारत अभियान के तहत बच्चों को कैसे पढ़ाना है, दोबारा स्कूल तक उनकी वापसी कैसे करानी है इसकी ट्रेनिंग देते हैं। हर स्कूल से टीचर्स ऑल्टरनेट में इस ट्रेनिंग में पहुंचते हैं। टीचर्स का चाय, खाना, नाश्ता भी यहीं होता है। 4 दिन की ट्रेनिंग के बाद फिर अगले 4 दिन दूसरा टीचर ट्रेनिंग के लिए आता है। मेरठ में सभी ब्लॉकों पर रोजाना 100 टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। सभी प्राथमिक विद्यालयों के टीचर है। यह ट्रेनिंग बाल वाटिका और 5वीं के बच्चों के लिए है।

रजपुरा बीआरसी में शिक्षकों को निपुण भारत अभियान का प्रशिक्षण देते एआरपी व शिक्षक
रजपुरा बीआरसी में शिक्षकों को निपुण भारत अभियान का प्रशिक्षण देते एआरपी व शिक्षक

यहां टीचर पोयम सुनाकर बताती पढ़ने का तरीका
हम सबसे पहले मेरठ रजपुरा बीआसी में पहुंचे। यहां दो कमरों में निपुण अभियान का प्रशिक्षण चल रहा है। दोनों कमरों में 50-50 टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। सामने प्रोजेक्टर और माइक लगा है। साथ में डायस के सहारे खड़ी मैडम कभी हाथों को हवा में हिलाकर तो कभी कविता गुनगुनाकर सामने बैठे शिक्षकों को ट्रेंड कर रही है। एआरपी जो ट्रेनर हैं वो सामने बैठे टीचर्स को बता रही हैं कैसे उन्हें सब्जेक्ट को स्टूडेंट्स के बीच रोचक तरीके से रखना है।

प्रयागराज से हो रही अटेंडेंस मॉनिटरिंग

शिक्षिका पूजा राणा
शिक्षिका पूजा राणा

बीआरसी के दूसरे कमरे में एडमिनिस्ट्रेटिव वर्क चल रहा है। यहां एक क्लर्क कंप्यूटर पर टीचर्स की अटेंडेंस ऑनलाइन फिल कर रहा है। तो दूसरे दो से तीन लोग कागज पर टीचर्स के नाम और अटेंडेंस चैक कर रहे हैं। पूछने पर बताया कि अटेंडेंस को लेकर बहुत सख्ती है। रोजाना 100 शिक्षकों को ट्रेँड करना है। हर शिक्षक का नाम, नंबर, पता सबकुछ ऑनलाइन फीड करना है। हस्ताक्षर भेजने हैं। सीसीटीवी कैमरे के अंडर में पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है। सीधे प्रयागराज से मुख्यालय ट्रेनिंग की मॉनिटरिंग कर रहा है। फर्जी या प्रॉक्सी का भी जुगाड़ नहीं है।

अब शिक्षकों से सुनिए क्या है इस ट्रेनिंग का महत्व

शिक्षक व एआरपी राजकुमार
शिक्षक व एआरपी राजकुमार

रजपुरा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका करुणा राणा कहती हैं जो बच्चे कोरोना के कारण पढ़ाई से पीछे छूट गए हैं उन्हें आगे बढ़ाने के लिए यह अभ्यास कराया जा रहा है। ट्रेनिंग लेने पहुंची छिलौरा में शिक्षिका पूजा राणा कहती हैं छोटे बच्चों के साथ में एक शिक्षक को कैसे बिहेव करना है, पांचवीं कक्षा के बच्चों को इंगेज करने, एक्टिविटीज के जरिए पढ़ाने का तरीका हमें बताया जा रहा है। पढ़ाई रोचक हो तो वो बच्चे को जरूर समझ आती है। शोध भी कहते हैं पढ़ाई बोरिंग, बोझिल नहीं बल्कि इंट्रेस्टिंग हो तो बच्चों को समझ आती है। भारतीय शिक्षा पद्धति में बदलाव के लिए यह पहल है। मामेपुर में शिक्षक अमित चौहान कहते हैं बच्चे जो मानसिक रूप से पढ़ाई से दूर हो गए हैं उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए यह अभियान है। इससे काफी परिवर्तन फील्ड पर नजर आ रहा है।

अब उनकी बात जो दे रहे हैं ट्रेनिंग

ट्रेनर व टीचर सीमा
ट्रेनर व टीचर सीमा

ट्रेनिंग देने वाले एआरपी राजकुमार कहते हैं कोरोना के कारण स्टूडेंट्स भाषा और गणित दोनों से छूट गए हैं। अब बच्चे न तो लिख पाते हैं न कुछ ठीक से बोल पाते हैं। कहना चाहिए पढ़ाई का बेस ही कमजोर हो गया है तो इसे मजबूत बनाने के लिए यह ट्रेनिंग हो रही है। एआरपी सीमा कहती हैं पहली से तीसरी और पांचवीं कक्षा के बीच के जो स्टूडेंट्स पढ़ाई से छूट गए हैं उनको दोबारा पटरी पर लाने के लिए यह 22 सप्ताह की ट्रेनिंग है। इसमें हम टीचर्स को वीडियो और मटेरियल के जरिए इंटरटेनमेंट वाली पढ़ाई सिखा रहे हैं। एआरपी राजरानी कहती हैं रोजाना क्या कराना है इसका पूरा चार्ट है उसी के आधार पर ट्रेनिंग दी जा रही है।

मेरठ के 13 ब्लॉकों में चल रही ट्रेनिंग
पूर्वा अहिरान बीआरसी सहित सभी केंद्रों पर प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। सभी 13 ब्लॉकों में इस समय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को यह ट्रेनिंग दी जा रही है। रोजाना 100-100 शिक्षकों को एक एक प्रशिक्षण केंद्र पर भेजा जा रहा है। इस तरह हर रोज 1300 शिक्षकों को अभियान में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 22 सप्ताह का समय शिक्षकों को दिया है।

इन बिंदुओं पर रखना है ध्यान
. कक्षा तीन में घर या स्कूल में उपयुक्त शब्दावली का उपयोग
. लिखने के लिए क्रिया शब्दों, नामकरण और विराम चिह्नों के बारे में होनी है दक्षता
. समुदाय एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से होगी शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक
. शिक्षण में वीडियो का होगा अधिक प्रयोग
. दोस्तों व शिक्षकों से बात करना।
. अपने आसपास की वस्तुओं के संदर्भ में तुलनात्मक शब्दों का उपयोग करना।