पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

श्रीकृष्णा रुक्मणि विवाह कथा सुन भावुक हुए भक्त:मधुबन के ठाकुर द्वारा में संगीतमय ज्ञान कथा का समापन, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी

मधुबनएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मधुबन के ठाकुर द्वारा में संगीतमय ज्ञान कथा का समापन। - Money Bhaskar
मधुबन के ठाकुर द्वारा में संगीतमय ज्ञान कथा का समापन।

मऊ जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा दरगाह में श्री राम जानकी ठाकुर द्वारा मंदिर परिसर में बीते 9 मई से चल रहे सात दिवसीय संगीतमय ज्ञान कथा का समापन रविवार की रात हो गया। ज्ञानकथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा कथा स्थल खचाखच भरा नजर आया। वृन्दावन से पधारे कथावाचक पंडित बालब्यास ने भगवान श्रीकृष्णा- रुक्मणि विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया और श्रद्धालुओं को उनके जीवन के कई अनमोल पहलुओं से अवगत कराया।

मनमोहक झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र।
मनमोहक झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र।

सुंदर झांकियों ने मोहा मन

कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत संगीत की धुनों पर खूब नृत्य किया और पूरा कार्यक्रम स्थल 'हर हर महादेव' के नारों से गूंजता नजर आया। कथा के अंत में कथावाचक पंडित बाल ब्यास ने श्रद्धालुओं से पिछले सात दिनों से रोज ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिये उनका धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि ईश्वर आपके इस पुण्य कार्य का फल आपको अवश्य देंगे। कथा का समापन रात्रि के 12.30 बजे हुआ।

देर रात तक कथा सुनने को लगी रही भक्तों की भीड़।
देर रात तक कथा सुनने को लगी रही भक्तों की भीड़।

देर रात तक रही भक्तों की भीड़

संगीतमय ज्ञान कथा के समापन पर ग्राम प्रधान लक्ष्मण वर्मा और आयोजक जयराम मद्धेशिया ने श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट किया और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त किया। कहा कि आप सब के सहयोग के बिना इस आयोजन का सफल होना संभव नहीं था इसके लिये आप सब बधाई के पात्र हैं। संगीतमय ज्ञानकथा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई । इस दौरान पूर्व प्रधान प्रशांत गुप्त, पिंटू गुप्त, डॉ अजय कुमार, संतोष मौर्य, उमाशंकर यादव, सर्वेश गुप्त, सुजीत गुप्त, हरी लाल राजभर, सतीश मद्धेशिया, हीरा लाल यादव, अनिल मौर्य, पिंटू यादव, संतोष पाण्डेय, कौशल मद्धेशिया, अनुज मद्धेशिया, उमेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु डटे रहे।

खबरें और भी हैं...