पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

डीएम ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली:मऊ में गुणवत्ता पर कमी मिलने पर कार्रवाई के निर्देश, अधिशासी अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण

घोसीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मऊ जिले में गुरुवार को जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में सरकारी योजनाओं, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग के निर्माण कार्यों, पूर्वांचल विकास निधि, सांसद निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना एवं क्रिटिकल गैप की समीक्षा बैठक की गई।

निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली

बैठक में डीएम ने घोसी में हो रहे 100 शैय्या चिकित्सालय के निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय निर्माण निगम के कार्यों की प्रगति में कमी पाए जाने पर कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग के निर्माण कार्यों में कितने कार्य हो रहे हैं, इसके बारे में जानकारी ली।

उन्होंने मधुबन, देवरांचल दुबारी के अग्निशमन केंद्र के आवासीय, अनावासीय भवनों के निर्माण की प्रगति के बारे में पूछा। संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। दिसंबर तक हैंड ओवर कर दिया जाएगा। पुलिस लाइन में 100 पुरुष कर्मियों हेतु बैरक के निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी।

जांच करने के दिए निर्देश

उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि, जितने भी सरकारी भवन का निर्माण कार्य हो रहा है, उसे गुणवत्तापूर्ण ढंग से एवं निर्माण कार्य मे अच्छी किस्म की सामग्री का प्रयोग करें। डीएम ने उप-जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी तथा वित्त एवं लेखाधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर तीन बड़े निर्माण कार्यों क्रमशः मादी सुकरौली से दक्षिण रोड सपनौली होते हुए रामगढ़ खन्तियां सम्पर्क मार्ग, दोहरीघाट मधुबन मेन रोड बेलौली से नगरीपार शक्करपुर होते हुए बेला कसैला तक सम्पर्क मार्ग एवं तेन्दुली नहर से पइलवापार होते हुए बभनपुरा प्रधानमंत्री सड़क तक पिच के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए।

लापरवाही पर करें कार्रवाई

यही नहीं 10 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। इसके अलावा इंटरलॉकिंग के कई छोटे कार्यों जो कार्य प्रगति अवस्था में है, उसको भी एई, तहसीलदार सहित अन्य संबंधित लोगों की टीम बनाकर इसकी गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्वांचल विकास निधि के अंतर्गत 20 कार्यों की टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं होने पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा। कहा कि निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की जांच करें एवं किसी प्रकार की कमी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने सांसद निधि के कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए कार्यों को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

खबरें और भी हैं...