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डीएपी को लेकर मारामारी:खाद की मांग को लेकर भिड़े किसान,जरूरत के मुताबिक खाद न मिलने का किसानों ने लगाया आरोप

मथुराएक महीने पहले
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खाद वितरण के समय पुलिस सुरक्षा न होने के कारण किसान आपस मे भिड़ गए। जिसमें 2 किसान घायल हो गए - Money Bhaskar
खाद वितरण के समय पुलिस सुरक्षा न होने के कारण किसान आपस मे भिड़ गए। जिसमें 2 किसान घायल हो गए

मथुरा के सुरीर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीरपुर सहकारी सोसाइटी क्रय केंद्र पर किसानों में मारपीट हो गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया गया कि मारपीट डिमांड के मुताबिक खाद न मिलने से परेशान किसान आपस में ही भिड़ गए।

दो गांव के किसानों में हुई भिड़ंत

शनिवार को भगत नगरीया सहकारी संघ समिति के मीरपुर स्थित गोदाम पर खाद की खेप पहुंची थी। खेप पहुंचने की सूचना मिलते ही भगत नगरीया के ग्रामीण और मीरपुर के ग्रामीण सोसायटी पर पहुंच गए। दोनों गाँव के किसान पहले खाद लेने को लेकर आपस मे झगड़ने लगे । इसी बीच कुछ किसानों में आपस में मारपीट हो गयी।

सचिव ने पुलिस पर लगाया सहयोग न देने का आरोप

मीरपुर सोसाइटी पर खाद की खेप पहुंचने के बाद झगड़े की आशंका को देखते हुए सहकारी समिति के सचिव रामसेवक ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची । खाद वितरण के समय पुलिस सुरक्षा न होने के कारण किसान आपस मे भिड़ गए। जिसमें 2 किसान घायल हो गए । जिनको इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नोहझील भेजा गया।

झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस

सहकारी संघ पर झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से आधा दर्जन किसानों को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी । भगत नगरीया सहकारी संघ पर खाद लेने पहुंचे किसानों ने बताया कि सोसाइटी केंद्र पर अपने चहेतों लोगों को पहले खाद दिया जा रहा है इसके साथ ही डिमांड के मुताबिक खाद की खेप नहीं आयी । इसी को लेकर किसानों में यह झगड़ा हुआ है।

खाद की नहीं है कोई कमी : लक्ष्मी नारायण चौधरी

किसानों ने बताया कि बाजार में खाद की एक बोरी 1400 रुपये की मिल रही है । जबकि सोसायटी पर 1200 रुपये की मिलती है। इसके अलावा सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिलती है। खाद को लेकर हो रहे झगड़ों पर पूर्व कृषि मंत्री और वर्तमान सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि खाद की कोई कमी नहीं हैं। गेंहू की फसल 25 दिन बाद बोई जाएगी तब तक खाद पर्याप्त मात्रा में सोसायटी पर होगा। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पूर्व की सरकारों में खाद वितरण के लिए या तो पुलिस लगाई जाती थी या फिर लाठीचार्ज होते