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बेटों ने मां को छह महीने कमरे में रखा बंद:कभी-कभार देते थे खाना, कंकाल जैसा बना शरीर,फोटो देखकर चौंक जाएंगे आप

मैनपुरी2 महीने पहले
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कमरे में लेटी हुई वृद्ध महिला। - Money Bhaskar
कमरे में लेटी हुई वृद्ध महिला।

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भोगांव थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत आलीपुर खेड़ा के गांव नगला इतवारी में मां के साथ बेटों द्वारा किए गए व्यवहार को सुनकर हर कोई आहत है। बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत आलीपुर खेड़ा के ग्राम प्रधान संत प्रकाश स्वर्णकार ने एक कोठरी में करीब छह माह से बंद 70 वर्षीय विधवा सोमवती को मुक्त कराया।

अंधेरी कोठरी में गंदगी और मल बिखरा पड़ा था। एक थाली में सूखा खाना रखा था। छह माह से वृद्धा इसी तरह का खाना खाकर जी रही थी। वृद्धा ने जब अपनी इस हालत के जिम्मेदार लोगों के बारे में बताया तो हर किसी की आंखे नम हो गईं। ग्राम प्रधान ने वृद्धा को कैद से मुक्त कराया। कमरे से बाहर आकर महिला फफक-फफक कर रो पड़ी।

छह महीने तक कमरे में कैद रहने से महिला का कंकाल जैसा हो गया शरीर।
छह महीने तक कमरे में कैद रहने से महिला का कंकाल जैसा हो गया शरीर।

महिला के पति की एक साल पहले हो चुकी मौत

ग्राम प्रधान के अनुसार वृद्धा के पति मेघ सिंह की एक वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। एक बेटा चंद्रशेखर कुछ दूरी पर ही झोपड़ी डालकर रह रहा है। दूसरा बेटा छविनाथ गांव के अंदर मकान बनाकर परिवार के साथ रहता है। प्रधान के साथ ग्रामीणों ने जब वृद्धा की हालत देखी तो अपने आंसू नहीं रोक सके। ग्रामीणों के अनुसार वृद्धा को रुखा सूखा खाने को दिया जाता था। अंधेरी कोठरी में ही वह शौच क्रिया करती थी। ग्राम प्रधान के अनुसार उनके द्वारा पुलिस को भी पूरी घटना से अवगत कराया गया है।

कंकाल सा नजर आ रहा शरीर

छह माह तक बेटों द्वारा दिए जा रहे कष्ट को सहते सहते वृद्धा निढाल हो चुकी थी। ग्राम प्रधान जब अंधेरी कोठरी में दाखिल हुए तो दुर्गंध की वजह से मुंह ढकना पड़ा। वृद्धा सोमवती को जब बाहर लेकर आए तो तेज धूप के कारण काफी देर तक उसकी आंखें नहीं खुलीं। आंखें खोली तो अंजान लोगों को सामने देख दर्द छलक पड़ा। वृद्धा ने कहा कि उसे इस कैद से बाहर निकालो। छह माह तक सूखी रोटी खाने की वजह से उसका शरीर कंकाल बन चुका था। उस पर ठीक ढंग से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था।

बेटों ने दी सफाई

प्रधान ने बेटों से सवाल किया तो उन्होंने मां को मानसिक रूप से बीमार बताया। प्रधान के अनुसार बेटे चंद्रशेखर ने बताया कि मां मानसिक रूप से बीमार हैं और घर से चली जाती हैं। कुछ समय पहले वह एक बोरिंग में गिर गई थीं। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें कमरे में रखा जा रहा था। वह खेतीबाड़ी करते हैं ऐसे में मां की हर समय निगरानी नहीं कर सकते।

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