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मैनपुरी जिला अस्पताल में लापरवाही के कारण मासूम की मौत:इलाज के लिए 5 घंटे टहलाते रहे स्वास्थ्य कर्मी, मिन्नतें करता रहा पिता नहीं नसीब हुआ इलाज

मैनपुरी2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में मानवता को तार-तार करता मामला नजर आया। जहां स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण एक बेटी ने इलाज के अभाव में पिता की गोद में दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि वह अपनी बच्ची को लेकर 5 घंटो तक अस्पताल में दर-दर घूमता रहा, लेकिन इमरजेंसी से लेकर किसी डॉक्टर ने उसकी बच्ची को अस्पताल में भर्ती नहीं किया। इलाज के अभाव में बच्ची ने दम तोड़ दिया।

मामला जनपद के जिला अस्पताल से जुड़ा है। जहां मोहल्ला गाड़ीवान निवासी जगवीर ने आरोप लगाते हुए बताया। उसकी बच्ची की तबीयत पिछले 2 दिनों से खराब थी उसे पेट दर्द के साथ दस्त हो रहे थे। तबीयत बिगड़ने के कारण वह सुबह 7 बजे बच्ची को लेकर इमरजेंसी पहुंचा। वहां देखने पर डॉक्टरों ने उसे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने की बात कही आरोप है कि उसे इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया।

मासूम की मौत पर रोते-बिलखते परिजन
मासूम की मौत पर रोते-बिलखते परिजन

नहीं मिले बाल रोग विशेषज्ञ

जगबीर सिंह के अनुसार जब वह इमरजेंसी द्वारा बताए गए पांच नंबर कमरे पर पहुंचा तो वहां बाल रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं थे। जगबीर अपनी तड़पती बच्ची हो लेकर 2 घंटे तक इंतजार करता रहा। लेकिन तबतक डॉक्टर नहीं आए। बच्ची की हालत बिगड़ी तो वह दोबारा इमरजेंसी पहुंच गया।

इधर से उधर टहलाते रहे स्वास्थ्य कर्मी

इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने फिर भी कोई उपचार ना देकर 100 सैया में बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए भेज दिया। 100 सैया ने फिर इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया। ऐसे में सुबह 7 बजे से 12 बजे तक बच्ची को कोई उपचार नहीं मिल सका जिस कारण इलाज के अभाव में उसने अपने मां-बाप की गोद में दम तोड़ दिया।

क्या कहते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीपी सिंह ने बताया अभी ऐसी सूचना नही मिली है। अगर मिलती है तो जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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