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मनाई गई संत सूरदास जयंती:महोबा में सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित किया गया कार्यक्रम, हुआ कविता पाठ

महोबा2 महीने पहले
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महोबा जनपद के चरखारी में गीतों और कविताओं के सम्राट संत सूरदास की जयंती का आयोजन स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य अतिथि तथा सक्षम के जिला सह संयोजक डॉ० योगेन्द्र मिश्रा ने महाकवि के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन के उपरान्त हुआ। मुख्य अतिथि डा० मिश्रा ने कवि सूरदास के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सूरदास ने अपने महिमा मंडित और उत्कृष्ट साहित्यिक कौशल से मान्यता प्राप्त की तथा उनके गीतों एवं कविताओं ने पूरे देश में प्रशंसा प्राप्त करते हुए स्वीकृति प्राप्त की।

संत सूरदास की प्रमुख रचनाएं सूर सागर व सूर सारावली थी आंखों से अंधे होने के बावजूद भी ये एक बहुत ही अच्छे कवि थे। बचपन से ही संत सूरदास कृष्ण भगवान की कविताएं गाया करते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयकरण मिश्रा उप प्रधानाचार्य की तथा कार्यक्रम के दौरान योगेंद्र चौबे आचार्य रामशरण, आचार्य अंजनी, आचार्य रानू सहित विद्यालय के सभी आचार्यगण व बच्चे उपस्थित रहे।

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