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  • 6 Lakh Rupees And Silver Coins Kept In The Engagement Plate In Mahoba, The Groom Picked Up A Coin And Said To The Father – You Gave Us A Daughter, That Is Enough

इस घर के लिए बेटी ही दहेज है:महोबा में सगाई की थाली में रखे गए 6 लाख रुपए और चांदी के सिक्के, दूल्हे ने एक सिक्का उठाकर पिता से कहा- आपने हमें बेटी दी, यही बहुत है

महोबा3 महीने पहले
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बिना दहेज के शादी कर दिया समाज को संदेश। - Money Bhaskar
बिना दहेज के शादी कर दिया समाज को संदेश।

लाखों का दहेज और रुपयों से भरा बैग लेकर तो कोई भी शादी कर लेता है, लेकिन ऐसे लोग बहुत कम ही होते हैं जो दहेज से ज्यादा लड़की को महत्व देते हैं। जिनके लिए शादी का मतलब बस लड़की पक्ष को लूटना नहीं बल्कि एक नए रिश्ते को खूबसूरती के साथ शुरू करना होता है।

ऐसी ही एक मिसाल पेश की है महोबा के सृजन ने, जो खुद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सहायक मैनेजर के पद पर तैनात हैं। उनके पिता विद्युत विभाग में कार्यालय अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

सृजन द्विवेदी की शादी छतरपुर में रहने वाले विपिन बिहारी चौबे की बेटी अंशिका चौबे से तय हुई। अंशिका के पिता चरखारी के मोहल्ला जयेंद्र नगर के निवासी महोबा तहसील में कानूनगो के पद पर तैनात हैं। सभी लड़की पक्ष की तरह अंशिका के पिता ने भी शादी तय होने से पहले दहेज के लेन देन की बात की, लेकिन सृजन के पिता ने उनकी बात को टाल दिया और शादी की तैयारियों के बारे में बात करने लगे।

दूल्हे ने थाली में रखे 6 लाख रुपए लौटाए।
दूल्हे ने थाली में रखे 6 लाख रुपए लौटाए।

दामाद की बात सुनकर लगाया गले
सगाई वाले दिन अंशिका के पिता ने सृजन को थाली में 6 लाख रुपए और कुछ चांदी के सिक्के रख के दिए, लेकिन सृजन ने थाली से एक चांदी का सिक्का उठा लिया और सारे पैसे अंशिका के पिता को वापस कर दिए। ये देखकर सगाई में आए लोग सृजन के इस कदम की सराहना करने लगे। अंशिका के पिता ने भी अपने दामाद को गले से लगा लिया।

लड़के के पिता ने कहा मेरा बेटा आपकी बेटी को खुश रखेगा
जब अंशिका के पिता विपिन रुपए की थाली सृजन के पिता अरविन्द को देने लगे, तो उन्होंने कहा कि हम लोग पैसों के लिए नहीं बल्कि एक बहू के लिए शादी कर रहे हैं। हमें आप अपनी लड़की दे रहे हैं, क्या ये छोटी बात है। मेरा बेटा इतना कमा लेता है कि वो आपकी लड़की को बहुत खुश रखेगा। हमें ये पैसे और दहेज नहीं चाहिए। ये सुनकर अंशिका के पिता ने अपनी बेटी और दामाद को आशीर्वाद दिया। उन्होंने अपनी बेटी से कहा कि तुम्हें एक बहुत अच्छा परिवार मिला है, हमेशा सबका सम्मान करना। मौके पर मौजूद लोगों ने भी सृजन की खूब बढ़ाई की।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही सृजन और अंशिका की सगाई हुई थी और 12 अक्टूबर को इन दोनों की शादी भी हो चुकी है। शादी में भी सृजन के पिता ने दहेज नहीं लिया है।

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