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बुंदेलखंड का जल संकट दूर करेगा अर्जुन बांध:1.5 लाख किसानों को होगा लाभ, 4 लाख लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी, PM कल करेंगे लोकार्पण...देखिए तस्वीरें

महोबा2 महीने पहले
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अब बुंदेलखंड में जल संकट दूर होने जा रहा है। 12 साल से चल रही अर्जुन सहायक परियोजना का काम पूरा हो गया है। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकापर्ण करेंगे। अर्जुन बांध से महोबा, बांदा और हमीरपुर के 168 गांवों के 1.5 लाख किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं, 4 लाख लोगों को पीने का पानी भी मिलेगा।

आसान तरीके से समझें...बांधों को जोड़ने के इस प्रोजेक्ट को

  • मध्यप्रदेश की धसान नदी से पानी लाए जाने का प्रस्ताव बना था।
  • इसके लिए धसान नदी से 90 किलोमीटर की एक नहर बनाई गई, जिसकी चौड़ाई 100 मीटर है।
  • इसे लहचूरा बांध से जोड़ा गया। लहचूरा बांध महोबा, झांसी और एमपी के हरपालपुर से सटा हुआ है।
  • धसान नदी से निकली नहर को लहचूरा बांध से जोड़ने के बाद एक और नहर बनाई गई जिसे कबरई बांध से जोड़ दिया गया।
  • कबरई बांध महोबा में है। चंद्रावल बांध भी इसी से जुड़ा है, इसलिए इसे भी साथ में जोड़ना काफी आसान रहा।
  • इन बांधों से हमीरपुर के मौदहा बांध को जोड़ा गया।
  • इसके बाद इन सभी को महोबा स्थित चरखारी में बनाए गए अर्जुन बांध से जोड़ दिया गया।
  • इस पूरे प्रोजेक्ट का नाम अर्जुन सहायक परियोजना रखा गया है।
  • लहचूरा बांध झांसी से भी जुड़ा है, इसलिए झांसी को भी फायदा पहुंचाने की बात कही जा रही है।

आइए 10 तस्वीरों में देखें अर्जुन बांध और जानें इसके बारे में सबकुछ

सिंचाई व पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए बांधों को आपस में जोड़कर अर्जुन सहायक परियोजना तैयार की गई है। सिंचाई परियोजना का स्वरूप नदी जोड़ो परियोजना की तरह है। इसे पूरा होने में 12 साल लगे, हालांकि अभी भी काम अधूरा है। पीएम नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को परियोजना का लोकापर्ण करेंगे।
सिंचाई व पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए बांधों को आपस में जोड़कर अर्जुन सहायक परियोजना तैयार की गई है। सिंचाई परियोजना का स्वरूप नदी जोड़ो परियोजना की तरह है। इसे पूरा होने में 12 साल लगे, हालांकि अभी भी काम अधूरा है। पीएम नरेंद्र मोदी 19 नवंबर को परियोजना का लोकापर्ण करेंगे।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर व बांदा जिलों के 168 गांवों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा, जबकि चार लाख लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर व बांदा जिलों के 168 गांवों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा, जबकि चार लाख लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा।

अर्जुन बांध के बारे में जानें

  • साल 2009 में केंद्र सरकार और यूपी सरकार की ओर से अर्जुन सहायक परियोजना कार्य शुरू हुआ।
  • करीब 2593.93 करोड़ का खर्च आया।
  • इसकी डेडलाइन दिसंबर 2021 थी, लेकिन इसका लोकार्पण पहले किया जा रहा। अभी कार्य अधूरा है।
  • अर्जुन बांध से तीन जिलों के 168 गांवों को फायदा पहुंचेगा।
  • यह दावा किया जा रहा है कि शुद्ध पीने का पानी भी मिलेगा।
  • 1.5 लाख से ज्यादा किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
  • बांदा, महोबा और हमीरपुर के किसानों के लिए खेती-किसानी आसान हो जाएगी।
  • बारिश का पानी वेस्ट नहीं होगा, बल्कि उसका अब सही उपयोग होने लगेगा।
  • इस परियोजना के जरिए 15000 हेक्टर भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
बुंदेलखंड में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 2009 में शुरू हुई इस परियोजना को 806.50 करोड़ रुपए की लागत से पूरा होना था। अब तक कुल खर्च 2,600 करोड़ रुपए हुआ है। यह बांध धसान नदी पर बना है।
बुंदेलखंड में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 2009 में शुरू हुई इस परियोजना को 806.50 करोड़ रुपए की लागत से पूरा होना था। अब तक कुल खर्च 2,600 करोड़ रुपए हुआ है। यह बांध धसान नदी पर बना है।
मध्य प्रदेश से धसान नदी से लहचूरा बांध में पानी आता है। लहचूरा बांध को अर्जुन बांध से जोड़ा गया है। अर्जुन बांध को कबरई बांध व चंद्रावल बांध से जोड़ दिया गया है। यदि कबरई बांध ओवर फ्लो होता है तो उसका पानी मौदहा बांध में छोड़ा जाएगा।
मध्य प्रदेश से धसान नदी से लहचूरा बांध में पानी आता है। लहचूरा बांध को अर्जुन बांध से जोड़ा गया है। अर्जुन बांध को कबरई बांध व चंद्रावल बांध से जोड़ दिया गया है। यदि कबरई बांध ओवर फ्लो होता है तो उसका पानी मौदहा बांध में छोड़ा जाएगा।
अर्जुन सहायक परियोजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरीक्षण कर चुके हैं। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी लहचूरा बांध का निरीक्षण कर अर्जुन सहायक परियोजना की प्रगति का जायजा ले चुके हैं।
अर्जुन सहायक परियोजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरीक्षण कर चुके हैं। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी लहचूरा बांध का निरीक्षण कर अर्जुन सहायक परियोजना की प्रगति का जायजा ले चुके हैं।
इस परियोजना के तहत 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। वर्षा जल संग्रहण के मद्देनजर बरसात में कबरई डैम 9.23 मीटर से 163.46 मीटर जलस्तर बढ़ने पर 1240 हेक्टेयर मीटर से 13025 हेक्टेयर मीटर तक की भूमि सिंचित की जा सकेगी।
इस परियोजना के तहत 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। वर्षा जल संग्रहण के मद्देनजर बरसात में कबरई डैम 9.23 मीटर से 163.46 मीटर जलस्तर बढ़ने पर 1240 हेक्टेयर मीटर से 13025 हेक्टेयर मीटर तक की भूमि सिंचित की जा सकेगी।
बुंदेलखंड में नदी बांध परियोजना हमेशा ही विवादों के घेरे में रहीं हैं। इन योजनाओं की डीपीआर आधे-अधूरे अध्ययन पर आधारित होती है, जिसमें न किसानों के पुनर्वास नीति का जिक्र होता है और न ही योजना से मिलने वाले उचित लाभ का।
बुंदेलखंड में नदी बांध परियोजना हमेशा ही विवादों के घेरे में रहीं हैं। इन योजनाओं की डीपीआर आधे-अधूरे अध्ययन पर आधारित होती है, जिसमें न किसानों के पुनर्वास नीति का जिक्र होता है और न ही योजना से मिलने वाले उचित लाभ का।
धसान नदी बेतवा नदी की एक दाहिनी किनारे की सहायक नदी है। यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बेगमगंज तहसील से निकलती है। इस नदी की लंबाई 365 किमी है।
धसान नदी बेतवा नदी की एक दाहिनी किनारे की सहायक नदी है। यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बेगमगंज तहसील से निकलती है। इस नदी की लंबाई 365 किमी है।
अर्जुन सहायक परियोजना से महोबा, बांदा व हमीरपुर जनपदों की 59485 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। रबी की फसल में 25418 हेक्टेयर एवं खरीफ की फसल में 18963 हेक्टेयर नए क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने जा रही है।
अर्जुन सहायक परियोजना से महोबा, बांदा व हमीरपुर जनपदों की 59485 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। रबी की फसल में 25418 हेक्टेयर एवं खरीफ की फसल में 18963 हेक्टेयर नए क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने जा रही है।
कबरई बांध की क्षमता को दस गुना बढ़ा दिया गया है। 12.5 मिलियन क्यूबिक मीटर से यह क्षमता बढ़ाकर 130 मिलियन क्यूबिक मीटर कर दी गई है। बांध की ऊंचाई भी 9.23 मीटर बढ़ा दी गई है।
कबरई बांध की क्षमता को दस गुना बढ़ा दिया गया है। 12.5 मिलियन क्यूबिक मीटर से यह क्षमता बढ़ाकर 130 मिलियन क्यूबिक मीटर कर दी गई है। बांध की ऊंचाई भी 9.23 मीटर बढ़ा दी गई है।
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