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UP विधानसभा में गुंडा नियंत्रण एक्ट पास:अब लखनऊ और गौतमबुद्धनगर के DCP भी लगा सकेंगे गुंडा एक्ट; आसान नहीं होगी जमानत, संपत्ति जब्त भी होगी

लखनऊएक वर्ष पहले
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गुंडा एक्ट संशोधन विधेयक के अलावा आज उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति विरूपण निवारण विधेयक 2021 भी पास किया गया।  - Money Bhaskar
गुंडा एक्ट संशोधन विधेयक के अलावा आज उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति विरूपण निवारण विधेयक 2021 भी पास किया गया। 
  • आज UP विधानसभा सत्र के 7वें दिन दो प्रस्ताव हुए पास
  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लल्लू ने बेरोजगारी के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा

उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र का आज सातवां दिन था। इस दौरान विधानसभा में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2021 पास हो गया। यह विधेयक सिर्फ दो जनपद लखनऊ और गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में लागू होगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट पर साधारण चर्चा की गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने UP में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। कहा कि BJP ने अपने संकल्प पत्र में 5 साल में 70 लाख रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन CM ने अब तक महज 4 लाख रोजगार देने का दावा किया गया।

आसानी से लगेगा गुंडा एक्ट, जमानत भी नहीं मिलेगी आसानी से

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि गुंडा नियंत्रण विधेयक से पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अब लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में DCP गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकेंगे। पहले ये अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास था। विधेयक में मानव तस्करी, मनी लॉड्रिंग, गोहत्या, बंधुआ मजदूरी और पशु तस्करी पर कड़ाई से रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा जाली नोट, नकली दवाओं का व्यापार, अवैध हथियारों का निर्माण और व्यापार, अवैध खनन जैसे अपराधों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। गुंडा एक्ट में पकड़े गए अपराधियों की आसानी से जमानत नहीं हो पाएगी। इसके अलावा अपराधियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।

नए प्रावधान के तहत पुलिस अपराधियों को 14 दिन के बजाय अधिकतम 60 दिन के लिए बंद कर सकती है। इसके अलावा दूसरा विधेयक उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति विरूपण निवारण विधेयक 2021 को इस सदन में प्रस्तुत करते हुए पास किया गया।

बेरोजगारी के मुद्दे पर लल्लू ने सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने कहा कि 2016 से लेकर 2019 के बीच निकाली गयी 24 भर्तियों में से 22 भर्तियां अभी तक अटकी हुई हैं। अभ्यर्थी आए दिन राजधानी में धरना-प्रदर्शन करने को विवश हैं। अहंकारी और संवेदनहीन सरकार ने इनको अपने हाल पर छोड़ दिया है। प्रदेश की विकास दर घटकर लगभग 6.4 प्रतिशत रह गई है। पिछले दो सालों में ही 12.50 लाख पंजीकृत बेरोजगार बढ़े हैं। सरकार 90 दिनों में 5 लाख रोजगार देने जैसे झूठे दावे करके बेरोजगारों और युवाओं का मजाक उड़ा रही है। प्रदेश में आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के चलते आये दिन युवा बेरोजगारों की आत्महत्या के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

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