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जातीय गणित...बसपा को भाजपा पसंद है:खुद जीतने से ज्यादा सपा को हरा रहीं मायावती, 60% सीटें ऐसी, जिनमें वोट बंटने से भाजपा को फायदा

लखनऊ4 महीने पहलेलेखक: शिव प्रताप गुप्ता
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UP इलेक्शन 2022 के लगातार बदलते समीकरण में अब पश्चिमी उत्तरप्रदेश में मायावती का जातीय गणित अहम होने जा रहा है। दरअसल, शुरुआती दो चरणों की सीटों पर भाजपा, सपा गठबंधन और बसपा ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। इसमें 26 सीटें ऐसी हैं, जहां तीनों के ही उम्मीदवार हैं। भास्कर ने इन सीटों पर पिछले चुनाव और जातिगत समीकरण के हिसाब से विश्लेषण किया है। इसमें बसपा, सपा गठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचाती नजर आ रही है। ऐसी 15 सीटें हैं जिस पर बसपा समीकरण बिगाड़ रही है, जबकि 6 सीटों पर सीधी टक्कर होगी। वहीं, 4 सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचाएगी।

आइए जाने किस सीट पर क्या है गणित

इन 6 सीटों पर मुकाबला भाजपा-बसपा का

3. इगलास : इस बार जीत की जुगत में बसपा
सीट पर भाजपा के राजकुमार सहयोगी विधायक हैं। इगलास विधानसभा सीट से चौधरी चरण सिंह की पत्नी और उनकी बेटी भी विधायक रही हैं। इसलिए रालोद ने जाट समाज को अपनी तरफ करने की कोशिश की है। मगर बसपा यहां पिछली बार दूसरे स्थान पर थी। इस बार मुकाबला भाजपा-बसपा में है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से राज कुमार सहयोगी
सपा-RLD - बीरपाल सिंह दिवाकर
बसपा से सुशील कुमार जाटव
जातिगत समीकरण : यह सीट जाट बाहुल्य है। इस सीट पर करीब 1 लाख जाट वोटर हैं, जबकि ब्राह्मण 80 हजार, अनुसूचित जातियां 50 हजार, बघेल 30 हजार, वैश्य 20 हजार हैं। यहां जाट और ब्राह्मण वोटर जिसकी तरफ हैं उसकी जीत होगी।

2017 का परिणाम

  • भाजपा से राजवीर दिलेर जीते थे। इन्हें, 128000 वोट मिले थे।
  • बसपा के राजेंद्र कुमार को 53200 वोट मिले थे।
  • रालोद के सुलेखा सिंह को 28141 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस के गुरुविंदर सिंह को 20934 वोट मिले थे।

4. छाता (मथुरा): जाट वोटों के सहारे टक्कर दे रही बसपा
भाजपा ने मौजूदा विधायक चौधरी लक्ष्मी नारायण को उतारा है, जबकि बसपा ने सोनपाल सिंह जाट को उतारा है। पिछले चुनाव में बसपा तीसरे स्थान पर थी, मगर इस बार कड़ा मुकाबला दे रही है। रालोद पिछली बार चौथे स्थान पर थी। सपा के साथ आने का भी उसे यहां खास फायदा नहीं होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से चौधरी लक्ष्मी नारायण
सपा-RLD से तेजपाल सिंह
बसपा से सोनपाल सिंह जाट
जातिगत समीकरणः छाता सीट पर जाट 90 हजार, ठाकुर (क्षत्रिय) 70 हजार, ब्राह्मण 45 हजार, जाटव 30 हजार, मुस्लिम 15 हज़ार, गुर्जर 15 हजार, वाल्मीकि 15 हजार, बघेल 15 हजार और अन्य जातियां 50 हजार

2017 का परिणाम

  • भाजपा से चौधरी लक्ष्मी नारायण जीते थे। इन्हें 117537 वोट मिले थे।
  • निर्दलीय अतुल सिंह को 53699 वोट मिले थे।
  • बसपा के मनोज पाठक को 41290 वोट मिले थे।
  • रालोद के ऋषि राज को 9801 वोट मिले थे।

5. गोवर्धन (मथुरा) : पिछली बार दूसरे स्थान पर थी बसपा...इस बार कड़ी टक्कर
इस सीट पर ठाकुर वोट सबसे ज्यादा हैं। बसपा ने पिछली बार दूसरे स्थान पर रहे राजकुमार रावत पर ही भरोसा जताया है जबकि भाजपा ने कारिंदा सिंह का टिकट काटकर मेघ श्याम सिंह को उतारा है। यहां मुस्लिम वोट कम हैं, ऐसे में पिछली बार तीसरे स्थान पर रही रालोद को खास फायदे की उम्मीद नहीं है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से मेघ श्याम सिंह सपा-RLD से प्रीतम सिंह बसपा से राज कुमार रावत

जातिगत समीकरण
इस सीट पर लगभग 3 लाख 10 हजार मतदाता हैं। यहां ठाकुर (क्षत्रिय) 80 हजार, जाटव 40 हजार, ब्राह्मण 50 हजार, जाट 50 हजार, ओबीसी 35 हजार, वैश्य 25 हजार और मुस्लिम 10 हजार हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा से करिंदा सिंह जीते थे। इन्हें 93538 वोट मिले थे।
  • बसपा से राज कुमार रावत को 60529 वोट मिले थे।
  • रालोद के नरेंद्र सिंह को 40999 वोट मिले थे।

6. खैरागढ़ (आगरा) : बसपा का उम्मीदवार भाजपा से...मुकाबला कड़ा
पिछली बार यहां से बसपा के टिकट पर भगवान सिंह कुशवाहा दूसरे स्थान पर थे। इस बार वे भाजपा के टिकट पर हैं। जबकि बसपा ने गंगाधर सिंह कुशवाहा को टिकट दिया है। ठाकुर वोटों के साथ ही बसपा का परंपरागत दलित व पिछड़ा वोट आता है तो मुकाबला कड़ा होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से भगवान सिंह कुशवाहा सपा-RLD से रौतान सिंह बसपा से गंगाधर सिंह कुशवाहा

जातिगत समीकरणः खेरागढ़ विधानसभा में लगभग 3 लाख 9 हजार मतदाता हैं। यहां ठाकुर (क्षत्रिय) 75 हज़ार, ब्राह्मण 65 हज़ार, जाट 20 हज़ार, जाटव 20 हज़ार और मुस्लिम 10 हज़ार​ हैं।​​​​​​

2017 का परिणाम

  • भाजपा से महेश कुमार गोयल जीते थे। इन्हें 93510 वोट मिले थे।
  • बसपा से भगवान सिंह कुशवाहा जीते थे। इन्हें 61511 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस की कुसुमलता दीक्षित का तीसरा स्थान रहा।

इन 15 सीटों पर सपा को नुकसान पहुंचा रहीं मायावती

2. शामली : जाट समीकरण में रालोद के लिए वोटकटवा बनी बसपा
पिछली बार बसपा ने यहां से मुस्लिम उम्मीदवार उतारा था। इस बार भाजपा ने मौजूदा विधायक तेजेंद्र सिंह निर्वाल और रालोद ने प्रसन्न चौधरी को उतारा है। बसपा ने जाट वोटों में सेंध लगाने के लिए बिजेंद्र मलिक जाट को उतारा है। फायदा भाजपा को होगा।

इस बार के उम्मीदवार
भाजपा से तेजेंद्र सिंह निर्वाल
सपा-RLD से प्रसन्न चौधरी
बसपा से ब्रिजेंद्र मलिक जाट

जातिगत समीकरण

  • जाट 70 हजार
  • मुस्लिम 65 हजार
  • कश्यप 25 हजार
  • गुज्जर 20 हजार
  • ब्राह्मण 12 हजार
  • वैश्य 30 हजार
  • दलित 45 हजार

2017 का परिणाम

  • भाजपा के तेजेंद्र निर्वाल जीते थे। उन्हें, 70085 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस के पंकज कुमार मलिक को 40365 वोट मिले थे।
  • रालोद के बिजेंद्र सिंह को 33551 वोट मिले थे।
  • बसपा के मोहम्मद इस्लाम को 17114 वोट मिले थे।

3. बुढ़ाना: रालोद को सपा के मुस्लिम वोटबैंक का भरोसा, इसी में सेंध लगाएगी बसपा
इस सीट पर मुस्लिम वोटर सबसे ज्यादा हैं। सपा से गठबंधन के कारण रालोद को यह वोट मिलने का भरोसा है। बसपा ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारा है, ताकि मुस्लिम वोटबैंक में सेंध लगा सके। इसका फायदा भाजपा को होगा।

इस बार के उम्मीदवार
भाजपा से उमेश मलिक
सपा-RLD से राजपाल बालियान (RLD)
बसपा से हाजी मोहम्मद अनीश

जातिगत समीकरण
बुढ़ाना विधानसभा सीट पर कुल 3,30,066 वोटर हैं। इनमें 1,83,592 पुरुष और 1,46,472 महिला वोटर हैं। इस सीट पर सबसे ज्यादा मुसलमान है। मुस्लिम वोट 70,000, जाटव 30,000, जाट 25,765, ब्राह्मण 25,500, गुर्जर 31,800, सैनी 4,432, प्रजापति 2,100, पाल 4,500, कश्यप 28,000, वाल्मीकि 6,900, खटीक 3,200, ठाकुर 21,000, वैश्य 5,200, त्यागी 9,300, लोधी 1,800, उपाध्याय 566, विश्वकर्मा 2,400, सुनार 5,500, कोरी 1,500, नाई 1,500 हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा से उमेश मलिक जीते थे। इन्हें 97781 वोट मिले थे।
  • सपा के प्रमोद त्यागी को 84580 वोट मिले थे।
  • बसपा के सईदा बेगम को 30034 वोट मिले थे।
  • रालोद के योगराज सिंह को 23732 वोट मिले थे।

4. चरथावल : मुस्लिम वोटबैंक में सेंध लगाने की बसपा की जुगत
सीट पर मुस्लिम वोटर ज्यादा हैं। रालोद को सपा के इस वोटबैंक का फायदा मिलने की उम्मीद है। मगर बसपा का मुस्लिम प्रत्याशी वोटकटवा साबित हो सकता है। फायदा भाजपा को होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से सपना कश्यप सपा-आरएलडी से पंकज मलिक बसपा से सलमान सईद मुस्लिम

जातिगत समीकरण
मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल विधानसभा में लगभग 3 लाख 15 हजार मतदाता हैं। चरथावल विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण के आधार पर मुस्लिम, चमार, कश्यप, जाट और ठाकुर जाति के वोटर सबसे ज्यादा हैं।

मुस्लिम एक लाख चमार 55 हज़ार कश्यप 30 हज़ार जाट 30 हज़ार ठाकुर 20 हज़ार

2017 का परिणाम

  • भाजपा के विजय कुमार कश्यप को 82046 वोट मिले थे।
  • सपा के मुकेश कुमार चौधरी को 58815 वोट मिले थे।
  • बसपा के नूर सलीम राणा को 47704 वोट मिले थे।
  • रालोद के सलमान जैदी को 14442 वोट मिले थे।

5. पुरकाजी (मुजफ्फरनगर): बसपा यहां भी वोटकटवा...सपा-रालोद साथ आकर भी नुकसान में
यहां पिछले चुनाव में सपा और रालोद अलग-अलग लड़े थे। तब बसपा के टिकट से लड़े अनिल कुमार तीसरे स्थान पर थे। इस बार सपा-रालोद एक साथ हैं, प्रत्याशी अनिल कुमार हैं। मगर बसपा ने सुरेंद्र पाल सिंह को उतार वोट काटने की रणनीति रखी है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से प्रमोद उटवाल सपा-RLD से अनिल कुमार बसपा से सुरेंद्र पाल सिंह

जातिगत समीकरण
मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी विधानसभा में लगभग 3 लाख 14 हजार मतदाता हैं। सबसे ज्यादा मुस्लिम, जाट, चमार, गुर्जर और त्यागी मतदाता हैं। करीब एक लाख मुस्लिम, 60 हजार चमार और 25 हजार जाट मतदाता हैं। उनके अलावा यहां पाल, ब्राह्मण, त्यागी और ठाकुर वोटर भी बहुत अधिक संख्या में हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा से प्रमोद उटवाल जीते थे, उन्हें 77491 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस के दीपक कुमार को 66238 वोट मिले थे।
  • बसपा के अनिल कुमार को 46401 वोट मिले थे
  • रालोद की छोटी को 8227 वोट मिले थे।
  • सपा की उमा किरण को 2570 वोट मिले थे।

6. खतौली (मुजफ्फरनगर): मुस्लिम वोटरों को ध्यान में रख बसपा ने उतारा मुस्लिम चेहरा
सपा-रालोद ने यहां से सैनी चेहरा उतारा है। उन्हें उम्मीद है कि चेहरे के आधार पर सैनी वोटों के साथ मुस्लिम वोटबैंक भी उनके साथ आएगा। बसपा ने मुस्लिम चेहरा उतार इसी रणनीति को काटने की कोशिश की है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से विक्रम सैनी सपा-RLD से राजपाल सिंह सैनी बसपा से माजिद सिद्दीकी मुस्लिम

जातिगत समीकरण

खतौली सीट पर 77 हजार मुस्लिम, 57 हजार चमार, 27 हजार सैनी, 19 हजार पाल और करीब 17 हजार कश्यप वोटर हैं. इनके अलावा यहां गुर्जर, प्रजापति, जाट, ठाकुर और वैश्य वोटर भी अधिक मात्रा में हैं.

2017 सीट का परिणाम

  • विक्रम सिंह, भाजपा , 94771
  • चंदन सिंह चौहान, सपा, 63397
  • शिवन सिंह सैनी, बसपा, 37380
  • शाहनवाज राणा, रालोद, 12846

7. मीरापुर (मुजफ्फरनगर): कड़े मुकाबले में बसपा ने पिछड़े वोट खींचे तो सपा को नुकसान
मुजफ्फरनगर जिले की इस सीट पर मुकाबला कड़ा है। पिछली बार सपा और रालोद अलग-अलग लड़े थे। सपा के प्रत्याशी लियाकत अली हजार से भी कम के अंतर से हारे थे। इस बार रालोद ने चंदन चौहान को उतारा है। सपा के साथ रहने से मुस्लिम वोट भी मिलने की उम्मीद है। मगर यहां समीकरण पिछड़े और जाट वोटों से बनेंगे। ऐसे में बसपा ने अगर पिछड़े वोटों में सेंध लगाई तो नुकसान सपा को होगा।

जातिगत समीकरण
यहां कुल मतदाता 2,73,236 हैं, जिसमें पुरुष 1,49,209 और महिला मतदाता 1,24,004 हैं।
यहां पिछड़ों का 35% प्रतिशत मतदाता है। जाट गुर्जर, झोझा (मुस्लिम), कश्यप व पाल की बिसात बिछती नजर आ रही है।

इस बार के उम्मीदवार

सपा-RLD से चंदन चौहान भाजपा से प्रशांत गुर्जर बसपा से मोहम्मद शालिम

2017 का परिणाम

  • भाजपा के अवतार सिंह भड़ाना जीते थे। 69035 वोट मिले थे।
  • दूसरे नंबर पर सपा के लियाकत अली रहे। इन्हें 68842 वोट मिले थे।
  • तीसरे नंबर पर बसपा के नवाजिश आलम खान थे, जिन्हें 39689 वोट मिले थे।
  • रालोद के मिथिलेश पाल चौथे नंबर पर थे, इन्हें 22751 वोट मिले थे।

8. लोनी (गाजियाबाद): मुस्लिम वोटों में सेंधमारी करेगी बसपा
रालोद के उम्मीदवार मदन भैयार पिछली बार तीसरे स्थान पर रहे थे। तब सपा ने भी अपना उम्मीदवार राशिद मलिक उतारा था। इस बार सपा साथ है, अत: मुस्लिम वोटों के भी साथ आने का भरोसा है। यहां मुस्लिम वोटबैंक ही सबसे बड़ा है। बसपा ने भी मुस्लिम चेहरा उतारा है। बसपा पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर थी। ऐसे में रालोद का खेल बिगड़ सकता है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से नंद किशोर गुर्जर सपा-आरएलडी से मदन भैया बसपा से हाजी आकिल चौधरी मुस्लिम

जातिगत समीकरण
गाजियाबाद जिले के लोनी विधानसभा में लगभग 4 लाख 55 हजार मतदाता हैं। सर्वाधिक मत जाट किसान और मुस्लिम वर्ग के हैं। उसके बाद पूर्वांचल के रहने वाले लोग और ब्राह्मण, गुर्जर, त्यागी, दलित, वाल्मीकि और गढ़वाल के अलावा अन्य ओबीसी मतदाता भी शामिल हैं।

मुस्लिम 90 हजार पूर्वांचली 40 हज़ार गुर्जर 35 हज़ार ब्राह्मण 30 हज़ार दलित 30 हज़ार वाल्मीकि 23 हज़ार त्यागी 18 हज़ार वैश्य 15 हज़ार गढ़वाली 18 हज़ार अन्य 2 लाख

2017 का परिणाम

  • भाजपा के नंदकिशोर 113088 वोट पाकर जीते।
  • बसपा के जाकिर अली 70275 वोट के साथ दूसरे स्थान पर।
  • रालोद के मदन भैया को 42539 वोट मिले, तीसरे स्थान पर।

9. मुरादनगर : मुस्लिम और दलित के समीकरण से बसपा बिगाड़ेगी खेल
पिछले चुनाव में बसपा का उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहा था। इस बार पार्टी ने यहां से मुस्लिम चेहरा उतारा है। इससे दलित वोटों के साथ ही मुस्लिम वोटों में भी बसपा सेंध लगा सकती है। रालोद के प्रत्याशी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से अजीत पाल त्यागी सपा-RLD से सुरेंद्र कुमार मुन्नी बसपा से हाजी अय्यूब इदरीशी

जातिगत समीकरण
जाट 55 हज़ार
त्यागी 40 हज़ार
मुस्लिम 45 हजार
ब्राह्मण 40 हज़ार
दलित 45 हजार
पंजाबी 20 हज़ार
यादव 17 हज़ार
वैश्य 25 हज़ार
ओबीसी 75 हजार

2017 का परिणाम

  • भाजपा के अजीत पाल त्यागी 140759 वोट पाकर जीते।
  • बसपा के सुधन कुमार 51147 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर।
  • कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश 49989 वोट पाकर तीसरे रहे।

10. धौलाना (हापुड़): रालोद के मुस्लिम प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाएगा बसपा का मुस्लिम चेहरा
इस सीट पर मुस्लिम वोटर सर्वाधिक हैं। उसके बाद ठाकुर वोट हैं। भाजपा ने ठाकुर चेहरे के तौर पर धर्मेश तोमर को उतारा है। पिछली बार बसपा के टिकट पर जीते असलम चौधरी इस बार रालोद के टिकट पर मैदान में हैं। मगर बसपा ने भी मुस्लिम चेहरा ही उतारा है। ऐसे में मुस्लिम वोट बंटे तो फायदा भाजपा को होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से धर्मेश तोमर सपा-RLD से असलम चौधरी बसपा से वासिद प्रधान

जातिगत समीकरण
हापुड़ जिले की धौलाना विधानसभा में लगभग 3 लाख 80 हजार मतदाता हैं। यहां मुस्लिम 1 लाख 50 हज़ार, ठाकुर (क्षत्रिय) 70 हज़ार, दलित 50 हज़ार, ब्राम्हण 20 हज़ार, यादव 8 हज़ार, जाट 7 हज़ार और अन्य 45 हज़ार​ हैं। ​​​​​​

2017 का परिणाम

  • बसपा के असलम चौधरी 88580 वोटों के साथ जीते थे।
  • भाजपा के रमेशचंद तोमर 85004 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे।
  • सपा से धर्मेश सिंह तोमर 71786 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थे।

11. जेवर (गौतमबुद्ध नगर) : 2017 में नंबर-2 थी बसपा, इस बार भी समीकरण बिगाड़ेगी
जेवर सीट पर गुर्जर, मुस्लिम और एससी वोटर सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा ठाकुर समुदाय भी अच्छी पकड़ रखता है। पिछले चुनावों में भाजपा के धीमेंद्र सिंह को गुर्जर, ठाकुर और जाट वोटरों का अच्छा फायदा मिला था। इस बार रालोद ने भाजपा छोड़कर आए अवतार सिंह भड़ाना को टिकट दिया है। यहां 59% मतदाता शहरी हैं, जिनमें बसपा की पकड़ अच्छी है। सपा को नुकसान होना तय है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से धीरेंद्र सिंह सपा-RLD से अवतार सिंह भड़ाना बसपा से नरेंद्र भाटी डाडा

जातिगत समीकरण
ठाकुर 60 हजार
गुर्जर 85 हजार
बनिया, वैश्य 20 हजार
एससी 70 हजार
मुस्लिम 85 हजार
जाट 35 हजार
अन्य जातिया 80 हजार

2017 का परिणाम

  • भाजपा के धीरेंद्र सिंह 1,02,979 वोट पाकर जीते थे।
  • बसपा के वेदराम भाटी 80,806 वोट पाकर दूसरे स्थान पर थे।
  • सपा के नरेंद्र नागर 13,239 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे।
  • रालोद के कमल शर्मा 9016 वोट पाकर चौथे स्थान पर थे।

12. शिकारपुर (बुलंदशहर): रालोद को जाट+मुस्लिम समीकरण पर भरोसा, बसपा इसे बिगाड़ सकती है
यह सीट ब्राह्मण बहुल है। मगर जाट व मुस्लिम वोट भी अच्छे-खासे हैं। रालोद को इसी समीकरण पर भरोसा है। मगर बसपा ने यहां से मुस्लिम चेहरा उतार इन वोटों में सेंध की तैयारी कर ली है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से अनिल शर्मा सपा-RLD से किरन पाल सिंह (RLD) बसपा से मो. रफीक उर्फ फड्डा

जातिगत समीकरण
बुलंदशहर जिले के शिकारपुर विधानसभा में लगभग 3 लाख 10 हजार मतदाता हैं। शिकारपुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरणों के अनुसार यह सीट ब्राह्मण बहुल सीट हैं। जाट वोटर भी प्रभावी भूमिका में हैं। जबकि दलित, मुस्लिम और ठाकुर वर्ग के वोटर भी अहम माने जाते हैं। शिकारपुर विधानसभा सीट पर ब्राह्मण 45 हजार और जाट मतदाता 42 हजार हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा के अनिल कुमार चुनाव जीते थे। इन्हें 1, 01, 912 वोट मिले थे।
  • बसपा के मुकुल उपाध्याय को 51,667 वोट मिले थे।
  • अनिल कुमार पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर लड़े थे। दूसरे नंबर पर रहे थे।
  • कांग्रेस के उदय करण सिंह तीसरे नंबर पर थे, उन्हें 32,914 वोट मिले थे।
  • रालोद के मुकेश शर्मा को 7734 वोट मिले थे।

13. खैर (अलीगढ़) : रालोद-सपा इस बार साथ, फिर भी बसपा बिगाड़ सकती है खेल
पिछले चुनाव में यहां सपा और रालोद ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे थे। रालोद तीसरे और सपा चौथे स्थान पर रही थी। बसपा का उम्मीदवार दूसरे स्थान पर था। इस बार सपा-रालोद साथ हैं, मगर बसपा अपना वोटबैंक बरकरार रखने में कामयाब रही तो भाजपा को ही फायदा होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से अनूप प्रधान वाल्मीकि सपा-RLD से भगवती प्रसाद सूर्यवंशी बसपा से प्रेमपाल सिंह जाटव

जातिगत समीकरण
खैर (SC) विधानसभा में लगभग 3 लाख 75 हजार मतदाता हैं। यहां जाट 1 लाख 10 हज़ार, ब्राह्मण 50 हज़ार, जाटव 45 हज़ार, मुस्लिम 25 हज़ार, ठाकुर (क्षत्रिय) 20 हज़ार, गड़रिया 13 हज़ार, वैश्य 13 हज़ार और अन्य 5 हज़ार हैं।

2017 का परिणाम

भाजपा से अनूप वाल्मीकि जीते थे। इन्हें 124198 वोट मिले थे। बसपा से राकेश कुमार मौर्य को 53477 वोट मिले थे। रालोद के ओम पाल सिंह को 41888 वोट मिले थे। सपा के प्रशांत कुमार को 7496 वोट मिले थे।

14. कोल : यहां भी मुस्लिम वोट बांटने की जुगत में बसपा
2017 में भाजपा जीती थी, इस बार भाजपा ने मौजूदा विधायक अनिल पाराशर को ही टिकट दिया है। सीट पर सबसे ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं और सपा-रालोद ने यहां से मुस्लिम चेहरा ही उतारा है। मगर बसपा ने भी इस बार यहां मुस्लिम चेहरे को ही टिकट दिया है। ऐसे में मुस्लिम वोट बंट सकते हैं, फायदा भाजपा को होगा।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से अनिल पाराशर सपा-RLD से सलमान सईद बसपा से मो. बिलाल

जातिगत समीकरणः लगभग 3 लाख 60 हजार मतदाता हैं। यहां मुस्लिम 1.25 लाख, ब्राह्मण 60 हजार, दलित 50 हज़ार, ठाकुर (क्षत्रिय) 50 हज़ार, वैश्य 35 हज़ार, बघेल 13 हज़ार, जाट 13 हज़ार, सिंधी 13 हज़ार और पंजाबी 13 हज़ार हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा के अनिल पाराशर जीते थे। इन्हें 93814 वोट मिले थे।
  • सपा के शाज इशाक उर्फ अज्जू इश्क को 42851 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस के विवेक बंसल को 38623 वोट मिले थे।
  • बसपा के राम कुमार शर्मा को 37909 वोट मिले थे।

15. बलदेव (मथुरा): बसपा ने चेहरा बदला, इस बार नए समीकरण गढ़ेगी पार्टी
पिछले चुनाव में भाजपा जीती थी और रालोद दूसरे स्थान पर था। इस बार भी भाजपा ने मौजूदा विधायक को ही टिकट दिया है। जबकि रालोद और और बसपा ने चेहरे बदले हैं। बसपा पिछली बार तीसरे स्थान पर रही थी। इस बार चेहरा बदलकर पिछड़े वोटों का समीकरण बदलने की तैयारी है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से पूरन प्रकाश जाटव सपा-RLD से बबीता देवी बसपा से अशोक कुमार सुमन

जातिगत समीकरण
बलदेव (SC) विधानसभा में लगभग 3 लाख 50 हजार मतदाता हैं। यहां जाट 1 लाख 5 हज़ार, अनुसूचित 60 हज़ार, ब्राह्मण 50 हज़ार, सैनी 40 हजार, बघेल 40 हजार, यादव 40 हजार हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा से पूरन प्रकाश जीते थे। इन्हें 88411 वोट मिले थे।
  • रालोद से निरंजन सिंह धनगर को 75203 वोट मिले थे।
  • बसपा से प्रेम चंद को 53539 वोट मिले थे।

इन 4 सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचा रही बसपा

2. कैराना : बसपा के ब्राह्मण चेहरे से भाजपा को नुकसान
इस सीट पर भाजपा की मृगांका पिछला चुनाव नाहिद हसन से हार गईं थीं। इस बार भी समीकरण वही हैं। बसपा ने ब्राह्मण चेहरा उतारा है, इसलिए सपा-RLD की प्रत्याशी नाहिद हसन की बहन इकरा को सीधा फायदा मिलता दिख रहा है।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से मृगांका सिंह सपा-RLD से इकरा बसपा से राजेंद्र सिंह उपाध्याय

जातिगत समीकरण
कैराना में मुस्लिम ज्यादा हैं, इनमें गुर्जर भी हैं। इनके बाद कश्यप और जाट वगैरह आते हैं। मुस्लिम वोट आपस में नहीं बंटते, तो मुस्लिम कैंडिडेट आसानी से जीत जाते हैं। भले ही वो किसी भी पार्टी से हों। वोट बंटने पर हिंदू कैंडिडेट जीतता है।

कुल वोटर: 2,99,980 ब्राह्मण: 11 हजार (3.5%) क्षत्रिय: 4,800 वैश्य: 7,000 मुस्लिम: 1,24,120 (42.19%) गुर्जर: 25 हजार (11%) कश्यप: 34 हजार (11.65%) SC: 36 हजार (12.15%)

2017 का परिणाम

सपा से नाहिद हसन जीते थे। इन्हें 98830 वोट मिले थे। भाजपा की मृगांका सिंह को 77668 वोट मिले थे। रालोद को अनिल कुमार को 19992 वोट मिले थे। बसपा के दिवाकर देशवाल के 6888 वोट मिले थे।

3. स्याना (बुलंदशहर): ब्राह्मण वोटों में बसपा लगा सकती है सेंध
यहां सपा-रालोद ने दिलनवाज खान को उतारा है जो पिछली बार बसपा के टिकट से दूसरे स्थान पर रहे थे। यहां मुस्लिम और दलित मतदाता सबसे ज्यादा हैं। भाजपा ने मौजूदा विधायक देवेंद्र सिंह को उतारा है। हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की उम्मीद लगाए बैठी भाजपा को बसपा के सुनील भारद्वाज से खतरा है। ब्राह्मण चेहरा होने की वजह से भाजपा के वोट बंट सकते हैं।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से देवेंद्र सिंह लोधी सपा-RLD से दिलनवाज खान बसपा से सुनील भारद्वाज

जातिगत समीकरण

बुलंदशहर जिले के स्याना विधानसभा में लगभग 3 लाख 70 हजार मतदाता हैं। स्याना विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण के अनुसार यहां मुस्लिम और दलित मतदाता प्रभावी नजर आते हैं। लोधी, ब्राह्मम्ण, ठाकुर और वैश्य मतदाता भी अहम भूमिका में हैं।

मुस्लिम 52 हज़ार जाटव 50 हज़ार बाल्मीकि 5 हज़ार लोधी 70 हजार कश्यप 15 हजार ब्राह्मण 30 हज़ार ठाकुर ( क्षत्रिय ) 45 हजार वैश्य 10 हज़ार गुज्जर 17 हजार जाट 38 हजार प्रजापति 10 हजार अन्य 40 हज़ार

2017 का परिणाम

  • भाजपा के देवेंद्र सिंह लोधी 125854 वोट पाकर जीते थे।
  • बसपा के दिलनवाज खान 54224 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे।
  • रालोद के ठाकुर सुनील सिंह 22420 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थे।

4. बरौली : पिछड़े वोटों के सहारे बसपा बिगाड़ सकती है खेल
भाजपा ने यहां से जयवीर सिंह को टिकट दिया है, जो पिछले चुनाव में बसपा के टिकट पर दूसरे स्थान पर रहे थे। इन्हें मिले 86 हजार से ज्यादा वोटों में बड़ा हिस्सा पिछड़े वोटों का था। यह वोट अगर जयवीर सिंह के साथ नहीं जाते तो उन्हें दिक्कत होगी। रालोद ने प्रमोद गौड़ को उतारा है। मुस्लिम वोटों के साथ ही ब्राह्मण वोट इनके साथ गए तो भाजपा की राह मुश्किल होगी।

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से ठाकुर जयवीर सिंह सपा-RLD से प्रमोद गौड़ बसपा से नरेंद्र शर्मा

जातिगत समीकरण
लगभग 3 लाख 55 हजार मतदाता हैं। यहां मुस्लिम 30 हज़ार, वैश्य 3 हज़ार, ब्राह्मण 27 हज़ार, ठाकुर (क्षत्रिय) 66 हज़ार, अन्य जनरल 7 हज़ार, जाट 22 हज़ार, कुम्हार 5 हज़ार, लोधी 45 हज़ार, यादव 1 हजार, गड़रिया 20 हजार, कहार 4 हजार, नाई 4 हजार, बंजारा 6 हजार, अन्य पिछड़ी जातियां 3 हज़ार, जाटव 43 हजार, वाल्मीकि 6 हजार, खटीक 10 हजार और धोबी 5 हजार, अन्य SC/ST जातियां 6 हजार हैं।

2017 का परिणाम

  • भाजपा के दलवीर सिंह जीते थे। इन्हें 125545 वोट मिले थे।
  • बसपा के ठाकुर जयवीर सिंह को 86782 वोट मिले थे।
  • कांग्रेस के केशव सिंह को 17238 वोट मिले थे।
  • रालोद के नीरज शर्मा 1829 वोट मिले थे।

यहां बसपा बेअसर

1. गाजियाबाद की मोदीनगर विधानसभा सीट

इस बार के उम्मीदवार

भाजपा से मंजू सिवाज सपा-RLD से सुदेश शर्मा बसपा से पूनम गर्ग

जातिगत समीकरण
गाजियाबाद जिले के मोदीनगर विधानसभा में लगभग 3 लाख 30 हजार मतदाता हैं। यहां ओबीसी 1 लाख 25 हजार, जाट 50 हज़ार, मुस्लिम 50 हज़ार, ब्राह्मण 35 हज़ार, दलित 30 हज़ार और वैश्य 25 हजार हैं।

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