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पुलिस वर्दी में आए बदमाशों ने की ठेकेदार की हत्या:लखनऊ में दिनदहाड़े घर में घुसकर गोली मारी, पत्नी-बच्चों को कमरे में बंद किया

लखनऊ7 महीने पहले
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लखनऊ में शनिवार को घर में घुसकर रेलवे ठेकेदार की हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े 3 बदमाश कार से ठेकेदार वीरेंद्र के घर पहुंचे। इनमें से 2 बिहार पुलिस की वर्दी में थे और 1 सफेद पैंट, टी-शर्ट में आर्मी की गोल कैप लगाए थे। घर में घुसकर उन्होंने पत्नी और बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद वीरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद भागते बदमाश CCTV में नजर आए हैं। वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। दूसरी पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने पहली पत्नी प्रियंका, उसके रिश्तेदार बिट्टू और 2019 में हमले के मुख्य आरोपी फिरदौस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह रेलवे के वीरेंद्र ठाकुर का फाइल फोटो है। उन पर पहले भी हमला हो चुका था।
यह रेलवे के वीरेंद्र ठाकुर का फाइल फोटो है। उन पर पहले भी हमला हो चुका था।

दूसरी पत्नी ने पहली पर लगाया हत्या का आरोप
कैंट थाने के नीलमथा इलाके में वीरेंद्र ठाकुर दूसरी पत्नी खुशबून तारा, तीन बेटों अंश, ऋषि कुमार और अभिषेक के साथ रहते थे। वारदात के वक्त अभिषेक स्कूल गया था। वीरेंद्र को पैरालिसिस है। इस कारण वह कमरे में बिस्तर पर लेटे हुए थे।

वारदात की प्रत्यक्षदर्शी पत्नी खुशबून तारा ने कहा,"3 लोग फायरिंग करते हुए अंदर आए। इसमें से दो पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। मैं बचाने के लिए आई तो पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी दी। फिर अंश और ऋषि के साथ एक कमरे में मुझे बंद कर दिया। इसके बाद वीरेंद्र पर फायरिंग करते हुए भाग गए।"

उन्होंने आगे बताया, "फायरिंग की आवाज सुनकर पड़ोसी आए। उन्होंने हमें कमरे से बाहर निकाला।" पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र के सिर और गर्दन में गोली लगने से मौत हो गई। पत्नी खुशबून तारा ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे वीरेंद्र ठाकुर की पहली पत्नी प्रियंका का हाथ है। प्रॉपर्टी के लिए 2019 में भी उसने वीरेंद्र पर आलमबाग में हमला करवाया था।

मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने मृत ठेकेदार की दूसरी पत्नी खुशबून तारा से घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की।
मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने मृत ठेकेदार की दूसरी पत्नी खुशबून तारा से घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की।

सुरक्षा के लिए रखे तीन गार्ड भी हत्या के बाद फरार
पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि वीरेंद्र की हत्या में किसी करीबी का हाथ है। वीरेंद्र पर पहले भी हमला हो चुका था। इसके चलते उन्होंने तीन प्राइवेट सुरक्षा गार्ड रखे थे। हत्या के वक्त उन्होंने ही घर का दरवाजा खोला था। हत्या होने के बाद से तीनों सुरक्षा गार्ड भी लापता हैं। पुलिस CCTV फुटेज की मदद से संदिग्ध युवकों की तलाश कर रही है। सुरक्षा गार्ड की तलाश में भी टीम लगाई गई है।

सिविल अस्पताल में रोती बिलखती वीरेंद्र की पत्नी खुशबून तारा (मुंह कवर किए) को दिलासा देता उनका बेटा।
सिविल अस्पताल में रोती बिलखती वीरेंद्र की पत्नी खुशबून तारा (मुंह कवर किए) को दिलासा देता उनका बेटा।

शिनाख्त छिपाने के लिए DVR उखाड़ ले गए हत्यारे ज्वाइंट कमिश्ननर पुलिस यानी जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाया। इसके बाद वीरेंद्र की हत्या की। वीरेंद्र रेलवे की ठेकेदारी करते थे। हत्यारों ने अपनी पहचान छिपाने की भी कोशिश की। वे घर में लगे CCTV का DVR यानी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी उखाड़ ले गए। शूटरों की तलाश के लिए आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाली जा रही है।

पड़ोस में लगे CCTV फुटेज में दिख रहे चारों बदमाश। इन लोगों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर ठेकेदार को गोलियां मारी थीं।
पड़ोस में लगे CCTV फुटेज में दिख रहे चारों बदमाश। इन लोगों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर ठेकेदार को गोलियां मारी थीं।

बिहार पुलिस का मोस्ट वांटेड था वीरेंद्र ठाकुर
पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र रेलवे के स्टैंड के ठेके लेता था। कोलकता से लेकर यूपी तक उसके पास करोड़ों के ठेके थे। वह बिहार पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी भी था। बिहार में उसके खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज थे। लखनऊ के चारबाग स्टेशन के एक ठेके को लेकर जुलाई 2019 में उसका विवाद हुआ था।

यह वही मारुति वैन है, जिससे बदमाश आए थे। वैन को सड़क के किनारे खड़ी करके पहले एक बदमाश उतरा था।
यह वही मारुति वैन है, जिससे बदमाश आए थे। वैन को सड़क के किनारे खड़ी करके पहले एक बदमाश उतरा था।

ठेकेदार की हत्या का पूरा घटनाक्रम
वीरेंद्र की हत्या करने आए बदमाश सीसीटीवी में कैद हुए हैं। इसका फुटेज भास्कर के पास है। आप ऊपर फोटो पर लगा वीडियो क्लिक करके उसे देख सकते हैं। वारदात का पूरा घटनाक्रम एक घंटा 15 मिनट तक चला था।

दोपहर 12:32 बजे : ज्वेलर्स की दुकान के सामने मारुति ECCO आकर रुकी। 2 मिनट बाद इसमें से एक युवक निकला। उसने सफेद पैंट, टी-शर्ट और आर्मी की टोपी लगाई थी। इधर-उधर देखने के बाद वह फिर गाड़ी के पास गया।
12:35 बजे : 2 और लोग गाड़ी से निकले। उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी थी। कंधे पर बिहार पुलिस का बिल्ला था। इन्हें देखते ही दुकानदारों ने समझा कि GST टीम आ गई है। वे लोग शटर डाउन करने लगे। उधर, तीनों युवक इधर-उधर देखे बिना आगे बढ़े और वीरेंद्र ठाकुर के घर को जाने वाली गली में घुस गए।
12:50 बजे : तीनों वीरेंद्र के घर में घुस गए। परिवार को बंधक बनाकर वीरेंद्र को गोली मारी।
1:20 बजे : तीनों वापस गाड़ी में आए। गाड़ी मोड़ी और वापस कैंट इलाके की तरफ बढ़े।
1:47 बजे : गाड़ी वापस लौटी और बिना रुके तेजी से आगे बढ़ गई। पुलिस को आशंका है कि बदमाश शहीद पथ होकर भागे हैं।

2019 में भी वीरेंद्र पर हुआ था हमला
जुलाई 2019 में वीरेंद्र की हत्या के लिए उसे हनीट्रैप में फंसाया गया था। उसके विरोधी ठेकेदार ने अपनी बेटी से वीडियो कॉल करवाकर उसे हनीट्रैप में फंसाया था। इसके बाद दो लड़कियों को भेजकर उसे चारबाग के होटल में बुलाया गया। वीरेंद्र होटल पहुंचता, इसके पहले ही छोटी लाइन के पास उसे गोली मार दी गई। गोलियां उसकी रीढ़ की हड्डी में लगी और वह अपाहिज हो गया था। इस केस में पुलिस ने दो महिलाओं और गोली मारने वाले एक इंजीनियरिंग छात्र को कोलकाता से गिरफ्तार किया था।