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लखनऊ...दो बिल्डरों के ठिकानों पर CBI की छापेमारी:बैंक में बंधक सम्पत्तियों को बिना एनओसी बेचकर करीब 25 करोड़ रुपए हड़पने की आरोपी हैं इनकी कम्पनियां

लखनऊ5 महीने पहले
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को लखनऊ समेत कई जिलों में दो बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी की। इसमे मेसर्स सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक लिमिटेड (एसवीएलएल) और मेसर्स रोहतास प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। इससे पहले शुक्रवार को भी CBI ने रोहतास बिल्डर्स के ठिकानों पर छापे मारे थे।

केनरा बैंक से 24.82 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने सिद्धि विनायक और रोहतास ग्रुप के लखनऊ, अयोध्या और गाजीपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई अफसरों के मुताबिक लखनऊ में जापलिंग रोड स्थित कंपनी मालिकों के आवास व गोमतीनगर में दो गारंटर के घर छापेमारी की गयी है। यहाँ से सीबीआई ने केस से जुड़े दस्तावेज और इन्वेस्टमेंट के कागजात जब्त किए हैं। अफसरों के मुताबिक केनरा बैंक, लखनऊ के चीफ मैनेजर अजीत कुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि मेसर्स क्लेरियन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रोहतास प्रॉजेक्ट्स और उसके निदेशकों पंकज रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी, परेश रस्तोगी और दीपक रस्तोगी ने गारंटर जमुना प्रसाद रावत और अखिलेश के साथ मिलकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की साजिश रची, जिससे बैंक को करीब 24.82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

बिना एनओसी बेच दी बैंक में गिरवी प्रॉपर्टी

केनरा बैंक की ओर से दर्ज करवाई गई 24.82 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की एफआईआर में कहा गया है कि क्लेरियन टाउनशिप रोहतास ग्रुप की सिस्टर कंसर्न है। उसने क्लेरियन टाउनशिप की संपत्तियों को इंडिया बुल्स को हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के पास 21.26 करोड़ रुपये में गिरवी रखा था जिसका खाता बाद में एनपीए घोषित हो गया।

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