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OBC और SC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 149 वें दिन जारी:20 हजार पदों पर धांधली का आरोप लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब आर- पार की लड़ाई का समय आ गया है

लखनऊ9 महीने पहले
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ईको गॉर्डन में  अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 149 वें दिन जारी रहा। - Money Bhaskar
ईको गॉर्डन में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 149 वें दिन जारी रहा।

आरक्षण को लेकर लोगों को OBCअभ्यर्थियों का धरना लगातार 149 वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने अब 23 नवंबर को विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है। आरोप है कि सरकार जनरल वर्ग के लोगों को फायदा देने के लिए ओबीसी और एसी वर्ग का हक मार रही है। ईको गॉर्डन में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि अब सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। उनको लगातार आश्वासन दिया गया, उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे है। बताया जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट में भी फर्जी वाड़ा आया था। इसमें करीब 20 हजार पदों पर धांधली हुई है। प्रदर्शन करने वाले विजय यादव ने बताया कि सरकार की ओर से उनको 15 दिनों का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उनके साथ धोखा हुआ है। सरकार के लिए केवल आश्वासन देने का काम कर रहे हैं। उनकी मंशा काम कराने की नहीं लग रही है।

20 हजार नौकरी में भ्रष्टाचार हुआ है

20 हजार पद पर दूसरे वर्ग के लोगों की बहाली कर दी गई है। ऐसे में नाराज अभ्यर्थियों ने 23 नवंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। बताया कि इसकी तैयारी पूरे प्रदेश में की जा रही है। इसमें हजारों की संख्या में लोग आएंगे। नाराज अभ्यर्थी हजारों की संख्या में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि इस दौरान ईको गार्डन में धरना जारी रहेगा।

वरिष्ठ आईएएस मुकुल सिंघल के नेतृत्व में कमिटी भी बनी है, लेकिन उसने भी कुछ नहीं किया। ऐसे में अब 23 नवंबर को विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भ्रष्टाचार की वजह से 20 हजार नौकरियां अन्य वर्गों के लोगों को मिल गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की अनदेखी की वजह से भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। हम लोग मुख्यमंत्री तक को मांग पत्र भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब मजबूरन हमें सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

इन सवालों को लेकर सरकार को घेर रहे अभ्यर्थी

- 69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी को 27 प्रतिशत के स्थान पर उनके कोटे में 3.86 प्रतिशत आरक्षण क्यों?

- भर्ती में दलित वर्ग को 21 प्रतिशत के स्थान पर उनके कोटे में 16.6 % आरक्षण क्यों?