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गाजीपुर में विश्वविद्यालय बनाने की मांग:जिले के छात्र, शिक्षक और समाजसेवी लोगों ने ट्विटर पर छेड़ा अभियान, पूर्वांचल का बड़े जिलों में आता है गाजीपुर

लखनऊ8 महीने पहले
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गाजीपुर में विश्वविद्यालय को � - Money Bhaskar
गाजीपुर में विश्वविद्यालय को �

चुनावी मौसम का आगाज हो चुका है। संगठनों, युवाओं, महिलाओं, किसानों आदि के मुद्दे एक बार फिर जोर पकड़ने लगे हैं। इसी बीच पूर्वांचल से युवाओं ने एक बड़ी आवाज उठाई है। युवाओं की मांग है कि गाजीपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित की जाए। इस यूनिवर्सिटी को बनाने के पीछे युवाओं के कई तर्क हैं। यूनिवर्सिटी की मांग काफी लंबे समय से हो रही है लेकिन इसकी अनदेखी लगातार की जाती रही है। युवाओं का रोष बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस बार यूनिवर्सिटी को स्थापित किए जाने की मांग गाजीपुर के लिए सबसे बड़े मुद्दों में से एक हो सकती है। इसका नजारा भी रविवार को दिखाई दिया।

ट्विटर पर छेड़ा अभियान

जब ट्विटर पर युवाओं ने बड़ी संख्या में #gzp_needs_university हैशटैग के साथ अभियान की शुरूआत की है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा और रोजगार हमारा सबसे बड़ा मुद्दा है। गाजीपुर बड़ा जिला है। यहां के महाविद्यालय जौनपुर स्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। जब विश्वविद्यालय संबंधी कोई काम पड़ता है तो हमें करीब सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि, देखा जाए तो गाजीपुर में ही एक यूनिवर्सिटी को बनाने के जितने मानक होने चाहिएं वह सभी हैं। युवाओं ने कहा कि उनकी मांग की अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं होगी। गाजीपुर में विश्वविद्यालय बनाना ही होगा।

पूर्वांचल के चर्चित समाजसेवी बृजेश जायसवाल भी युवाओं की इस मुहिम में साथ देते हुए कहते हैं कि राजनीतिक दलों को अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर अब सोचना होगा। सांप्रदायिकता की राजनीति से किनारा करना ही होगा, क्योंकि युवा अब जाग चुके हैं। बृजेश कहते हैं कि गाजीपुर वीर शहीदों की धरती है। इस धरती से उठने वाली आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। गाजीपुर में यूनिवर्सिटी की मांग बेहद जायज है। उन्होंने बताया कि गाजीपुर में 100 से ज्यादा महाविद्यालय हैं। इन सभी की संबंद्धता वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से है। हर विद्यालय में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अगर कोई काम पड़ता है तो बच्चों को 100 किलोमीटर दूर जौनपुर जाना पड़ता है। अब आप सोचिए कि लड़के तो एक बार जाने में उनको कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन लड़कियों के सामने मुश्किलें ही मुश्किलें होतीं हैं। अभिभावकों को भी अपना समय बर्बाद करना पड़ जाता है। उसके बाद अगर दस मिनट का भी काम होता है तो कम से एक दिन तो पूरा ही लगता है।

पीजी कॉलेज का परिसर है विश्वविद्यालय से भी बड़ा

बृजेश जायसवाल कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए जिन मानकों की जरूरत होती है वो गाजीपुर में सभी हैं। महाविद्यालयों की संख्या हो या छात्र-छात्राओं की संख्या। उन्होंने दावा किया कि गाजीपुर के पीजी कॉजेल का परिसर को पूर्वांचल विश्वविद्यालय से भी बड़ा है। इसका ऐतिहासिक इतिहास भी रहा है। ऐसे में अगर सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय बनाने में उसे किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर गाजीपुर को विश्वविद्यालय मिल जाता है तो यहां के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा।

ट्विटर पर चलाया अभियान

रविवार को विभिन्न छात्र संगठनों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों की संख्या में ट्विटर पर #gzp_needs_university के अलावा कई हैशटैग चलाए जा रहे हैं। युवाओं का दावा है कि यह अभियान लगातार चलेगा। अगर मांगों की अनदेखी की गई तो हम सड़कों पर भी उतरने को बाध्य होंगे।