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TET पेपर कैंसिल होने पर भड़के परीक्षार्थियों के परिजन:गुस्साए परिजन बोले-1 महीने बाद सेम माइंड सेट से कैसे होगी परीक्षा

लखनऊ7 महीने पहले
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लखनऊ के आवासीय इंटर कॉलेज के बाहर बने केंद्र पर परीक्षार्थियों के परिजनों में भारी रोष देखा गया - Money Bhaskar
लखनऊ के आवासीय इंटर कॉलेज के बाहर बने केंद्र पर परीक्षार्थियों के परिजनों में भारी रोष देखा गया

21 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों की परीक्षा TET, में प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से प्रदेश भर के केन्द्रों में अफरा तफरी का माहौल है। राजधानी लखनऊ के तमाम केंद्रों पर परीक्षाएं निर्धारित समय से शुरू हो चुकी थी और ज्यादातर केंद्रों पर 11:00 बजे तक परीक्षाएं जारी रही। इस बीच एग्जाम कैंसिल होने की जानकारी सेंटर के बाहर खड़े उनके परिजनों तक पहुंची तो उन सभी मे भी आक्रोश दिखा। सभी ने एक सुर में इसे परीक्षार्थियों के लिए तगड़ा झटका करार देते हुए दोषियों के विरुद्ध एक्शन लेने की मांग की।

10 मिनट के अंदर आई पेपर कैंसिल होने की परीक्षा

दैनिक भास्कर ने लखनऊ के शारदा नगर के रजनी खंड इलाके के आवासीय इन्टर कॉलेज के बाहर परिजनों से बातचीत कर मामलें पर उनका पक्ष जाना। विकास कुमार दुबे अपनी पत्नी को लेकर परीक्षा दिलाने केंद्र पर पहुंचे थे, उन्होंने बताया कि परीक्षा शुरु होने के 10 मिनट के अंदर ही पेपर कैंसिल होने की खबर आ गई। इस झकझोरने वाली खबर है, हमे जो परेशानी होगी यह बयान नही किया जा सकता। भूपेश पाल कहते है कि दिक्कत बहुत होती है। अब क्या कहे ?

सरकार व पूरे सिस्टम का है फेलियर

परिजन ने जमकर साधा निशाना
परिजन ने जमकर साधा निशाना

अमित कुमार कहते हैं कि यह बीजेपी सरकार की नाकामी है प्रशासन की नाकामी है सब की लापरवाही की वजह से यह पेपर रद्द हुआ है क्या कोई यह कह सकता है कि जिस माइंडसेट से आज परीक्षार्थी एग्जाम दे रहे हैं उसी माइंडसेट से 1 महीने बाद भी देंगे।

मोरल होता है डाउन

दूर दराज के इलाके से परीक्षा केंद्र पहुंचे मयंक राणा कहते हैं पिछले 24 घंटे से भारी बैग टांग कर बमुश्किल सेंटर पर पहुंचे। पत्नी को एग्जाम दिलाने की लिए यह सब किया, पर अब सारी मेहनत बेकार गई। पहले भी कई बार ऐसा हुआ है, इससे सभी का मोरल डाउन होता है। पहले भी कई एग्जाम भी इसी कारण छूटे है, पर ठोस कार्रवाई नही होती। अब एक्शन की जरुरत है। अपनी बेटी को एग्जाम दिलाने पहुंचे सुनील यादव कहते है कि ऐसा ही हर परीक्षा में होता है, एक परीक्षा को पूरा होने में 5 साल लगता है। यह नया दस्तूर बनने लगता है।

दावे UPSC से बड़े एग्जाम के तैयारी न के बराबर

बहन का एग्जाम दिलाने आएं ऋषभ कहते हैं कि दावे थे किया यूपीएससी से बड़े स्तर की तैयारियों के साथ एग्जाम होगा पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। एडमिट कार्ड निकालने मैं भी परीक्षार्थियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कई बार सर्वर हैंग हो गया और इतनी समस्या झेल कर जब परीक्षा देने पहुंचे तब एग्जाम ही कैंसिल हो गया। यह सब कुछ फेल ही साबित हुआ।

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