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दिल्ली में PM मोदी से केशव मौर्या की मुलाकात:मुद्दा क्या रहा, लोग लगाते रहे कयास; कल मंगलवार को पीएम होंगे गोरखपुर

5 महीने पहले
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उत्तर- प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। केशव मौर्या ने इस मुलाकात की तस्‍वीरों को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया। इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल है कि मुलाकात हुई तो, आखिर बात क्या हुई?

यह सवाल इसलिए भी खास है,क्योंकि पीएम कल ही यानी मंगलवार को सीएम योगी के शहर गोरखपुर आने वाले हैं। पीएम के इस दौरे के एक दिन पहले उनसे मुलाकात कर केशव ने पीएम को क्या बताया? इसको लेकर तरह-तरह के अंदाजे लग रहे हैं।

OBC एजेंडे को धार देने की तैयारी
केशव प्रसाद मौर्या ने इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया है, लेकिन भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केशव मौर्या ने ओबीसी को लेकर अपना फीडबैक पीएम को दिया है। उत्तर-प्रदेश मे पिछड़ों की राजनीति और भाजपा का रुख को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। तमाम विपक्षी दलों ने भी पिछड़ों और केशव मौर्या को लेकर सवाल उठाया है, लिहाजा इस बार के चुनावी एजेंडा में पिछड़ों को लेकर क्या हो सकता है? इस पर बातचीत हुई हो सकती है। हालांकि, चर्चा इस बात की भी है कि केशव ने पीएम से मिलकर अपने हालिया बयानों पर सफाई भी दी है।

लखनऊ में रखा कंधे पर हाथ, नोएडा में बताया था पुराना साथी

पीएम से केशव मौर्या से आज की इस मुलाकात से करीब 17 दिन पहले DG कांफ्रेंस के लिए लखनऊ आए पीएम ने 21नवंबर को वापस लौटते वक्त केशव मौर्या के कंधे पर हाथ रख बात की थी। केशव ने एयरपोर्ट की उस तस्वीर को भी शेयर किया था। उसके बाद 4 दिन बाद 25 नवंबर को नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर पीएम ने केशव को पुराना साथी बताया और मंच पर साथ खड़ा भी किया। इसके करीब10 दिन बाद आज दिल्ली में दोनों की मुलाकात हुई है।

अपने बयान को लेकर आजकल सुर्खियों में हैं केशव मौर्या

अपने बयानों को लेकर केशव प्रसाद मौर्या लगातार सुर्खियों में हैं। पिछले हफ्ते एक ट्वीट कर केशव ने नया विवाद खड़ा कर दिया था। मौर्या ने ट्वीट कर कहा था, 'अयोध्या-काशी भव्य मंदिर निर्माण जारी है, मथुरा की तैयारी है'। केशव मौर्या के इस ट्वीट पर काफी विवाद हुआ। राजनीतिक दलों से लेकर सोशल मीडिया तक यह मुद्दा छा गया था। इसके बाद डिप्‍टी सीएम ने पिछली सरकार के कार्यकाल में खराब कानून-व्यवस्था के लिए अल्पसंख्यकों पर आरोप लगाते हुए लुंगी और जालीदार टोपी का बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि योगी सरकार ने लुंगी और टोपी वाले गुंडों को करारा जवाब दिया है।

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