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सहारनपुर में बुलडोजर ड्राइवर के साथ 2 घंटे:16 साल में 20 घरों को गिरा चुके हैं फैजल, 2013 में बुलडोजर चलाने पहुंचे तो लोगों ने मारे पत्थर

सहारनपुर3 महीने पहलेलेखक: देवांशु तिवारी
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10 जून को सहारनपुर में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 102 में से 2 आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला। बवाल के एक हफ्ते बाद शहर का माहौल शांत है, लेकिन सहारनपुर नगर निगम की वर्कशॉप में हलचल बढ़ गई है। हम वर्कशॉप पहुंचे तो यहां लाइन से 3 बुलडोजर खड़े हुए थे। कुछ लोग इनमें ऑयलिंग कर रहे थे, कुछ इन्हें साफ कर रहे थे। इस दरमियान हमारी मुलाकात बुलडोजर ड्राइवर फैजल से हुई।

सहारनपुर शहर के रहने वाले फैजल 2006 से नगर निगम में बुलडोजर चला रहे हैं। 16 साल के वर्किंग पीरियड में वो 20 घरों को गिरा चुके हैं। हमने फैसल के साथ वर्कशॉप में करीब 2 घंटे बिताए। उन्होंने हमें अपने काम के बारे में बहुत कुछ बताया। चलिए बारी-बारी उनसे गुजरते हैं। लेकिन इससे पहले हमारे इस पोल का हिस्सा बन सकते हैं...

2 मंजिला इमारत गिराने में लगते हैं केवल 15 मिनट
फैजल बताते हैं, "नगर निगम में काम करते हुए हमें करीब 16 साल हो गए हैं। मैं सहारनपुर में ही रहता हूं। मेरे घर पर 10 लोग रहते हैं। यहां काम करते हुए मैं अभी तक 15 से 20 इल्लीगल घरों को गिरा चुका हूं। 2 मंजिला इमारत गिराने में 15-20 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता है।

'किसी का घर गिराना अच्छा नहीं, लेकिन हर गलती की सजा तो मिलती ही है'
फैजल कहते हैं, "एक मकान खड़ा करने में आदमी की पूरी जिंदगी की मेहनत खप जाती है। लेकिन उसे गिराने में 15 मिनट का टाइम भी नहीं लगता। अपना घर गिरता हुआ देख जब लोग रोते हैं, तो हमारा भी गला भर जाता है। अच्छा तो नहीं लगता है किसी का घर गिराना। लेकिन लोगों को भी सोचना चाहिए कि गलत तरीके से बनाया गया घर आगे चलकर गिराया जा सकता है।"

फैजल सहारनपुर नगर निगम में आउट सोर्स ड्राइवर हैं।
फैजल सहारनपुर नगर निगम में आउट सोर्स ड्राइवर हैं।

2013 में बिल्डिंग गिराने पहुंचे फैजल को लोगों ने पत्थरों से मारा
फैजल ने बताया, "2013 में हम सहारनपुर के मानकमऊ इलाके में हम एक अवैध बिल्डिंग गिराने पहुंचे थे। मुझे याद है उस दिन अधिकारियों ने पहले अनाउंसमेंट किया था कि बिल्डिंग को खाली कर दिया जाए। इस पर वहां खड़े लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच कुछ लोग पत्थर चलाने लगे। तभी किसी ने पीछे से मुझे पत्थर मार दिया था। ये पत्थर मेरी दाहिनी आंख के पास लगा था। इसका निशान आज भी है।"

2 टाइप के होते हैं बुलडोजर ड्राइवर
फैजल के मुताबिक, नगर निगम में दो तरह से ड्राइवर हैं। एक परमानेंट और दूसरे आउट सोर्सिंग ड्राइवर। दोनों तरह के ड्राइवर्स को मंथली पेमेंट किया जाता है। आउट सोर्सिंग ड्राइवरों की सैलरी पर्मानेंट ड्राइवरों से कम होती है। उन्हें हर दिन से हिसाब से 366 रुपए मिलते हैं। फैजल नगर निगम में आउट सोर्सिंग ड्राइवर हैं।

सहारनपुर नगर निगम की वर्कशॉप में खड़े बुलडोजर।
सहारनपुर नगर निगम की वर्कशॉप में खड़े बुलडोजर।

सहारनपुर नगर निगम के पास हैं 5 हैवी JCB बुलडोजर
सहारनपुर नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर यानी CSI इंद्रपाल कहते हैं, "नगर निगम के पास मौजूदा समय में 5 हैवी JCB बुलडोजर हैं और 2 मिली लोडर हैं। हमारे पास 101 ड्राइवर हैं। इसमें 8 परमानेंट हैं और 93 आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे हैं। परमानेंट ड्राइवर की सैलरी ग्रेड-C यानी की 40 से 50 हजार होती है और आउट सोर्सिंस पर रखे गए ड्राइवर्स को प्रतिदिन 366 रुपए के अलाउंस पर रखा जाता है।"

10 जून के हिंसक प्रदर्शन में शामिल 2 मख्य आरोपियों के घर गिराए गए
सहारनपुर में 10 जून को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 62 फुटा रोड के मुजम्मिल और खाताखेड़ी के अब्दुल बासित को मुख्य आरोपी माना गया है। दोनों के घरों पर 11 जून को बुलडोजर कार्रवाई हो चुकी है। SP सिटी राजेश कुमार का कहना हैं कि प्रशासन अपना काम कर रहा है। आगे भी बुलडोजर चलेगा। जिनके मकान हमें अवैध मिलेंगे, वो भी तोड़े जाएंगे।"

तस्वीर के लेफ्ट साइड वाला मकान अब्दुल का है और राइट साइड वाला मुजम्मिल का।
तस्वीर के लेफ्ट साइड वाला मकान अब्दुल का है और राइट साइड वाला मुजम्मिल का।
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