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मायावती ने 30 जून को बुलाई बैठक:लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद बसपा की समीक्षा, 2024 में दलित-मुस्लिम फैक्टर पर रहेगा फोकस

लखनऊ3 महीने पहले
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विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के प्रबुद्ध सम्मेलन का समापन लखनऊ में 7 दिसंबर 2021 को हुआ था। यह तस्वीर उसी समय की है। - Money Bhaskar
विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के प्रबुद्ध सम्मेलन का समापन लखनऊ में 7 दिसंबर 2021 को हुआ था। यह तस्वीर उसी समय की है।

रामपुर और आजमगढ़ में हुए लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद बसपा अब समीक्षा करेगी। लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर 30 जून को मायावती ने बैठक बुलाई है। इसमें प्रदेश के मंडलवार पदाधिकारी शामिल होंगे। 2019 में सपा गठबंधन के साथ उत्तर प्रदेश में 10 सीटें जीतने वाली बसपा, 2024 के मिशन के लिए मुस्लिम-दलित फैक्टर पर फोकस करेंगी।

2019 में लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। 40 सीटों पर बसपा ने चुनाव लड़ते हुए 10 सीटें जीती थी।
2019 में लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। 40 सीटों पर बसपा ने चुनाव लड़ते हुए 10 सीटें जीती थी।

दलित-मुस्लिम फैक्टर के साथ वोट की समीक्षा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हर बार के चुनाव में देखने को मिलते हैं। आजमगढ़ और रामपुर चुनाव में जिस तरीके से जातीय फैक्टर का असर देखने को मिला। जातीय फैक्टर का बिखराव होने की वजह से समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाली आजमगढ़-रामपुर लोकसभा सीट बसपा और सपा को गंवानी पड़ी। बसपा 2019 के चुनाव के परिणाम और वोट के प्रतिशत के साथ 2024 की तैयारियों में लोकसभा उपचुनाव के बाद जुट गई है।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने यूपी में 22 प्रबुद्ध सम्मेलन किया था।
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने यूपी में 22 प्रबुद्ध सम्मेलन किया था।

प्रबुद्ध सम्मेलन की रिपोर्ट को बसपा ने नकारा
2022 के विधानसभा चुनाव में सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में प्रदेश के सभी मंडलों में 22 प्रबुद्ध सम्मेलन किए गए थे। 2022 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद मायावती ने सम्मेलन की समीक्षा रिपोर्ट को नकार दिया। बसपा सूत्र बताते हैं कि मायावती ने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में कहा है कि 2022 के चुनाव में प्रबुद्धजन सम्मेलन करने के बावजूद भी बसपा को वोट नहीं मिला। इसको लेकर बैठक और सम्मेलन किए गए थे।

जातीय समीकरण से कैंडिडेट तलाशने के निर्देश
बसपा प्रमुख 30 जून को होने वाली बैठक में अभी से उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार तलाशने और जातीय समीकरण के साथ रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश देंगी। बसपा द्वारा उम्मीदवार की तलाश के लिए नए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी बैठक में की जाएगी।